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दुकानदार की हत्या के जुर्म में उम्रकैद, मामूली विवाद के बाद उतार दिया था मौत के घाट
भाषा, ठाणे
Updated Thu, 11 Oct 2018 04:22 PM IST
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महाराष्ट्र में 2013 में मामूली विवाद को लेकर एक दुकानदार की हत्या करने के जुर्म में 26 वर्षीय व्यक्ति को एक स्थानीय अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनायी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी गणेश राउत मजदूरी करता था। लोकमान्य नगर इलाके में 21 जून 2013 को वह एक परचून की दुकान पर गया था और दुकानदार से सिगरेट का पैकेट मांगा था। पैसे मांगने पर उसने दुकानदार गोपाल पांडे (52) की पिटाई कर दी।
पांडे की शिकायत पर पुलिस ने राउत को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि 12 नवंबर 2013 को पांडे का बेटा दुकान पर था तभी राउत वहां पहुंचा, उसके हाथ खून से सने थे। राउत ने पांडे के बेटे को बताया कि ‘‘उसने उसके पिता का खून कर दिया है।’’ आरोपी ने पांडे के बेटे को धमकी दी और उसकी पिटाई करने के बाद वहां से फरार हो गया।
जिला न्यायाधीश पीपी जाधव ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त ने खुद ही न्यायेतर इकबालिया बयान दिया है कि उसने पांडे पर हमला किया। न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए कहा, ‘‘इसलिए अपराध की मंशा और अभियुक्त की संलिप्तता बिना किसी संदेह के साबित होती हैं।’’
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पांडे की शिकायत पर पुलिस ने राउत को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि 12 नवंबर 2013 को पांडे का बेटा दुकान पर था तभी राउत वहां पहुंचा, उसके हाथ खून से सने थे। राउत ने पांडे के बेटे को बताया कि ‘‘उसने उसके पिता का खून कर दिया है।’’ आरोपी ने पांडे के बेटे को धमकी दी और उसकी पिटाई करने के बाद वहां से फरार हो गया।
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जिला न्यायाधीश पीपी जाधव ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त ने खुद ही न्यायेतर इकबालिया बयान दिया है कि उसने पांडे पर हमला किया। न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए कहा, ‘‘इसलिए अपराध की मंशा और अभियुक्त की संलिप्तता बिना किसी संदेह के साबित होती हैं।’’
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