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लेटर बम : मंत्री बाला साहेब थोराट बोले- परमबीर सिंह ने दबाव में आकर देशमुख के खिलाफ पत्र लिखा
Mon, 22 Mar 2021 06:19 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 22 Mar 2021 06:19 PM IST
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balasaheb thorat
- फोटो : ANI
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महाराष्ट्र के मंत्री एवं कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट ने सोमवार को कहा कि मुंबई मुम्बई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने शायद दबाव में आकर राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ वह पत्र लिखा होगा, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
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थोराट ने एक वीडियो संदेश में कहा कि महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल ने राज्य में पार्टी के नेताओं के साथ विवाद पर चर्चा की और मामले पर उनकी राय समझने की कोशिश की। थोराट ने कहा कि एचके पाटिल ने दिल्ली से कल इस मुद्दे पर हमसे चर्चा की। उन्होंने हमारी राय समझने की कोशिश की। उन्होंने घटनाक्रम समझने की कोशिश की।
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घटक दलों से चर्चा के बाद ही फैसला
थोराट ने कहा कि अगर इस संबंध में कोई भी फैसला किया गया, तो वह महाविकास आघाडी (एमवीए) के घटक दलों के बीच चर्चा करने के बाद लिया जाएगा। शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस एमवीए में शामिल है। सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दावा किया कि राकांपा के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे तथा अन्य पुलिस अधिकारियों से मुंबई के बार एवं होटलों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने के लिए कहा था। देशमुख ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है।
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पत्र लिखने की मंशा पर शक
थोराट ने कहा कि मामले की उचित तरीके से जांच की जा रही है। परमबीर सिंह के पत्र लिखने की मंशा को लेकर हमें संदेह है। हमारी राय में सिंह ने शायद किसी दबाव में आकर वह पत्र लिखा। देशमुख के इस्तीफा देने के सवाल पर सिंह ने कहा कि केवल किसी अधिकारी के आरोप लगाने पर मंत्री का इस्तीफा देना गलत होगा। सिंह की मंशा जानना भी जरूरी है कि कहीं वह किसी दबाव में तो नहीं थे।
सिंह ने पत्र में यह भी दावा किया था कि देशमुख चाहते थे कि लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मुंबई में दर्ज किया जाए। दादरा और नागर हवेली से सात बार के सांसद डेलकर 22 फरवरी को दक्षिण मुम्बई में मरीन ड्राइव पर स्थित एक होटल में मृत पाए गए थे। थोराट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि जब घटना मुंबई में हुई है, तो प्राथमिकी यहां दर्ज किए जाने में गलत क्या है।