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लोकसभा चुनाव 2019: खास बातचीत में बोले अमित शाह, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद में नहीं कोई विरोध

Tue, 02 Apr 2019 07:22 PM IST
Prabudhh Jain इंदुशेखर पंचोली
इंदुशेखर पंचोली Published by: Prabudhh Jain Updated Tue, 02 Apr 2019 07:22 PM IST
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Lok Sabha elections 2019: Read the full text of Amit shah exclusive interview here
अमित शाह से विशेष बातचीत - फोटो : Amar Ujala

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि चुनाव में जनता को फैसला करना है कि उन्हें कैसी सरकार चाहिए? आतंक और आतंकियों को कुचलने वाली या फिर उनसे बातचीत करने वाली। ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में शाह ने कई सवालों के खुलकर जवाब दिए। अमित शाह ने इस खास बातचीत में कहा कि यूपी में कांग्रेस अब किसी का नुकसान या खुद का फायदा करने की स्थिति में नहीं रह गई, अमेठी में भी कांग्रेस अब संकट में है। स्मृति ईरानी वहां पर सांसद राहुल गांधी से ज्यादा लोगों से संपर्क में रही हैं। अहमदाबाद में नामांकन से एक दिन पहले अमित शाह से डॉ. इन्दुशेखर पंचोली ने कई ज्वलंत व सामयिक मुद्दों पर चर्चा की। पेश हैं लंबी बातचीत के खास अंश।

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कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना का कितना असर होगा?
अमित शाह: नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया व मनमोहन के बाद राहुल गांधी भी गरीबी हटाओ का नारा दे रहे हैं। यह परिवार सिर्फ नारे दे सकता है। गरीबी हटाने का काम सही मायने में मोदीजी ने किया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान सम्मान योजना लेकर आए।

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विपक्ष ए-सैट पर राजनीति का आरोप लगा रहा?
अमित शाह: वैज्ञानिकों ने देश के लिए जो उपलब्धि हासिल की है, उसकी सराहना के बजाय राजनीति का आरोप लगाना विपक्ष के लिए ही घातक होगा। ए-सैट पर पूरा देश गर्व कर रहा है। समझ नहीं आता कि राहुल को इस गौरव की अनुभूति क्यों नहीं हो रही।
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राम मंदिर पर कुछ ठोस क्यों नहीं कर पाए?
अमित शाह: राम जन्मभूमि पर देश की सबसे बड़ी अदालत विचार कर रही है। मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि भव्य राम मंदिर के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है। अगर मध्यस्थता से कोई मार्ग निकलता है तो अच्छा है, वरना केस आगे चलेगा।

यूपी में कांग्रेस कितनी बड़ी चुनौती है?
अमित शाह: अब कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं है कि वह किसी का फायदा या नुकसान कर सके।

और प्रियंका?
अमित शाह: प्रियंका वाड्रा 12 साल से प्रचार कर रही हैं और कांग्रेस हार रही है।

यूपी में क्या नतीजे होंगे?
अमित शाह: यूपी में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सबसे ज्यादा है। यूपी की जनता उनके पक्ष में है। यूपी में विकास के लिए हमने बहुत काम किया है। नमामि गंगे से लेकर सीवरेज प्लांट व नेशनल हाईवे तक के लिए।

भाजपा के क्या मुद्दे होंगे?
अमित शाह: सुरक्षा, विकास, गरीबों का कल्याण, दुनिया की 5 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना, देश के गौरव को स्थापित करना। सबसे बड़ा मुद्दा यह कि देश किसके नेतृत्व में चलेगा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश भरोसा करता है।

एनडीए में बिखराव है?
अमित शाह: कोई बिखराव नहीं है। आज सब साथ खड़े हैं। अब तो पिछले चुनाव से बड़े आकार के साथ मैदान में हैं।

अब राजनीति फिजिक्स नहीं, केमेस्ट्री, सपा-बसपा में से एक तो शून्य होगा

Lok Sabha elections 2019: Read the full text of Amit shah exclusive interview here
अमित शाह ( फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

