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सरकारी स्कूल में नाबालिग ने बच्चे को दिया जन्म तो हॉस्टल से खदेड़ा, जगह-जगह प्रदर्शन और हंगामा
Mon, 14 Jan 2019 09:49 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Mon, 14 Jan 2019 09:49 PM IST
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ओडिशा सरकार को मानवाधिकार आयोग ने किया शोकॉज
- फोटो : amar ujala
ओडिशा के कंधमाल जिले के एक सरकारी आदिवासी आवासीय विद्यालय में 14 साल की नाबालिग लड़की के एक बच्चे को जन्म देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में आई खबरों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए ओडिशा सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले को लेकर ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन और हंगामा हुआ।
विभिन्न जगहों पर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। मालूम हो कि आयोग ने सरकार से चार हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मानवाधिकार आयोग ने बयान जारी किया है कि बच्ची के जन्म के बाद छात्रा को नवजात के साथ होस्टल से बाहर खदेड़ दिया गया और उसे मजबूरन एक जंगल में शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा।
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मीडिया में खबर आई थी कि आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने कंधमाल जिले में स्थित सरकारी आवासीय विद्यालय में 12 जनवरी को बच्ची को जन्म दिया था। मानवाधिकार आयोग ने मीडिया में आई इस खबर पर स्वत: संज्ञान लिया।
आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और नाबालिग लड़की के राहत एवं पुनर्वास संबंधी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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Odisha: Locals protest after a minor girl gave birth to a child in the hostel of a residential school in Kandhamal. Prateek Singh, SP says, "Preliminary inquiry revealed that 7-8 months ago when the victim went to her home, she was raped by a 23-year-old man in her village." pic.twitter.com/LGakXIZ0Gg
— ANI (@ANI) January 14, 2019विज्ञापन
विभिन्न जगहों पर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। मालूम हो कि आयोग ने सरकार से चार हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मानवाधिकार आयोग ने बयान जारी किया है कि बच्ची के जन्म के बाद छात्रा को नवजात के साथ होस्टल से बाहर खदेड़ दिया गया और उसे मजबूरन एक जंगल में शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा।
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मीडिया में खबर आई थी कि आठवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा ने कंधमाल जिले में स्थित सरकारी आवासीय विद्यालय में 12 जनवरी को बच्ची को जन्म दिया था। मानवाधिकार आयोग ने मीडिया में आई इस खबर पर स्वत: संज्ञान लिया।
आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और नाबालिग लड़की के राहत एवं पुनर्वास संबंधी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।