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मरीना बीच पर दफनाए गए करूणानिधि, लाखों लोगों ने दी अंतिम विदाई

Wed, 08 Aug 2018 09:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 08 Aug 2018 09:10 PM IST
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Live: madras high court issues verdict on burial of karunanidhi on marina beach hearing

चेन्नई के मरीना बीच पर लाखों लोगों ने द्रविड़ राजनीति के अगुवा मुथुवेल करूणानिधि को आज अंतिम विदाई दी । मद्रास उच्च न्यायालय में पूरी रात चली सुनवाई के बाद आए फैसले के उपरांत सरकार ने अंतत: कलैनार को मरीना पर अंतिम विश्राम की जगह दे दी और लाखों प्रशंसकों, समर्थकों, तमाम हस्तियों की अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि के बीच उन्हें दफनाया गया।

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थलैवर (नेता) को अंतिम विदा देने के लिए पूरे देश के बड़े और रसूखदार लोग आज चेन्नई में जमा थे। बेहद कम उम्र में स्कूल छोड़ने वाले करूणानिधि ने अपने दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन में लेखन, सिनेमा और राजनीति तीनों ही क्षेत्रों में बड़ा नाम बनाया और उनमें अपना अमूल्य योगदान किया। ग्यारह दिन तक अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच चले संघर्ष के बाद 94 वर्षीय करूणानिधि का कल शाम निधन हो गया ।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबु नायडू सहित देशभर से तमाम बड़े नेता करूणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
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माकपा महासचिव सीतारात येचुरी, माकपा नेता प्रकाश करात, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव भी अंतिम यात्रा में मौजूद थे। करूणानिधि का अंतिम संस्कार आज पूरे सैन्य राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा, राहुल गांधी, केन्द्रीय मंत्री और तमिलनाडु से भाजपा के एकमात्र लोकसभा सदस्य पोन राधाकृष्णन, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणस्वामी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने मरीना बीच पर दिवंगत नेता को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ।

करूणानिधि के पुत्र और उनके संभावित उत्तराधिकारी एम. के. स्टालिन को उनके पिता के शरीर पर लिपटातिरंगा सौंपा गया। द्रमुक प्रमुख की पत्नी राजति अम्मल और अन्य पुत्रों तथा पुत्रियों ने अपने पिता के चरणों पर पुष्प अर्पित किये।

अंतिम क्षणों की बात करें तो करूणानिधि के शव वाले ताबूत को कब्र में उतारे जाने से पहले स्टालिन ने अपने पिता के पैर छुए और वह रोते रहे। उनकी सबसे छोटी बेटी और राज्यसभा सदस्य कनिमोई ने अंतिम बार अपने पिता के सिर और गालों को बड़े प्रेम से स्पर्श किया।

चूंकि करूणानिधि ने स्वयं को नास्तिक और तर्कवादी घोषित किया था , इसलिए उनके अंतिम संस्कार के दौरान कोई हिन्दु रीति-रिवाज नहीं हुआ।

करुणानिधि को मृत्युपरांत भारत रत्न देने की मांग

Live: madras high court issues verdict on burial of karunanidhi on marina beach hearing
M Karunanidhi
बता दें कि मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार को लेकर डीएमके की अर्जी पर कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के घर पर दो जजों की बैंच के सामने सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब देने के लिए सुबह का वक्त मांगा था। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को फिर से अपना तर्क रखने के लिए बुधवार सुबह आठ बजे तक का समय दिया था। डीएमके ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि उन्हें कोई नई जगह नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें करुणानिधि को अन्ना स्कावयर मेमोरियल में दफनाने की मंजूरी चाहिए।

हालांकि मंगलवार देर रात सुनवाई के दौरान करुणानिधि के अंतिम संस्कार विवाद में नया मोड़ तब आ गया जब मरीना बीच पर अंतिम संस्कार के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले दोराईस्वामी ने अपनी याचिका वापस ले ली। चेन्नई के वकील दोराईस्वामी ने वे सारे केस वापस लेने का ऐलान किया जो उन्होंने जयललिता को मरीना बीच पर दफ्न किए जाने के विरोध में दायर किए थे। उन्होंने कहा कि उनकी याचिका को आधार बनाकर ही तमिलनाडु सरकार करुणानिधि को मरीना बीच पर दफ्न करने की इजाजत नहीं दे रही है। उनका कहना है कि अब चूंकि उन्होंने केस वापस ले लिए हैं, इसलिए करुणानिधि को मरीना बीच पर दफ्न करने की इजाजत दी जाए। उधर वीसीके अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से करुणानिधि को मृत्युपरांत भारत रत्न देने की मांग की है।

डीएमके ने मरीना बीच पर जगह मांगी थी लेकिन राज्य सरकार ने इससे इनकार कर दिया था। इसके बाद डीएमके ने मद्रास हाईकोर्ट में अपील की। वहीं कांग्रेस समेत अन्य दलों ने भी डीएमके के समर्थन में मरीना बीच पर अंतिम संस्कार की पैरवी की थी। अभिनेता रजनीकांत, सिद्धार्थ व विशाल जैसे तमिल एक्टर और फारूक अब्दुल्ला ने भी डीएमके का समर्थन किया।

सरकार ने पहले कहा था कि वह मरीना बीच पर करुणानिधि को दफनाने की जगह नहीं दे सकती है क्योंकि इस संबंध में मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका लंबित है। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने करुणानिधि के लंबे सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी को पत्र लिखा और उनसे मरीना बीच पर दिवंगत नेता के मार्गदर्शक सी एन अन्नादुरई के समाधि परिसर में जगह देने की मांग की। स्टालिन ने अपने पिता के निधन से महज कुछ ही घंटे पहले इस संबंध में मुख्यमंत्री से भेंट भी की थी। 

करुणानिधि के बेटे स्टालिन ने तमिल में भावुक शोक संदेश भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि 'ज्यादातर समय मैं आपको बतौर नेता पुकारता था, क्या अब एक बार के लिए अप्पा (पिता) के नाम से बुला सकता हूं।' करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन ने डीएमके काडर से किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखें, क्योंकि यही अपने नेता के प्रति सम्मान जाहिर करने का तरीका है।  

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिल अभिनेता रजनीकांत, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेताओं ने ट्वीट कर करुणानिधि के निधन पर शोक जताया है। पीएम नरेंद्र मोदी आज सुबह 7.30 बजे दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना होंगे। मोदी समेत कई दिग्गज नेता करुणानिधि के अंतिम दर्शन के लिए चेन्नई पहुंचेंगे। टीडीपी अध्यक्ष और तेलंगाना के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी आज चेन्नई पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देंगे। 

तमिलनाडु में सात दिन का शोक

करुणानिधि के निधन पर तमिलनाडु सरकार ने आज अवकाश और पूरे राज्य में सात दिन के शोक का एलान किया है। राज्य के मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन ने बताया कि इस दौरान तिरंगा झुका रहेगा। सरकारी कार्यक्रम रद्द रहेंगे। दो दिन राज्य के सभी सिनेमा हॉल भी बंद रहेंगे।
 
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