भाजपा ने पल्ला झाड़ा तो साध्वी ने माफी मांगी, कहा- भावना में बहकर बोल गई
इन बयानों से भाजपा की टेंशन बढ़ी
- 18 अप्रैल: करकरे को मेरा शाप लगा। मेरे जेल जाने के 45 दिन बाद वह आतंकी हमले का शिकार हुए।
- 21 अप्रैल: बाबरी ढांचा गिराने का मुझे कोई अफसोस नहीं, बल्कि गर्व है। मैंने ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ा।
- साध्वी ने यह कहा था... नाथूराम गाेडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे
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विस्तार
भोपाल से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लोकसभा चुनाव खत्म होने से दो दिन पहले एक और बयान देकर सियासत गरमा दी है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया है। बोलीं- गोडसे को आतंकी कहने वाले अपने गिरेबां में झांककर देखें। हालांकि बवाल मचने पर भाजपा ने इस बयान से किनारा कर लिया और साध्वी से सफाई मांग ली।
रात में प्रज्ञा बैकफुट पर आईं और बोलीं- गांधी जी ने देश के लिए जो किया उसे भुलाया नहीं जा सकता। मैं उनका सम्मान करती हूं और माफी मांगती हूं। वहीं, कांग्रेस इसे लेकर आक्रामक हो गई है। पार्टी ने प्रज्ञा को देशद्रोही कहा। गौरतलब है कि कमल हासन ने हाल में गोडसे को पहला हिंदू आतंकवादी कहा था, जिसके बाद वे लगातार हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर बने हुए हैं।
देवास सीट से चुनाव लड़ रहे महेंद्रसिंह सोलंकी के समर्थन में रोड शो करने आगर-मालवा पहुंचीं प्रज्ञा ने कमल हासन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। उनको आतंकवादी कहने वाले लोग खुद के गिरेबां में झांक कर देखें। अबकी चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पार्टी आलाकमान ने प्रज्ञा को 19 मई तक किसी भी तरह का विवादित बयान नहीं देने की हिदायत दी थी, बावजूद इसके प्रज्ञा ने यह बयान दिया। भाजपा के प्रवास प्रभारी भगवानदास सबनानी ने स्पष्ट किया कि प्रज्ञा का दौरा प्रदेश कार्यालय से तय नहीं हुआ था।
बयान पर हंगामा मचा तो पहले भाजपा फिर प्रज्ञा ने सफाई दी
बयान से भाजपा किनारे: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हाराव ने कहा कि भाजपा साध्वी प्रज्ञा के इस बयान से सहमत नहीं है। हम इसकी निंदा करते हैं। पार्टी उनसे इस बारे में स्पष्टीकरण मांगेगी और उन्हें इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
एक्शन में चुनाव आयोग, रिपोर्ट दिल्ली भेजी... वहीं चुनाव आयोग को आगर-मालवा कलेक्टर से मामले की पूरी रिपोर्ट दे दी है। आयोग ने भी इसे केंद्रीय चुनाव आयोग को भेज दिया है।
प्रज्ञा ने माफी मांग ली: रात करीब 9:30 बजे प्रज्ञा का बयान आया। बोलीं- रोड शो में जिस तरह भगवा आतंकवाद से जोड़कर प्रश्न पूछा गया, तत्काल में मुझसे निकल गया। मेरी भावना किसी को आहत करने की नहीं थी। कोई आहत हुआ है तो मैं क्षमा मांगती हूं।
दिग्विजय बोले- प्रज्ञा ने देशद्रोह किया, मोदी-शाह देश से माफी मांगें
भोपाल में प्रज्ञा के प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे महात्मा गांधी का हत्यारा था। उसे भाजपा के नेता महिमा मंडित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और भाजपा नेता देश से माफी मांगें। गोडसे को महिमामंडित करना देशभक्ति नहीं, देशद्रोह है।
शहीदों का अपमान करना भाजपा के डीएनए में...
राष्ट्रपिता के हत्यारे के महिमामंडन से साफ हुआ है कि भाजपाई गोडसे के वंशज हैं। भाजपा के लोग कहते हैं कि गोडसे देशभक्त था और हेमंत करकरे देशद्रोही। हिंसा की संस्कृति और शहीदों का अपमान करना भाजपा के डीएनए में है। - रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस
शुक्र है कि प्रज्ञा ने गोडसे को देवता नहीं कहा...
मैं साध्वी प्रज्ञा के बयान की सख्त निंदा करता हूं। हमारे राष्ट्रपिता के बारे में ऐसी बातें कहने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। शुक्र है उन्होंने गोडसे को देवता नहीं कहा। यह बयान भाजपा की सोच का प्रतीक है। भाजपा पहले इस तरह के बयान दिलवाती है, फिर उसका खंडन करती है। - कमलनाथ, मुख्यमंत्री