जानिए कौन हैं जितिन प्रसाद, जिनकी भाजपा में शामिल होने की चर्चा गरम है
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कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद भाजपा का दामन थाम सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो ये कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका होगा। जितिन का शुमार, उन युवा नेताओं में होता रहा है जो राहुल गांधी के करीब हैं। माना जा रहा है कि जितिन, उत्तर प्रदेश की धौरहरा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। दरअसल, पहली ही सूची में, कांग्रेस ने धौरहरा से जितिन प्रसाद को 2019 के रण का उम्मीदवार तो बना दिया लेकिन बाद में चर्चा छिड़ी कि उन्हें लड़ने के लिए लखनऊ भेजा जा सकता है।
जब इस बारे में जितिन प्रसाद से सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि ऐसे सवाल का कुछ आधार होना चाहिए, मैं एक काल्पनिक सवाल का जवाब क्यों दूं?
हालांकि, जितिन ने सवाल के जवाब में सीधे तौर पर इसे खारिज नहीं किया।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 28 सीटों का एलान किया है लेकिन इस लिस्ट में धौरहरा सीट का जिक्र नहीं है। जबकि, धौरहरा के आसपास की लखीमपुर, शाहजहांपुर जैसी सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं।
जितिन प्रसाद का राजनीतिक सफर:
जितिन प्रसाद ने दिल्ली विश्विद्यालय से बीकॉम किया है जिसके बाद उन्होंने एमबीए भी किया।
सबसे पहले जितिन ने 2001 में भारतीय युवा कांग्रेस में सचिव पद की जिम्मेदारी संभाली। 2004 के लोकसभा चुनाव में वो अपनी पारंपरिक सीट शाहजहांपुर से चुनाव लड़े और जीतकर लोकसभा पहुंचे। 2008 में जितिन को केंद्रीय राज्य इस्पात मंत्री बनाया गया।
2009 के लोकसभा चुनाव में जितिन प्रसाद, धौरहरा सीट से लड़े और करीब दो लाख वोटों से जीत हासिल की। 2009 से 2011 तक वो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री रहे। 2011-12 में उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। 2012-14 तक जितिन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री भी रहे।
जितिन प्रसाद के पिता जितेन्द्र प्रसाद, कांग्रेस के पुराने नेता रहे हैं। एक जमाने में जितेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं। जितेंद्र कांग्रेस पार्टी में उपाध्यक्ष पद पर भी रहे हैं।