दिलीप घोष ने खास बातचीत में कहा, ममता बनर्जी बौखलाहट में हमें गुंडा बोल रही हैं
भाजपा को पश्चिम बंगाल से काफी उम्मीदें हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 23 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है तो पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष इसे न्यूनतम मान रहे हैं। वरिष्ठ समाचार संपादक शशिधर पाठक से विशेष बातचीत में दिलीप घोष ने कहा कि पूरे राज्य में परिवर्तन की हवा दिखाई दे रही है। भाजपा राज्य में 23 की संख्या से काफी अधिक सीटें जीतेगी। पेश है दिलीप घोष से हुई चर्चा-
भाजपा पश्चिम बंगाल की तरफ बहुत उम्मीद से देख रही है। लोकसभा चुनाव में क्या उम्मीद करें?
हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पहले ही कह दिया है कि हम पश्चिम बंगाल में परिवर्तन ला रहे हैं। अब तो यह यहां साफ दिखाई दे रहा है। परिवर्तन की हवा देखकर तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी घबरा गई हैं।
कितनी सीटें जीत लेने के आसार हैं?
हम संगठन के आदमी हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल से 23 सीटें जीतने का दावा किया है, लेकिन इस संख्या से भी ऊपर जाएंगे। मेरे मुताबिक यह कम से कम संख्या है। भाजपा 30 से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में आ गई है।
क्या यह लक्ष्य बता देना और इसे पा लेना इतना आसान है?
नहीं। बिल्कुल आसान नहीं है, लेकिन जब पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों पर जाइएगा तो आपको भाजपा का असर दिखाई देगा। पिछले एक साल में भाजपा के 42 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। हजारों कार्यकर्ता जेल में बंद हैं। तमाम के खिलाफ मुकदमें चल रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने पूरी तरह से दमनकारी नीति अपना रखी थी, लेकिन इसके बावजूद हम झुके नहीं। लोगों के हित में लड़ते रहे। अब उत्तरी बंगाल, दक्षिणी बंगाल में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बौखलाहट भी साफ नजर आ रही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की बौखलाहट जैसे शब्द का आपने दो बार प्रयोग किया। जबकि पश्चिम बंगाल को समझने वाले लोगों का कहना है कि भाजपा राज्य की चार-पांच सीट जीत ले तो बड़ी बात है?
मैं यही कहूंगा कि आप 23 मई का इंतजार कीजिए। हम यहां बदलाव ला रहे हैं। परिवर्तन की हवा बह चुकी है। उत्तरी बंगाल में लोकसभा की आठ सीटें हैं। इनमें से हम सात सीटें जीत रहे हैं। दक्षिणी बंगाल की पांच सीटों में से तीन सीटों पर हमें पूरी उम्मीद है। दो अन्य सीटों पर भी हम जीतने की स्थिति में हैं। आप आइए। यहां भाजपा नेताओं की जनसभा, लोगों की भीड़, उत्साह देखिए। इसको देखकर ममता बनर्जी अपना आपा खो दे रही हैं।
पहले ममता बनर्जी राज्य में हेलीकाप्टर से प्रचार और दौरा कर रही थीं। बाद में रोड-शो पर उतर आईं और अब पदयात्रा कर रही हैं। जानते हैं क्यों? क्योंकि ममता बनर्जी की सभा में लोग नहीं आ रहे हैं। भीड़ नदारद है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं के होश उड़े हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब हमें गुंडा कहने लगी हैं। यह उनके भीतर हार के डर से पैदा हुई घबराहट की भाषा है।