प्रचार में नोटबंदी-जीएसटी क्यों नहीं?
अमित शाह: बिल्कुल है। देश का वित्तीय अनुशासन लाने में नोटबंदी-जीएसटी का महत्वपूर्ण योगदान है। जीएसटी के लिए तो कांग्रेस ने दुष्प्रचार किया। मोदी जी ने तो छोटे व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की छूट देकर बड़ी राहत दी है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का दो टूक कहना है कि मोदी सरकार के कारण जातिवाद, वंशवाद और तुष्टिकरण की राजनीति खत्म हो चुकी है। अब परफॉर्मेंस की राजनीति का दौर शुरू हुआ है। इसलिए यह चुनाव विकास और राष्ट्रीय गौरव का चुनाव बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके स्वाभाविक प्रतीक हैं। शाह ने यूपी में सपा-बसपा गठबंधन पर कहा कि सियासत फिजिक्स नहीं होती, केमेस्ट्री होती है। कभी-कभी एक जमा एक दो नहीं होते, बल्कि एक को शून्य होना पड़ता है। देख लीजिएगा, इस चुनाव में भी सपा-बसपा में से कोई एक शून्य हो जाएगा। 

इस चुनाव में भाजपा के मुद्दे?
अमित शाह: सबसे बड़ा मुद्दा तो यही है कि देश किसके नेतृत्व में चलेगा? देश की सुरक्षा, विकास, गरीबों का कल्याण, अर्थव्यवस्था, दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में हमारा शामिल होना, दुनिया में देश के गौरव को स्थापित करना और अगले 10-15 साल में विश्व में एक महाशक्ति बनकर उभरना, यह सारी बातें नेतृत्व के साथ जुड़ी हैं। मैं मानता हूं कि अगला चुनाव इन्हीं मुद्दों पर होने जा रहा है। आज भारत जिस मुकाम पर खड़ा है, पूरी दुनिया उसे ग्लोबल लीडर के तौर पर देखना चाहती है। नरेंद्र मोदी, इसके स्वाभाविक प्रतीक बनकर उभरे हैं। देश उन पर भरोसा करता है।

पांच साल का काम, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद, मुद्दे नहीं हैं?
अमित शाह: इनमें कोई अंतर्विरोध नहीं है। तीनों समानांतर रूप से और ठीक से चल सकते हैं। देश ने हमारे राष्ट्रवाद की परंपरा को देश ने स्वीकार किया है।

एनडीए के सहयोगियों को साथ रख पाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कहा जाने लगा कि भाजपा मित्रता रखना नहीं जानती है?
अमित शाह: अंततोगत्वा आज सब साथ खड़े हैं ना। महागठबंधन के मुकाबले हमारा गठबंधन ज्यादा बेहतर, सफल और स्वाभविक है। हमारे गठबंधन में कोई बिखराव नहीं है। तमिलनाडु और बिहार मिलाकर, पिछले चुनाव से बड़े आकार के साथ हम चुनाव मैदान में हैं।

2014 की तुलना में 2019 में एनडीए को कैसा देखते हैं?
अमित शाह: 2014 में छह राज्यों में हमारी सरकारें थीं, आज 16 में हैं। तब हमारे दो करोड़ कार्यकर्ता थे, आज 11 करोड़ हैं। 2014 में हम कहते थे कि हम यह करेंगे। आज हम कहते हैं कि हम यह करके आए हैं। साथ ही, नए लक्ष्य भी तय करके चुनाव में जा रहे हैं। 2014 से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा इस बार चुनाव में आगे बढ़ रही है।

बिहार में कई सिटिंग सीटें गठबंधन के कारण छोड़नी पड़ीं, क्या इसमें कोई नुकसान देखते हैं?
अमित शाह: ऐसा नहीं है। 2014 के बाद विधानसभा का चुनाव हुआ। विधानसभा चुनाव में साथियों की जो स्थिति बनी, जो जनादेश मिला, उसके हिसाब से हमें कुछ ज्यादा सीटें मिली हैं। लोकतंत्र में जनादेश को स्वीकारना ही चाहिए।

हम जाति नहीं, पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस के आधार पर आगे बढ़े

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अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

पं. दीनदयाल उपाध्याय ने जौनपुर सीट इसलिए हारना पसंद किया क्योंकि वे ब्राह्मण बनकर चुनाव नहीं जीतना चाहते थे। लेकिन, अब भाजपा में इतने जातीय चेहरे और जातीय एजेंडे हावी हैं?
अमित शाह: यह जातीय नेतृत्व का सवाल नहीं है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में हम किसी भी नेता और जाति को प्रोजेक्ट किए बगैर 325 सीटें जीत कर आए। विधानसभा चुनावों में तो हमने किसी भी नेता को प्रोजेक्ट नहीं किया। मोदी के नेतृत्व में और उनके कामों के आधार पर हम चुनाव लड़े। जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण, राजनीति के ये तीनों नासूर कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार के कालखंड में देश को मिले। तीनों को खत्म करके मोदी सरकार पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस- विकास की राजनीति की दिशा में आगे बढ़े हैं और जनता से इसे ही स्वीकार किया है।

