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...2014 में जीत के बाद जब पहली बार संसद पहुंचने पर भावुक हो गए थे मोदी
Sat, 25 May 2019 07:03 PM IST
ललित फुलारा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ललित फुलारा
Updated Sat, 25 May 2019 07:03 PM IST
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नरेंद्र मोदी
- फोटो : सोशल मीडिया
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संसद भवन के सेंट्रल हॉल में 2014 में संसदीय दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे। वह संसद की दहलीज पर माथा टेकते और नम आंखों और रुंधे गले से पार्टी के पितृपुरुषों को शुक्रिया अदा करते हुए दिखे थे। मोदी ने उस वक्त कहा था- 'मैं आप सबका बहुत आभारी हूं। मैं विशेष रूप से आडवाणी जी और राजनाथ जी का आभारी हूं। अटल जी का स्वास्थ अच्छा होता और वह यहां होते तो सोने पर सुहागा होता।'
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यह वह वक्त था जब केंद्र में पहली बार भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ आई थी। मोदी लहर के चलते पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली थी। मोदी जब संसद की दहलीज पर पहुंचे तो सबसे पहले उन्होंने संसद की सीढ़ियों को माथे से लगाया। यह मोदी के लिए बेहद भावुक क्षण था। इसके बाद संसदीय दल की बैठक के बाद भाषण देते वक्त रुआंसे हो गए।
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साल 2019 में एक बार फिर वह क्षण आया जब मोदी को भाजपा के सभी घटक दलों ने सर्वसम्मति से नेता चुना, मोदी फिर से संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आए, लेकिन इस बार वो रूआंसे और भावुक नहीं बल्कि पहले से कई गुना ज्यादा आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। मोदी ने कहा कि देश को समभाव और ममभाव चाहिए। देश की जनता ने फिर से भाजपा को चुनकर नये युग की शुरुआत की है। मैं पिछले पांच साल देश के साथ मिलकर चला। मोदी ने साल 2014 की ही तरह एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। दरअसल, ठीक पांच साल पहले का वह वक्त मोदी का गुजरात से दिल्ली का पहला ऐसा सफर था जब वह देश के 15वें प्रधानमंत्री बनने जा रहे थे। मोदी ने सबसे पहले अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लिया था।
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