बिहार में पीएम की रैली: लोकसभा सीटों की तरह बांटी मंच की कुर्सियां, पर उम्मीदवारों की भी होगी घोषणा?
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लोकसभा चुनाव 2019 में टक्कर मुख्यत: दो धाराओं के बीच देखी जा रही है-भाजपानीत एनडीए और कांग्रेसनीत महागठबंधन। घटक दलों में आपसी सामंजस्य और एकजुटता की कमी वाले महागठबंधन में सीट बंटवारा पूरे तौर पर तय नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी ओर एनडीए भी सीट बंटवारे को लेकर हर जगह लक्ष्य नहीं साध पाई है। दोनों ही गठबंधन धीरे-धीरे सीट बंटवारे को लेकर राज्यवार समीकरण बनाने में लगे हैं। भाजपा ने महाराष्ट्र, तमिलनाडु के बाद अन्य राज्यों की ओर अग्रसर है, तो वहीं कांग्रेस तमिलनाडु के बाद बिहार-झारखंड में सीटें तय करने में लगा है।
बिहार में रविवार को होने वाली एनडीए की रैली कई मायनों में अहम होने वाली है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच साझा करेंगे। दोनों करीब नौ साल बाद किसी चुनावी रैली में एक साथ होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस रैली में एनडीए के सीट बंटवारे के अनुसार उम्मीदवारों की भी घोषणा हो सकती है। कारण कि पहले ऐसी चर्चा थी कि इस दिन मंच पर भाजपा, जदयू और लोजपा के उम्मीदवार लोगों से मुखातिब होंगे।
सीट बंटवारे की तरह मंच की कुर्सियां भी बांटीं
कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान भीड़ से उम्मीदवारों का परिचय कराने के बाद इन्हें वोट देने की अपील करेंगे। इसे लेकर कयासों के बीच रैली के एक दिन पहले तक उम्मीदवारों का नाम तय न होने के कारण अब यह संभावना नजर नहीं आ रही।
एनडीए की इस रैली के लिए गांधी मैदान में दो मंच बनाए हैं और मंच की कुर्सियों का बंटवारा भी तय हो चुका है। सीट बंटवारे की तरह भाजपा और जदयू में 50-50 का फॉमूला है और बाकी कुर्सियां लोजपा के लिए तय है। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। तय फॉर्मूला के अनुसार भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर और लोजपा छह सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
इसी फॉर्मूले के तहत मंच पर भी 41 कुर्सियां लगाई जाएंगी। एक कुर्सी प्रधानमंत्री मोदी की होगी। जदयू और भाजपा नेताओं के लिए 17-17 कुर्सियां और शेष बची 6 कुर्सियां लोजपा के लिए होंगी। वहीं, मुख्य मंच के बगल में एक और मंच बनाया जा रहा है, जिसपर एनडीए के सांसदों के साथ विधायक और विधान पार्षदों को कुर्सियां दी जाएंगी।
ऐसा है सीटों का गणित, पर उम्मीदवारी अभी तय नहीं
तीनों दलों के बीच सीटों की संख्या बहुत पहले तय हो गई थी, लेकिन मुश्किल यह है कि किसके हिस्से में कौन सीट जाएगी, यह तय नहीं हो पाया है। सूत्रों की मानें तो तीनों दलों के बीच चार-पांच सीटों पर खींचतान जारी है। बक्सर, नवादा, वाल्मीकिनगर जैसी कुछ सीटों पर तीनों दलों का दावा बन रहा है।
बिहार में भाजपा, जदयू और लोजपा में देखा जाए तो तीनों ही पार्टियों ने पक्के तौर पर उम्मीदवार तय नहीं किया है। लोजपा में सुप्रीमो रामविलास पासवान के सांसद बेटे चिराग पासवान का जमुई से लड़ना तय है, जबकि रामविलास के भाई वर्तमान सांसद रामचंद्र पासवान का समस्तीपुर से लड़ना तय है।
कहा जा रहा है कि जदयू में उम्मीदवार चयन को लेकर ज्यादा संशय नहीं है। पटना की दोनों सीटें भाजपा के खाते में तय है। दरभंगा, पटनासाहिब और कुछ अन्य सीटों पर भाजपा नया उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। वहीं, जदयू में अधिक मारामारी नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि जदयू को कुछ सीटों पर भाजपा अपना उम्मीदवार भी देगी। बताया जा रहा है कि दर्जन भर उम्मीदवारों को तैयारी के लिए कह दिया है।