एससी-एसटी एक्ट पर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आप अध्यादेश लाए? मध्यप्रदेश-राजस्थान के विधानसभा चुनाव में इससे नुकसान हुआ?
अमित शाह: इस नजरिए से नहीं देखना चाहिए। पहले से कानून बना था। आज भी वही कानून है। सरकार ने पूर्ववत स्थिति बहाल की। और जहां तक सवर्ण वर्ग का सवाल है, हमने उन्हें दस प्रतिशत आरक्षण देकर सवर्ण समाज के गरीब बच्चों को ऐतिहासिक न्याय देने का काम किया है। मैं मानता हूं कि यह इस वर्ग के बच्चों का अधिकार था।

चुनाव से ठीक पहले, उच्च शिक्षा में आपने 13 पॉइंट रोस्टर निष्प्रभावी कर 200 पॉइंट रोस्टर बहाल करने की जरूरत क्यों आई?
अमित शाह: 
यह भी पूर्ववत स्थिति है। कोई नया फैसला नहीं है।

नोटबंदी और जीएसटी, भाजपा के चुनाव प्रचार में क्यों नहीं हैं?
अमित शाह: बिलकुल हैं। हम जब कहते हैं कि हम देश में वित्तीय अनुशासन लाने में सफल रहे, तो इसमें नोटबंदी और जीएसटी का बड़ा योगदान है। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि जीएसटी के लिए कांग्रेस ने कुप्रचार किया है। जीएसटी कौंसिल की जितनी भी बैठकें हुईं, सभी फैसले सभी दलों की सरकारों की सर्वसम्मति से हुए। जब कांग्रेस कौंसिल से बाहर राजनीति करती है, तो उसे जवाब देना चाहिए कि उसके मुख्यमंत्री जीएसटी कौंसिल में क्या कर रहे थे? और आज 40 लाख तक के टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों को मोदीजी ने बड़ी राहत दी है इन व्यापारियों को अब जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है।

राहुल गांधी ने न्यूनतम आय योजना का एलान किया है। कितना असर होगा इसका?
अमित शाह: देखिए, जवाहरलाल नेहरू ने गरीबी हटाने का एलान किया था, इंदिराजी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था, राजीव जी ने भी इसे आगे बढ़ाया, सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने भी यही नारा दिया। अब राहुल गांधी भी नारा दे रहे हैं। इस परिवार का काम ही है, नारा देना। मोदीजी ने सही मायने में गरीबी को हटाने का काम किया है। सत्तर साल की आजादी के बाद आज सात करोड़ गरीब महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर मिला है, 2.35 करोड़ लोगों के घरों में बिजली पहुंची है। ढाई करोड़ को पीएम आवास मिले हैं। आठ करोड़ घरों में शौचालय बनाए गए। 50 करोड़ गरीबों के पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य का खर्च सरकार आयुष्मान भारत योजना में दे रही है। गरीबों के जीवन में परिवर्तन लाने वाले यह काम मोदी सरकार ने किए हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ही गरीबी उन्मूलन के लिए सही तरीके से काम हुआ और यह काम लोगों तक, जमीन तक पहुंचा है। नारे देने से कुछ नहीं होता है, यह तो बहुत सरल है। कांग्रेस ने किसानों केकर्ज माफ करने का वादा किया, लेकिन 10 प्रतिशत किसानों का कर्ज माफ नहीं कर पाए। कांग्रेस का काम है वादे करना, भाजपा काम करती है।

‘न्याय’ क्या किसान सम्मान योजना का जवाब है?
अमित शाह: इसे किसी के जवाब के रूप में न देखें। हमने ठोस काम किया है। किसान सम्मान योजना हमारे घोषणापत्र में किया गया वादा नहीं था। हमें लगा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह जरूरी है, तो हमने किया। इसमें वादे की क्या जरूरत?

