कर्नाटक: कांग्रेस-जेडीएस की खटास के बीच मंत्री बोले- हमारे कार्यकर्ताओं ने भाजपा को वोट दिया
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कर्नाटक के मंत्री जीटी देवगौड़ा ने राज्य में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में चल रही आपसी खटास को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बुधवार को मैसूर में कहा कि पार्टी के उच्च पदस्थ लोगों ने फैसला लेने में जरूरत से ज्यादा समय लगा दिया। वे जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने पाने में असफल रहे हैं। उन्होंने असंतुष्टि जताते हुए कहा कि मैसूर लोकसभा सीट पर जेडीएस के कई कार्यकर्ताओं ने भाजपा को अपना वोट दिया है।
GT Devegowda, JD(S) in Mysore: People at top took lot of time to come up with a solution. They couldn't convince grassroots workers. If our leaders could have solved this issue properly, it could have made a difference. Some JD(S) workers have even cast their votes for BJP. https://t.co/I26KdpbSOe
— ANI (@ANI) May 2, 2019विज्ञापन
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर ने साथ मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ा है, लेकिन सीटों के बटवारे को लेकर दोनो पार्टियों के बीच गहरी असहमती और मनमुटाव थे। इस मामले पर देवगौड़ा ने कहा कि अगर हमारे नेताओं ने समय रहते सही फैसला ले लिया होता तो आज स्थिति कुछ और होती। उन्होंने असंतुष्ट अंदाज में कहा कि मैसूर सीट पर जेडीएस के कई कार्यकर्ताओं ने भाजपा को अपना वोट दिया है।
मालूम हो कि मैसूर लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी सीएच विजयशंकर और भाजपा के उम्मीदवार प्रताप सिम्हा के बीच मुकाबला है। यहां लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 18 अप्रैल को ही मतदान हो चुके हैं।
कांग्रेस और जेडीएस, दोनों ही तरफ से हुई गलती
देवगौड़ा ने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में गलती दोनों ही तरफ से हुई है। विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी दोनों पार्टियों के पास अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का विकल्प था, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर पार्टियों के बीच कई तरह की उलझनें थीं।
उन्होंने कहा कि बेहतर परिणामों के लिए गठबंधन को दोनों तरफ से बहुत पहले ही औपचारिक रूप दे दिया जाना चाहिए था। अगर दोनों पार्टियों ने अपनी ताकत मिला दी होती तो भाजपा के लिए कर्नाटक की 28 सीटों में से पांच सीटें जीतना भी मुश्किल हो जाता।