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Congress: मुख्यमंत्री-मंत्री से विधायक-सांसद तक, बीते दस साल में कितने नेताओं ने छोड़ा कांग्रेस का 'हाथ'?

Sat, 17 Feb 2024 08:00 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 17 Feb 2024 08:00 PM IST
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सार
Congress: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) के अनुसार 2014 के बाद से कांग्रेस के नेताओं ने सबसे ज्यादा दलबदल किया है। इसका फायदा केन्द्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा को सबसे ज्यादा हुआ है। 
 
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List of prominent Congress leaders who left the party and joined other parties
कांग्रेस छोड़ने वाले नेता - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लग सकता है। अब मध्य प्रदेश से दिग्गज कांग्रेस नेता कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं। हालांकि, जब से कांग्रेस केंद्रीय सत्ता से बाहर हुई है उसके कई नेता पार्टी का दामन छोड़ चुके हैं। हाल ही में महाराष्ट्र से दो बड़े नेताओं मिलिंद देवड़ा और अशोक चव्हाण ने पार्टी को अलविदा कहा।




आइये जानते हैं 2014 के बाद से कांग्रेस के किन-किन नेताओं ने पार्टी छोड़ी? 2019 के बाद पार्टी की स्थिति क्या हुई? 2024 लोकसभा चुनाव से पहले किन नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ा? 

2014 के बाद से कांग्रेस के कितने नेताओं ने पार्टी छोड़ी?
2021 में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की एक रिपोर्ट सामने आई थी। यह रिपोर्ट 1,133 चुनावी उम्मीदवारों और 500 सांसदों और विधायकों के शपथ पत्रों के आधार पर बनाई गई थी। ये वो नेता थे जिन्होंने 2014 के बाद से लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान दलबदल कर चुनाव लड़ा था।

इसके मुताबिक 2014 के बाद से कांग्रेस के नेताओं ने सबसे ज्यादा दलबदल किया है। इसका फायदा नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भाजपा को सबसे ज्यादा हुआ। उस वक्त की रिपोर्ट में कहा गया था कि कुल दलबदल में से, लगभग 35 प्रतिशत विधायक और सांसद 2014-2021 के बीच कांग्रेस से अलग हो गए। रिपोर्ट में कहा गया था कि दलबदल करने वाले लगभग 35 प्रतिशत विधायक भाजपा में शामिल हो गए। कांग्रेस के 20 प्रतिशत चुनावी उम्मीदवारों ने पार्टी छोड़ी। रिपोर्ट में कहा गया था कि 2014-2021 के बीच कांग्रेस पार्टी से कुल 399 नेताओं ने दलबदल किया। 

किन बड़े नेताओं ने बदला पाला?
2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद कई छोटे-छोटे नेताओं के अलावा, कांग्रेस ने कई बड़े नेताओं ने भी पार्टी को अलविदा कहा है। हालांकि, 2019 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा दोबारा सत्ता में आई तो कांग्रेस की स्थिति और बिगड़ गई। एक-एक करके कई दिग्गज और उभरते चेहरों ने पार्टी छोड़ दी। 

अल्पेश ठाकोर 
कांग्रेस से विधायक रहे अल्पेश ठाकोर ने जुलाई 2019 में राज्यसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ मतदान करने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। कुछ दिनों बाद वह भाजपा में शामिल हो गए और उन्हें राधापुर से उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा गया, लेकिन वह चुनाव हार गए। हालांकि, साल 2022 में हुए चुनाव में उन्होंने गांधीनगर दक्षिण से जीत हासिल की थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया 
दिग्गज कांग्रेस नेता रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मार्च 2020 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उस दौरान मध्य प्रदेश में सिंधिया समर्थक कई विधायकों ने पाला बदला, जिससे कमलनाथ सरकार गिर गई थी। इस्तीफा देने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और फिर भाजपा में शामिल हो गए। फिलहाल, सिंधिया नरेंद्र मोदी कैबिनेट में नागरिक उड्डयन मंत्री हैं। 

जितिन प्रसाद
जितिन प्रसाद राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते थे। उन्होंने जून 2021 में कांग्रेस छोड़ दी थी। इसके बाद वो भी भाजपा में शामिल हो गए थे। उस दौरान वह यूपी में कांग्रेस के शीर्ष ब्राह्मण चेहरे थे। वह अभी योगी सरकार में मंत्री हैं। 

सुष्मिता देव 
अगस्त 2021 में महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं। सितम्बर 2021 में टीएमसी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया और 2023 तक वह संसद के उच्च सदन की सदस्य रहीं। वर्तमान में वह तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। सुष्मिता को टीएमसी फिर से राज्यसभा भेज रही है।

आरपीएन सिंह
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह जनवरी 2022 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी का साथ छोड़ा था। हाल ही भाजपा ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए यूपी से अपना उम्मीदवार बनाया है। 





 

अश्विनी कुमार
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले फरवरी 2022 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। अश्विनी कुमार यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने कई वर्षों तक कांग्रेस के लिए काम करने के बाद इसे अलविदा कहा।

सुनील जाखड़ 
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सुनील जाखड़ ने मई 2022 में पार्टी छोड़ दी थी। जाखड़ ने तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की आलोचना करने के लिए नेतृत्व द्वारा कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद यह कदम उठाया था। बाद में जाखड़ भाजपा में शामिल हो गए। वहीं जुलाई 2023 में भाजपा ने उन्हें पंजाब इकाई का प्रमुख बना दिया।

हार्दिक पटेल
गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने मई 2022 में ही कांग्रेस छोड़ दी। राहुल गांधी हार्दिक को 2019 में पार्टी में लेकर आए थे। हार्दिक पटेल ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि पार्टी के ज्यादातर बड़े नेता अपने फोन में ही व्यस्त रहते हैं। त्याग पत्र देने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे।

कपिल सिब्बल 
कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल भी पार्टी छोड़ने वालों की सूची में शामिल हैं। सिब्बल ने मई 2022 में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। बाद में वह समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीतकर राज्यसभा पहुंचे।  

गुलाम नबी आजाद
कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे गुलाम नबी आजाद ने अगस्त 2022 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया। देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका था। बाद में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के नाम से अपना दल बना लिया।

अनिल एंटनी
कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने जनवरी 2023 में पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी। वर्तमान में वह भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। 

मिलिंद देवड़ा
चुनावी साल 2024 भी कांग्रेस के लिए बुरी खबर लेकर आया। 14 जनवरी 2024 को महाराष्ट्र से दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह शिवसेना में शामिल हो गए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा। कांग्रेस से आने वाले मिलिंद देवड़ा को शिवसेना ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। 

अशोक चव्हाण
महीने भर के अंदर ही महाराष्ट्र कांग्रेस को दूसरा झटका तब लगा जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। 12 फरवरी, 2024 को उन्होंने भोकर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया। इसके अगले दिन यानी 13 फरवरी को चव्हाण उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए। उधर 14 फरवरी को ही भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी बना दिया।
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