ए-सैट पर देश गौरव कर रहा, पता नहीं राहुल क्यों नहीं कर पा रहे

Lok Sabha elections 2019: Read the full text of Amit shah exclusive interview here
अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

राहुल गांधी और विपक्ष आप पर पुलवामा हमले, एयर स्ट्राइक और अब ए-सैट पर राजनीति करने का आरोप लगाते हैं?
अमित शाह: देखिए, मैं देश की जनता को इतना ही बताना चाहता हूं कि चुनाव में फैसला करना है कि उन्हें कैसी सरकार चाहिए? आतंकवादी हमला करता है तो वह उसका जवाब दे, आतंकियों और आतंक को कुचले? या उनसे बातचीत करे, ऐसी सरकार चाहिए। जब भी आतंकियों ने देश पर हमला किया, चाहे उरी हो या पुलवामा, नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकियों को दंडित किया है। मैं मानता हूं कि आतंकियों से निपटने की यही सही पद्धति है। अब तक दुनिया में दो ही देश ऐसे थे जो अपने सैनिकों की शहादत का बदला लेते थे, अमेरिका और इजराइल। अब मोदीजी के साहसी कदम के कारण भारत का नाम इस सूची में शामिल हुआ है। और वैज्ञानिकों ने जो उपलब्धि ए-सैट के रूप में हासिल की है, उसकी सराहना करने के बजाय राजनीति का आरोप लगाना, उनके लिए ही घातक होगा। आज हम इस क्षेत्र में विश्व के चौथे देश बन गए हैं, पूरा देश गौरव कर रहा है। मुझे समझ नहीं आता कि इस गौरव की अनुभूति राहुल गांधी क्यों नहीं कर पा रहे?

केंद्र और राज्य, दोनों जगह सरकार होने के बावजूद राम मंदिर पर ठोस क्यों नहीं कर पाए?
अमित शाह: ऐसा नहीं है, आप भी जानते हैं कि राम जन्मभूमि का मसला अदालत में है। देश की सबसे बड़ी अदालत इस पर विचार कर रही है, हाईकोर्ट में राम मंदिर के पक्ष में फैसला आ चुका है, बाकी न्यायिक प्रक्रिया चल रही है। मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि उसी स्थल पर भव्य राम मंदिर बने, इसके लिए भाजपा प्रतिबद्ध है। बल्कि मैं कांग्रेस, सपा और बसपा से पूछना चाहूंगा कि क्या आप चाहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बने? उन्हें देश के सामने स्पष्ट कहना चाहिए।

मध्यस्थता से हल संभव है?
अमित शाह: देखिए यह कोर्ट का आदेश है, मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन यह ठीक है कि कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए आठ हफ्ते का निश्चित समय दिया है। मार्ग निकलता है, तो अच्छा है, वरना केस आगे चलेगा।

राम मंदिर मुद्दे पर कुछ ठोस न हो पाने से संघ नाराज है?
अमित शाह: ऐसा भी नहीं है। 42 एकड़ जमीन जो कांग्रेस सरकार ने अधिग्रहित की थी, मोदी सरकार ने वह वापस देने का फैसला किया है। रामजन्म भूमि न्यास को यह भूमि दी जाएगी। यह बहुत बड़ा कदम है, मंदिर बनाने की दिशा में।

अनुच्छेद 370 व समान नागरिक संहिता हमारे घोषणा पत्र में होंगे

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अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

अनुच्छेद 370 और 35-ए, समान नागरिक संहिता से भाजपा ने मुंह मोड़ लिया है?
अमित शाह: जरा भी नहीं। आज भी यह हमारे मुद्दे हैं। संसद में इसके लिए बहुमत चाहिए। इस बार भी ये मुद्दे हमारे घोषणापत्र का हिस्सा होंगे, हम इन्हें जनता के सामने लेकर जाएंगे। साथ ही, मोदी सरकार ने चरणबद्ध ढंग से कदम उठाकर अरसे बाद कश्मीर के लिए सही नीति बनाई है। अलगाववादियों की सुरक्षा हटाना, जमात-ए-इस्लामी और जेकेएलएफ पर प्रतिबंध, अलगाववादियों की आर्थिक गतिविधियों की जांच करना, उन्हें विदेश से मिल रही मदद के लिए जिम्मेदारों पर केस दायर करना, ये सारे आतंकियों और अलगाववादियों को अलग-थलग करने वाले कदम हैं। सरकार उनसे सख्ती से निपट रही है।

