'मैं भी चौकीदार' चाय कप पर बवाल, शताब्दी के ठेकेदार और सुपरवाइजर पर कार्रवाई
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आचार संहिता लागू होने के बाद शताब्दी ट्रेन में 'मैं भी चौकीदार' लिखे चाय कप की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय हरकत में आ गया है। इन कपों को तुरंत हटा दिया गया है। काठगोदाम शताब्दी में यात्रा कर रहे एक यात्री द्वारा ट्वीट किए गए पेपर कप की तस्वीर वायरल होने के बाद, रेलवे ने कहा कि कप वापस ले लिया गया है और ठेकेदार को दंडित किया गया है।
आईआरसीटीसी प्रवक्ता ने कहा ''इस कप के लिए हमसे कोई भी पूर्व स्वीकृति नहीं ली गई थी। इस मामले में पर्यवेक्षक/पैंट्री इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सेवा प्रदाता पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सेवा प्रदाता को इस कदाचार के लिए नोटिस भी दिया गया है।"
यात्री ने यह दावा किया था कि इन कपों में दो बार चाय पिलाई गई थी। कप पर विज्ञापन संकल्प फाउंडेशन नामक एनजीओ द्वारा किया गया था। इससे पहले एयर इंडिया और रेलवे के टिकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों को लेकर भी चुनाव आयोग ने दोनों संस्थाओं से जवाब मांगा था। आचार संहिता लागू होने के बाद इस तरह के समाग्रियों पर रोक लगा दिया जाता है।
Ministry of Railways on viral pic of tea being served in Shatabdi train in 'Main bhi Chowkidar' cups': It happened today but immediately glasses were withdrawn.Penal action is being taken against the contractor.Action is also being taken against the supervisor.
— ANI (@ANI) March 29, 2019
मामला बढ़ने पर भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड (आईआरसीटीसी) ने बयान जारी करके संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई करने की जानकारी दी है। आईआरसीटीसी ने कहा है कि ट्रेन में बेची जाने वाली चाय के कप के खाली हिस्से को विज्ञापन के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि विज्ञापन छापने के पहले निगम से अनुमति लेना आवश्यक है। ऐसा न करने पर संबंधित ठेकेदार और एजेंसी के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
आईआरसीटीसी के बयान की विज्ञप्ति यहां पढ़ सकते हैं: