फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lok Sabha Election: Congress MP Rahul Gandhi may visit Amethi on February 18

Lok Sabha Election: इस रणनीति से कांग्रेस कर रही है यूपी में भाजपा को टेंशन देने की तैयारी! अमेठी जाएंगे राहुल

Thu, 15 Feb 2024 07:06 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Thu, 15 Feb 2024 07:06 PM IST
विज्ञापन
सार
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि राज्य में कांग्रेस पार्टी अमेठी और राय बरेली के अलावा 15 सीटों पर विशेष तैयारी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। 2004-09 तक सांसद रहे सूत्र का कहना है कि 8-10 दिन के भीतर कुछ चौंकाने वाली सूचना मिल सकती है...
loader
Lok Sabha Election: Congress MP Rahul Gandhi may visit Amethi on February 18
Lok Sabha Election: Congress - फोटो : Agency

विस्तार

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 18 फरवरी को अमेठी जा सकते हैं। अमेठी में कांग्रेस के प्रमुख कार्यकर्ताओं के पास इसी तरह की सूचना है। राहुल गांधी की अमेठी की इस संभावित यात्रा ने कांग्रेस के तमाम पुराने लोगों में नई चेतना लाने का काम किया है। दूसरी तरफ राजस्थान से राज्यसभा चुनाव का पर्चा भरने के बाद पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजबरेली के लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए भावुक संदेश भेजा है। इसमें सोनिया ने बताया है कि दिल्ली में उनका परिवार अधूरा है। यह रायबरेली से पूरा होता है। भरोसा दिया है कि उनके परिवार से सदस्य रायबरेली का प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों संदेश ने अमेठी, राजबरेली में राजनीतिक हल चल बढ़ा दी है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि राज्य में कांग्रेस पार्टी अमेठी और राय बरेली के अलावा 15 सीटों पर विशेष तैयारी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। 2004-09 तक सांसद रहे सूत्र का कहना है कि 8-10 दिन के भीतर कुछ चौंकाने वाली सूचना मिल सकती है। वरिष्ठ नेता के मुताबिक उत्तर प्रदेश को लेकर I.N.D.I गठबंधन काफी संवेदनशील है और 2024 में भाजपा का जायका बिगाड़ने की पूरी तैयारी है। वह कहते हैं कि भले सुनने में अटपटा और असंभव जैसा लगे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी दहाई के आंकड़े को छूने की रणनीति बना रही है।

राहुल गांधी के अमेठी आने का कुछ तो मतलब है?

हालांकि इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और 10, जनपथ के करीबी रिश्ता रखने वाले किशोरी लाल शर्मा कुछ नहीं कहना चाहते। किशोरी लाल शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि पार्टी की वरिष्ठ नेता ने स्वास्थ्य कारणों और बढ़ती उम्र को ध्यान में रखकर राजस्थान से राज्यसभा चुनाव का पर्चा भरा है। इसके आगे उन्हें कुछ नहीं पता। किशोरी लाल कहते हैं कि अमेठी और रायबरेली दोनों लोकसभा क्षेत्र में नेहरू-गांधी परिवार के लिए लोगों का खास लगाव है। वह चाहते हैं कि अमेठी और रायबरेली से गांधी परिवार का ही उम्मीदवार होना चाहिए।

कांग्रेस के ही एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनके पास राहुल गांधी के 18 फरवरी को अमेठी आने की सूचना है। जाहिर सी बात है कि राहुल गांधी अमेठी आ रहे हैं, तो कुछ मतलब है। वरिष्ठ नेता का कहना है कि 2019 में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी से जीत दर्ज की थी। लेकिन पिछले पांच साल में अमेठी के लोगों को सब पता चल चुका है। इस बार अमेठी ईरानी के हाथ से निकलने वाली है। हालांकि 2019 में चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड लगातार गए, लेकिन उन्होंने अमेठी जाना छोड़ दिया था। अमेठी में गांव और पंचायत स्तर तक राहुल के मुंह मोड़ने की कमी महसूस की गई और भाजपा ने तेजी से अपने संगठन का वहां विस्तार किया है। लेकिन सूत्र का कहना है कि राहुल गांधी के अमेठी में आने के बाद चीजें तेजी से बदलेंगी।

प्रियंका गांधी रायबरेली से होंगी प्रत्याशी?

प्रियंका गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने की चर्चा कांग्रेस के भीतर है। हालांकि अभी किशोरी लाल शर्मा जैसे शख्स इस चर्चा पर अपनी मुहर नहीं लगाते। प्रियंका गांधी के बारे में कहा जा रहा है कि उनके सचिवालय से जुड़े लोगों ने राय बरेली से अपने संपर्क को बढ़ा दिया है। कांग्रेस पार्टी से सीटों के तालमेल के बारे में समाजवादी पार्टी के नेता संजय लाठर भी कहते हैं कि जल्द ही इसकी सहमति बन जाएगी। फिलहाल अमेठी, रायबरेली की सीट को समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के लिए छोड़कर अपनी चुनाव तैयारी शुरू की है। सपा के भीतर भी यह चर्चा आम है कि रायबरेली से कांग्रेस महासचिव चुनाव लड़ेंगी।

'दो सप्ताह बाद उत्तर प्रदेश में बिगड़ेगा भाजपा का जायका?

आप I.N.D.I गठबंधन गठबंधन को कमजोर मत मानिए। यह दावा सोनिया गांधी के आवास 10, जनपथ से करीबी रिश्ता रखने वाले कांग्रेस के रणनीतिकार का कहना है। सूत्र का कहना है कि जिन दलों से ठोस राजनीतिक तालमेल संभव हैं, उनसे इसे लेकर चर्चा चल रही है। उत्तर प्रदेश में चर्चा अंतिम दौर में है। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक इसके मूर्त रूप लेने की संभावना है। बसपा से बातचीत के बारे में पूछने पर वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लेना चाहते। केवल इतना कह सकते हैं कि सब ठीक रहा तो उत्तर प्रदेश में 2024 में भाजपा का जायका बिगड़ जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed