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मोदी-शाह को क्लीनचिट से नाराज चुनाव आयुक्त ने आयोग की बैठक में जाना छोड़ा
Sat, 18 May 2019 11:13 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 18 May 2019 11:13 AM IST
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अशोक लवासा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
चुनाव आयोग की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में क्लीन चिट देने पर असहमति जताने वाले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने आयोग की बैठकों में जाना छोड़ दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा है कि जब तक उनके असहमति वाले मत को ऑन रिकॉर्ड नहीं लिया जाएगा तब तक वह आयोग की किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
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रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए गठित की गई समिति में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा, अशोक लवासा और सुशील चंद्रा शामिल थे। इन मामलों में चुनाव आयुक्त लवासा का मत अन्य दोनों सदस्यों से अलग था और वह उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में मान रहे थे। लेकिन बहुमत से लिए गए फैसले में आचार संहिता का उल्लंघन नहीं मानते हुए क्लीनचिट दे दी गई। सिर्फ यही नहीं लवासा चाहते थे कि उनका मत रिकॉर्ड पर लिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते विरोध में लवासा ने 4 मई से आयोग की बैठक खुद को अलग कर लिया।
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मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में लवासा ने कहा है कि वह बैठकों में तभी आएंगे जब आदेश में बहुमत से लिए फैसले के साथ अल्पसंख्यक मत यानी एक सदस्य की राय को भी रिकॉर्ड पर लाया जाएगा। बता दें, 3 मई को आयोग के सदस्यों की मीटिंग में मोदी और शाह को लेकर उन्होंने आलोचना की थी, लेकिन उनकी असहमति को आदेश में रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया। लवासा ने पत्र में ये भी कहा है कि उन्होंने अल्पसंख्यक मत को रिकॉर्ड पर लेने के संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त को कई रिमांडर भेजे, लेकिन ऐसा होने के बजाय, उल्टा उन पर स्पष्टीकरण नहीं देने का आरोप लगा दिया। बता दें, चुनाव आयुक्त लवासा ने पहला पत्र 4 मई को जबकि दूसरा और तीसरा पत्र क्रमश: 10 और 14 मई को लिखा था।
सीईसी को चुनाव आयुक्त अशोक लवासा द्वारा लिखे गए पत्र को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि चुनाव आयोग मोदी जी का पिट्ठू बन चुका है, अशोक लवासा जी की चिट्ठी ये साफ है सीईसी और उनके सहयोगी लवासा जी का जो भी मत है मोदी जी और अमित शाह को लेकर उसको भी रिकॉर्ड करने को तैयार नहीं हैं।
Randeep Surjewala on purported letter by EC Ashok Lavasa to CEC: Chunav Aayog Modi ji ka pitthu ban chuka hai, Ashok Lavasa ji ki chitthi se saaf hai CEC aur un ke sahyogi Lavasa ji ka jo bhinn opinion hai Modi ji aur Amit Shah ko lekar usko bhi record karne ko taiyar nahi hain. pic.twitter.com/ukWozQBAl7
— ANI (@ANI) May 18, 2019