ये 'बिहारी बाबू' ही थे, जिन्होंने हर मंच पर पीएम मोदी से पूछे तीखे सवाल
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'बिहारी बाबू' शत्रुघ्न सिन्हा, आज औपचारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गए। भाजपा में उन्हें कई बातों के लिए याद रखा जाएगा। वे पहले ऐसे नेता थे, जो भाजपा में रहते हुए पीएम मोदी की खुलकर आलोचना करते रहे। ममता बनर्जी की कोलकाता रैली में जहां तमाम विपक्षी दलों के नेता बैठे थे, वहां सिन्हा ने राफेल के मुद्दे पर 'चौकीदार चोर है' का नारा तक दोहरा दिया था। मोदी ने एक एजेंसी को जब साक्षात्कार दिया तो सिन्हा ने बनावटी कहकर उसकी आलोचना की थी।
भाजपा में शत्रुघ्न सिन्हा को लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे नेताओं का हनुमान कहा जाता था। जब से ये नेता पार्टी में साइडलाइन हुए हैं, सिन्हा किसी न किसी मंच से इनका जिक्र करते रहे हैं। कोलकाता रैली में शत्रुघ्न सिन्हा जब राफेल को लेकर मोदी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे थे तो उन्होंने इन सभी नेताओं का नाम लिया। उन्होंने कहा कि मोदी ने नोटबंदी की घोषणा कर दी। यह कदम उन्होंने किससे पूछकर उठाया। ये पार्टी का फैसला भी नहीं था।
अगर पार्टी में इस पर चर्चा होती तो आडवाणी, जोशी, शौरी, यशवंत सिन्हा को और मुझे पता होता। लोग तो यह भी कहते हैं कि वित्तमंत्री को भी नोटबंदी का नहीं पता था। इसी तरह शत्रुघ्न सिन्हा ने बालाकोट एयर स्ट्राइक को लेकर मोदी पर निशाना साध दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को उसकी जानकारी देने में गुरेज क्यों है। जब किया है तो लोगों को बता दो।
राफेल मुद्दे पर सिन्हा ने कहा, मोदी क्यों छिपा रहे हैं। जब वे कुछ छिपाते हैं तो जनता सवाल पूछेगी ही। लोग तो कहेंगे ही कि चौकीदार चोर है। डील में इतना घाटा हो रहा है और मोदी कह रहे हैं कि कोई सवाल न करे। 126 की जगह 36 राफेल क्यों लिए, तीन गुना ज्यादा दाम किसलिए और एचएएल को टेंडर क्यों नहीं दिया, इन सवालों का जवाब लोग मांग रहे हैं। मोदी इन सवालों से दूर क्यों भाग रहे हैं। जीएसटी को लेकर भी सिन्हा ने मोदी पर हमला बोला था। कहा, लोगों के धंधे चौपट हो रहे हैं। अभी तक इसमें संशोधन पर संशोधन हुए जा रहे हैं। बिना सोच समझे जब कोई फैसला लागू किया जाता है तो उसका नतीजा यही होता है।
बाद में यह दावा किया गया कि देश के 90 फीसदी लोग इस फैसले के समर्थन में हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे प्रायोजित और स्वार्थवश रायशुमारी का नाम दिया था। उन्होंने कहा कि लोग मूर्खों की दुनिया में जीना बंद करें। लोगों को हो रही तकलीफों को समझें। बुरे वक्त में मां-बहनों द्वारा जमा की गई गाढ़ी कमाई को काले धन से न जोड़ें।
मोदी के काफिले से ट्रैफिक जाम होता है: सिन्हा
पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी सीआईएसएफ के स्थापना दिवस समारोह पर नोएडा गए थे। वे जिन मार्गों से गुजरे, वहां रूट लगा था। वाहन चालकों को दिक्कत हुई। शत्रुघ्न सिन्हा ने इसी बात को लेकर मोदी पर एक बार फिर निशाना साध दिया। कहा, मोदी वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उनके काफिले से आम लोगों को परेशानी होती है।
मोदी ने जब अपना पहला साक्षात्कार दिया तो सिन्हा ने उसे बनावटी बताते हुए कहा, मोदी को प्रेसवार्ता करने में क्या परेशानी होती है। जब उन्होंने देश का भला किया है तो वे प्रेस में आकर अपनी बात क्यों नहीं रखते। नोटबंदी पर पीएम नरेंद्र मोदी की रायशुमारी पर सिन्हा ने सवाल खड़े कर दिए थे। मोदी ने एक एप के जरिए लोगों से नोटबंदी पर दस सवाल पूछे थे।