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जयपुर के व्यापारियों के लिए जीएसटी और नोटबंदी नहीं हैं चुनावी मुद्दा
Wed, 01 May 2019 04:47 PM IST
Abhishek Singh
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 01 May 2019 04:47 PM IST
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जीएसटी, ब्लैक मनी, नरेंद्र मोदी
- फोटो : self
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कांग्रेस और विपक्षी दल लोकसभा चुनाव के लिए भले ही जीएसटी और नोटबंदी को मुद्दा मान रहे हों, लेकिन पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर के व्यापारियों के लिए ये कोई मुद्दा नहीं हैं। उनका कहना है कि वे इनसे आगे बढ़ चुके हैं और 2019 के चुनाव के लिए ये मुद्दे प्रासंगिक नहीं रह गए हैं।
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राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है जिसने वर्तमान जीएसटी के बदले आसान जीएसटी लाने का जनता से वादा किया है। साथ ही कहा है कि सत्ता में आने पर वह अर्थव्यस्था में उस पैसे को दोबारा लाएगी जिसे भाजपा की नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था से गायब कर दिया है।
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राजस्थान की राजधानी के व्यापारियों का कहना है कि नोटबंदी से उन्हें झटका तो लगा था लेकिन अब वे इससे उबर गए हैं और जीवन फिर से ढर्रे पर लौट आया है। साथ ही उनका कहना है कि जीएसटी केवल उन्हीं लोगों को मुसीबत लग रहा है जिनका बही खाता दुरुस्त नहीं है।
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कपड़ा व्यापारी लक्ष्मण हरवानी ने कहा कि नोटबंदी का असर अस्थाई था। हकीकत यह है कि जीएसटी ने वित्त और कर प्रक्रिया को व्यवस्थित किया है। हमें अब कारोबर करने में ज्यादा आसानी हो रही है। क्योंकि पुराने तंत्र में जो खामियां थीं, उन्हें दुरुस्त कर लिया गया है। हरवानी के परिवार में चार पीढ़ियों से कपड़े का व्यापार हो रहा है।
इसी तरह की राय जौहरी बाजार के अधिकतर व्यापारियों की है जिनका कहना है कि इस लोकसभा चुनाव में न तो नोटबंदी कोई मुद्दा है और न ही जीएसटी। अनेक व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी का विरोध भी वहीं व्यापारी कर रहे हैं जिनके बही खातों में पहले पारदर्शिता नहीं थी।
इन दो मुद्दों के अलावा अनेक व्यापारियों ने साहस और निर्णय लेने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षमता की तारीफ की। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान जिस तरह से राजनीति का स्तर गिरा है, वह अफसोसजनक है।