इस बार मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट देंगे?
अमित शाह: भाजपा हिंदू-मुसलमान के आधार पर टिकट नहीं देती। भाजपा कार्यकर्ता का सम्मान, उसकी वरिष्ठता और निष्ठा को देखा जाता है। जीतने की संभावना देखी जाती है, हिंदू मुसलमान कोई आधार कभी नहीं रहा।

भाजपा अब तक अल्पसंख्यकों का भरोसा नहीं जीत पाई?
अमित शाह: मुझे ऐसा नहीं लगता। करोड़ों महिलाओं को रसोई गैस सिलेंडर पहुंचे हैं, उनमें अल्पसंख्यक भी शामिल हैं। बल्कि वहां गरीबी ज्यादा है, इसलिए ज्यादा लाभ पहुंचा है। जिन्हें घर मिले हैं, शौचालय मिले हैं, सभी में आनुपातिक रूप से अल्पसंख्यक अधिक हैं। पहली बार उन्हें यह अहसास हो रहा है कि कोई उनकी चिंता करता है। करोड़ों अल्पसंख्यक महिलाओं को लगता है कि मोदीजी के कारण तीन तलाक मिटा है और हमें अधिकार मिला है।

मुस्लिम महिलाएं आपको वोट देंगी?
अमित शाह: तीन तलाक का मसला महिलाओं की समानता और अधिकार का प्रश्न है। इसे वोट या वोट बैंक के साथ नहीं देखना चाहिए। अगर शासन मानता है कि संविधान की भावना के तहत सभी महिलाओं को समानता का अधिकार मिलना चाहिए तो यह मुस्लिम महिलाओं को क्यों नहीं मिलने चाहिएा? यह बुनियादी सवाल है। हम इसे वोट की दृष्टि से नहीं देखते।

इस चुनाव में कितनी सीटों की उम्मीद कर रहे हैं?
अमित शाह: मैं मानता हूं कि हमें भाजपा और एनडीए, दोनों की दृष्टि से 2014 से बेहतर परिणाम मिलेंगे। दोनों की संख्या बढ़ेगी। सीटों का अभी आकलन नहीं हो सकता क्योंकि चुनाव बाकी हैं। भाजपा कार्यकर्ता आत्मविश्वास के साथ मैदान में हैं। 

दक्षिण, पूरब और पूर्वोत्तर से क्या उम्मीद है?
अमित शाह: भाजपा ने बीते पांच वर्ष में पूरब और पूर्वोत्तर राज्यों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारी सरकारें बनी हैं। कई जगह हम चौथे नंबर से दूसरे नंबर की पार्टी बने हैं। कई जगह तीसरे से दूसरे पर आए। मुझे लगता है कि इस चुनाव में यहां भाजपा को बड़ा फायदा होने की संभावना है। दक्षिण में भी हम अपनी स्थिति को मजबूत करेंगे।

पूर्वोत्तर में नागरिकता विधेयक की वजह से आपके ही सहयोगी नाराज थे, कुछ नुकसान?
अमित शाह: वे सभी आज हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।

असम में आपने चार टिकट काटे हैं? एंटी इनकम्बेंसी की वजह से?
अमित शाह: कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी में बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हमारी पार्टी में चुनाव नहीं लड़ने से कार्यकर्ता खत्म नहीं हो जाता। हमारे यहां संगठन का बड़ा महत्व है और जो संगठन का कार्य करते हैं, वे चुनाव लड़ने वालों के बराबर ही प्रासंगिक रहते हैं।

यूपी के विकास के लिए मोदी सरकार ने यूपीए से तीन गुना ज्यादा रकम दी

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अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

उत्तर प्रदेश में आप क्या नतीजे देखते हैं?
अमित शाह: यूपी में हम ज्यादा मजबूत होंगे। मोदीजी ने यूपी के विकास के लिए बहुत कुछ किया है। वे स्वयं यूपी से जीतकर आते हैं। इन 5 वर्ष में भाजपा सरकार ने यूपी को 10 लाख 27 हजार 323 करोड़ रुपये दिए हैं। यह यूपीए के अंतिम पांच वर्ष में दिए 3 लाख 30 हजार 807 करोड़ से करीब तीन गुना है। गोरखपुर में यूरिया प्लांट, वाराणसी और पश्चिमी यूपी में नेशनल हाइवे, आवास योजना के तहत 13 हजार करोड़, रेलवे के तहत 36 हजार करोड़, नमामि गंगे में चार हजार करोड़, गंगा सीवरेज प्लांट के लिए 7400 करोड़, लखनऊ मेट्रो को 4880 करोड़ रुपये दिए हैं। सभी जगह काम किया है। करीब चार करोड़ लोग किसी न किसी योजना के व्यक्तिगत लाभार्थी हैं, ये बड़ी उपलब्धि है। यूपी ने पहली बार महसूस किया है कि समावेशी और सर्वांगीण विकास किस तरह हो सकता है। यूपी की जनता प्रधानमंत्री के समर्थन में है। आजादी के बाद देश के किसी भी अन्य नेता की तुलना में यूपी में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सबसे ज्यादा है। इसका फायदा भाजपा को स्वभाविक रूप से होगा।

