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ONOE: 'एक राष्ट्र एक चुनाव चरणबद्ध तरीके से लागू हो'; संसदीय समिति को पूर्व सीजेआई ने दिया सुझाव

Tue, 25 Feb 2025 02:31 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 25 Feb 2025 02:31 PM IST
सार

विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष रितुराज अवस्थी के अलावा आईएएस अधिकारी नितेन चंद्रा भी संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। नितेन चंद्रा एक देश एक चुनाव पर सहमति बनाने वाली पूर्व राष्ट्रपति कोविंद समिति में सचिव भी रहे थे। 

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Legal experts appears before ONOE one nation one election parliamentary committee
एक देश एक चुनाव संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी - फोटो : एएनआई

विस्तार

विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष रितुराज अवस्थी मंगलवार को एक देश एक चुनाव विधेयक पर चर्चा के लिए गठित संसदीय समिति के सामने पेश हुए। संसदीय समिति एक देश एक चुनाव को लेकर सभी संबंधित विशेषज्ञों और हिस्सेदारों से बात कर रही है। इसी के तहत कानूनी विशेषज्ञ के तौर पर रितुराज अवस्थी भी संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष रितुराज अवस्थी के अलावा आईएएस अधिकारी नितेन चंद्रा भी संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। नितेन चंद्रा एक देश एक चुनाव पर सहमति बनाने वाली पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व वाली समिति में सचिव भी रहे थे। 
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एक राष्ट्र एक चुनाव चरणबद्ध तरीके से लागू हो : पूर्व सीजेआई
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) यूयू ललित ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव अच्छा विचार है, लेकिन इसे एक साथ नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए। पूर्व सीजेआई मंगलवार को उस संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष अपना विचार रख रहे थे, जो एक राष्ट्र एक चुनाव से संबंधित दो विधेयकों का परीक्षण कर रही है।
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सूत्रों ने बताया कि ललित ने अपने सुझाव में कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की अवधारण एक अच्छा विचार है। लेकिन विधेयकों की परिकल्पना के अनुसार कानून को शीर्ष अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कुछ बदलावों का भी प्रस्ताव रखा।
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विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष रितु राज अवस्था ने भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली 39 सदस्यीय समिति को बताया कि प्रस्तावित कानून संघवाद पर बुनियादी संरचना सिद्धांत का उल्लंघन नहीं करता है। यह संविधान के लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ भी नहीं है।
संविधान संशोधन विधेयक समेत दो विधेयक जेपीसी के पास भेजे गए
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया और सरकार ने लोकसभा में संविधान में संशोधन करने वाले एक विधेयक सहित दो विधेयक संसद में पेश किए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इन विधेयकों पर चर्चा के लिए भाजपा सांसद और पूर्व कानून मंत्री पी पी चौधरी की अध्यक्षता में 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया। संसदीय समिति ने मंगलवार को छोड़कर अब तक दो बैठकें की हैं।

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