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विधान परिषद चुनाव: शिवसेना-यूबीटी से अनिल परब मुंबई ग्रेजुएट क्षेत्र के उम्मीदवार, 26 जून को होगा मतदान
Sat, 25 May 2024 06:47 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 25 May 2024 06:47 PM IST
सार
अनिल परब ने आगे कहा कि भले ही शिवसेना (अविभाजित) के 40 विधायक 2022 के विभाजन के बाद शिंदे खेमे में चले गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर शिव सैनिक उद्धव ठाकरे के साथ ही है।
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विधान परिषद चुनाव
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
शिवसेना (यूबीटी) ने एमएलसी अनिल परब और पार्टी पदाधिकारी जेएम अभयंकर को मुंबई ग्रेजुएट और मुंबई टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र से 26 जून को विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार नियुक्त किया। अनिल परब महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में पूर्व राज्य परिवहन मंत्री थे। जेएम अभयंकर शिवसेना टीचर्स सेल के प्रमुख हैं। विधान परिषद की 78 सीटों में शिवसेना (अविभाजित) के 11, राकांपा(अविभाजित) के नौ, कांग्रेस के आठ और भाजपा के 22 सदस्य हैं। इसके अलावा जदयू के राष्ट्रीय समाज पक्ष के एक-एक और निर्दलीय के चार सदस्य और 21 सीटें खाली हैं। बता दें कि नामांकन भरने की अंतिम तिथि सात जून है। मतदान 26 जून को और परिणाम एक जुलाई को घोषित किए जाएंगे।
बता दें कि शिवसेना, राकांपा के ज्यादातर एमएलसी मुख्यमंत्री एकनाथ शिदे और उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले खेमे में चले गए। परब ने दावा किया कि पिछले 30 वर्षों से यह क्षेत्र शिवसेना (अविभाजित) के नियंत्रण में है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रेजुएट मतदाताओं द्वारा पार्टी पर जताए गए भरोसे के दम पर उनकी जीत निश्चित है।
मीडिया से बात करते हुए परब ने कहा, "शिवसैनिकों के लिए दूसरे पक्ष का उम्मीदवार कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाता पंजीकृत किए हैं। यहां हमारी पकड़ मजबूत है, इसलिए जीत पक्की है।" उन्होंने दावा किया कि भाजपा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सेना को मुंबई ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र आवंटित नहीं कर सकती है।
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परब ने आगे कहा कि भले ही शिवसेना (अविभाजित) के 40 विधायक 2022 के विभाजन के बाद शिंदे खेमे में चले गए, लेकिन जमीनी स्तर पर शिव सैनिक उद्धव ठाकरे के साथ ही है। शिवसेना का कैडर बरकरार है, इसलिए जीत पक्की है। रिक्त चार सीटों में से मुंबई टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र वर्तमान में एमवीए के सहयोगी जदयू के कपिल पाटिल के पास हैं। रिक्त होने वाली चार सीटों में से, मुंबई शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र वर्तमान में एमवीए के सहयोगी जदयू के कपिल पाटिल के पास है।
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बता दें कि शिवसेना, राकांपा के ज्यादातर एमएलसी मुख्यमंत्री एकनाथ शिदे और उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले खेमे में चले गए। परब ने दावा किया कि पिछले 30 वर्षों से यह क्षेत्र शिवसेना (अविभाजित) के नियंत्रण में है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रेजुएट मतदाताओं द्वारा पार्टी पर जताए गए भरोसे के दम पर उनकी जीत निश्चित है।
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मीडिया से बात करते हुए परब ने कहा, "शिवसैनिकों के लिए दूसरे पक्ष का उम्मीदवार कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाता पंजीकृत किए हैं। यहां हमारी पकड़ मजबूत है, इसलिए जीत पक्की है।" उन्होंने दावा किया कि भाजपा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सेना को मुंबई ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र आवंटित नहीं कर सकती है।
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परब ने आगे कहा कि भले ही शिवसेना (अविभाजित) के 40 विधायक 2022 के विभाजन के बाद शिंदे खेमे में चले गए, लेकिन जमीनी स्तर पर शिव सैनिक उद्धव ठाकरे के साथ ही है। शिवसेना का कैडर बरकरार है, इसलिए जीत पक्की है। रिक्त चार सीटों में से मुंबई टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र वर्तमान में एमवीए के सहयोगी जदयू के कपिल पाटिल के पास हैं। रिक्त होने वाली चार सीटों में से, मुंबई शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र वर्तमान में एमवीए के सहयोगी जदयू के कपिल पाटिल के पास है।