यूपी सरकार कैसा काम कर रही है?
अमित शाह: यूपी सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। सबसे पहले तो अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश बनाने का काम किया। दंगे खत्म हुए, गुंडे खुद सरेंडर कर रहे हैं, 2016 की तुलना में डकैती में 43 फीसदी, फिरौती में 33 फीसदी व लूट की वारदातों में 22 फीसदी की कमी आई है। करीब 7700 भगौड़े अपराधियों ने सरेंडर किया है। एंटी भू-माफिया और एंटी रोमियो स्क्वॉयड ने जनता का विश्वास जीता है। इसके अलावा गेहूं और धान की शत-प्रतिशत खरीद हुई। बिचौलियों के बगैर किसानों के खातों में पैसा गया है। ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना में पारंपरिक उद्योगों को योगी सरकार ने फिर से जीवित किया। डिफेंस कॉरिडोर, रोजगार बढ़ाने जा रहा है। कुंभ का सफल आयोजन, दुनिया में हमारी सरकार व देश के यश की वजह बना है। प्रधानमंत्री ने खुद स्वच्छताकर्मियों पैर धोकर देश के कोने-कोने में सामाजिक समरसता और स्वच्छता के संदेश को पहुंचाया है। पहले यूपी को सपा-बसपा की जातिवादी सरकारों का अनुभव था, लेकिन अब सबका साथ, सबका विकास करने वाली सरकार का अनुभव योगी आदित्यनाथ की सरकार के कारण हुआ। मोदीजी ने यूपी को विकास में सहयोग दिया, उसने जनता को उनके साथ खड़ा कर दिया है।

सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की चुनौती को कैसे देखते हैं?
अमित शाह: राजनीति फिजिक्स नहीं होती, केमेस्ट्री होती है। यहां कभी-कभी एक और एक मिलकर दो नहीं होते। बल्कि दोनों में से कोई एक शून्य भी हो जाता है। जो वोट बैंक को अपनी मिल्कियत समझ राजनीति करते थे, उनके दिन लद गए हैं। अब कोई नेता दिल्ली में बैठकर वोट बैंक का सौदा नहीं कर सकता। लोगों में समझ आ चुकी है। इस गठबंधन के बाद भी यूपी में भाजपा 74 सीट जीतेगी, मुझे इसका पूरा भरोसा है।

यूपी में भी आपके सहयोगी नाराज रहे?
अमित शाह: देखिए, हर व्यक्ति अपनी पार्टी का विस्तार चाहता है। ऐसे निर्दोष मतभेद को नाराजगी जैसे गंभीर शब्द से न आंका जाए। आज हम सभी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

यूपी में कांग्रेस की स्थिति? अगर राहुल दक्षिण से चुनाव लड़ते हैं, तो अमेठी में भाजपा को लाभ होगा?
अमित शाह: 
मुझे नहीं लगता बहुत बड़ा सुधार हो सकेगा। अब कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं है कि वह किसी का फायदा या नुकसान कर सकती।

अमेठी को लेकर आपका आकलन?
अमित शाह: अमेठी में पिछले चुनाव में हमने कांग्रेस का मार्जिन काफी हद तक काट दिया था। इस बार भाजपा कार्यकर्ता जीत के लिए लड़ रहे हैं। स्मृति जी ने अमेठी में वहां के सांसद से ज्यादा संपर्क रखा है।

प्रियंका की मौजूदगी को आप कैसे देख रहे हैं?
अमित शाह: प्रियंका वाड्रा पहली बार राजनीति में नहीं आई हैं, वे 12 साल से प्रचार कर रही हैं। और कांग्रेस 12 साल में सारे चुनाव हारी ही है। मुझे समझ नहीं आता कि इसमें नया क्या है?

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