जानिए कौन हैं कार्ति चिदंबरम जिन्हें कांग्रेस ने शिवगंगा लोकसभा सीट से दिया टिकट
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। शिवगंगा, कार्ति के पिता पी. चिदंबरम की सीट रही है। बता दें कि शिवगंगा सीट 1967 में अस्तित्व में आई। पहले दो चुनाव (1967-1971) में यहां से द्रमुक जीती। इसके बाद साल 1977 में अन्नाद्रमुक ने इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया।
1980 में आर स्वामीनाथन ने कांग्रेस को इस सीट पर पहली बार जीत दिलाई। इसके बाद सिर्फ 1999 को छोड़कर 1984 से 2009 तक पी चिदंबरम ने इस सीट पर जीत दर्ज की। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने तमिलनाडु के शिवगंगा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन उनकी हार हुई थी। वह चौथे स्थान पर रहे थे। उन्हे साढ़े तीन लाख वोटों से पराजय का मुंह देखना पड़ा था।
आपराधिक मामलों का कर रहे हैं सामना
कार्ति चिदंबरम आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं जिनकी जांच प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है। उनका जन्म तमिलनाडु के शिवगंगा में 16 नवंबर 1971 को हुआ था। कार्ति पेशे से नेता और बिजनेसमैन हैं। उन्होंने डॉन बास्को चेन्नई से स्कूली पढ़ाई करने के बाद टेक्सास यूनिवर्सिटी से बीबीए और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है। वह तामिलनाडु टेनिस एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं। उनकी शादी श्रीनिधि रंगराजन से हुई है। कार्ति की पत्नी श्रीनिधि रंगराजन डॉक्टर होने के साथ भरतनाट्यम की नृत्यांगना भी हैं। वे वर्तमान में ओपोलो अस्पताल चेन्नई में कार्यरत हैं।
पी चिदंबरम 1996 में तमिल मनीला कांग्रेस पार्टी बनाई, जिससे कार्ति ने शुरुआती राजनीति सीखी। बाद में चिदंबरम ने इसका विलय कांग्रेस में कर दिया। कार्ति 2012 में उस वक्त चर्चा में आए जब उन पर सुब्रमण्यम स्वामी ने एयरसेल मैक्सिस डील में लाभ लेने का आरोप लगाया।
आज हम आपको उन मामलों के बारे में बता रहे हैं जिनमें कार्ति चिदंबरम पर तलवार लटकी हुई है...
आईएनएक्स मीडिया मामला-
सीबीआई ने साल 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि हासिल करने के लिए आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी से मिली मंजूरी में कथित अनियमितता की शिकायत पाई, जिसके बाद पिछले साल 15 मई को एफआईआर दर्ज की थी। यूपीए-1 सरकार के दौरान जब यह मंजूरी दी गई, उस वक्त पी. चिदंबरम वित्त मंत्री थे।
सीबीआई का कहना है कि पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति ने आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाने के लिये 10 लाख डॉलर की रिश्वत ली। कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी मुखर्जी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया था। बता दें कि इस मामले में कार्ति चिदंबरम को एक बार गिरफ्तार भी किया जा चुका है। साथ ही ईडी उनसे कई बार पूछताछ भी कर चुकी है।
एयरसेल-मैक्सिस मामला-
सीबीआई द्वारा विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, मैक्सिस की सहायक कंपनी ग्लोबल कम्यूनिकेशन सर्विसेज होल्डिंग्स लिमिटेड ने एयरसेल में 800 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए मंजूरी मांगी थी।
आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी इस मामले में अनुमति के लिए सक्षम थी। हालांकि तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम द्वारा इस संबंध में अनुमोदन प्रदान किया गया था। इस संबंध में आगे की जांच जारी है। इस मामले में कार्ति के शामिल होने का आरोप है।