पड़ताल: कांग्रेस की रैली में 'शव ढोने वाले वाहन' का सच क्या है?
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल?
ये तस्वीर एक साल पुरानी है। दरअसल ये गाड़ी मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के द्वारा की गई जन जागरण यात्रा में इस्तेमाल की गई थी। तस्वीर उसी जगह की जहां से कमलनाथ ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी। इस तस्वीर के साथ ही हमारे हाथ एक और तस्वीर लगी, जो ठीक उसी जगह की है। थोड़े से अलग कैमरा एंगल से ली गई है। इस तस्वीर में शव वाहिनी जैसा लिखा कुछ भी नहीं है। ध्यान से देखें तो दोनों तस्वीरों में गाड़ी से लेकर पीछे की सारी चीजें मिलती जुलती हैं। लेकिन असली तस्वीर में शव वाहिनी जैसा कुछ भी नहीं लिखा है।
वायरल हो रही तस्वीर को देखें तो जहां शव वाहिनी लिखा हुआ है, वह न सिर्फ धुंधला है बल्की फोटोशॉप करते हुए गाड़ी का नाम भी बिखर गया है जिससे चोरी पकड़ी गई। कुल मिलाकर सोशल मीडिया पर घूम रही तस्वीर पर्जी है। इस तस्वीर को एक साल पहले प्रकाशित किया गया था।
अमर उजाला की पड़ताल में यह खबर गलत निकली।
आपके लिए
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