पीओके में आतंकी शिविर फिर सक्रिय, सेना करारा जवाब देने को तैयार : लेफ्टिनेंट जनरल सैनी
- लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने संभाला भारतीय सेना के उप प्रमुख का कार्यभार
- कहा, हर चुनौती के लिए तैयार, एलओसी समेत भीतरी इलाकों में हालात सामान्य
- इससे पहले दक्षिण कमांड के प्रमुख थे सैनी, कई पदकों से हो चुके सम्मनानित
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भारतीय सेना के उप प्रमुख का कार्यभार संभालते हुए लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने मंगलवार को दावा किया कि पीओके में आतंकी शिविर फिर सक्रिय हो गए हैं। सैनी ने साथ ही हुंकार भरते हुए कहा कि सेना हर चुनौती से निपटने को तैयार है और पड़ोसी देश से होने वाली आतंकी गतिविधियों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, एलओसी समेत घाटी के भीतरी इलाकों में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद साउथ ब्लॉक में सैनी ने कहा, पिछले साल सीमापार से कई बार संघर्ष विराम उल्लंघन हुआ। हम सभी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उत्तरी सीमा पर सैन्य उपकरण, गोला और बारूद आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा, खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते कुछ हफ्तों में पीओके में आतंकी गतिविधियों की सूचना मिली है। सेना इनसे निपटने के लिए तैयार है।
सीडीएस के रूप में रावत ने की पहली नियुक्ति
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने एसके सैनी के रूप में अपने कार्यकाल की पहली नियुक्ति की है। एसके सैनी, सेना के विभिन्न विभागों का सेना मुख्यालय के साथ सामंजस्य स्थापित करने में सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मदद करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी की प्रोफाइल
सैनी इससे पहले दक्षिण कमांड के प्रमुख थे। सैनी कपूरथला सैनिक स्कूल और एनडीए का हिस्सा रहे हैं। जून 1981 में जाट रेजिमेंट में इनकी नियुक्ति हुई। इसके अलावा सैनी एनएसजी प्रशिक्षण केंद्र में हथियारों की ट्रेनिंग दे चुके हैं। सैनी ईराक और कुवैत में यूएन के मिशन में उप मुख्य सैन्य कर्मिक अधिकारी भी रह चुके हैं। सैनी को अब तक सेनाध्यक्ष की सेना के कमांडर, सेना के कमांडर, युद्ध सेवा पदक (वाईएसएम), विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) और अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है।