प्रेम विवाह करने वाली बेटी को जीने दो जिंदगी: SC
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कभी ऐसा भी होता है जब सुप्रीम कोर्ट सख्त कानूनी दायरे से ऊपर उठकर दूरदराज से आए वादियों के लिए एक नरम दिल अभिभावक बन जाता है। ऐसा ही हुआ मुजफ्फरनगर के एक मुस्लिम परिवार के साथ।
मुजफ्फरनगर के जलालाबाद गांव के मोहम्मद इदरीश और उनकी पत्नी ने प्रेम विवाह करने वाली बेटी को वापस लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने एक के बाद एक झूठ बोला। इनकी बातों पर यकीन कर जब चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने उस बेटी को बुलाया तो उसी बेटी ने अपने मां-बाप के झूठ की बखिया उधेड़ दी।
इन झूठ के लिए घरवालों पर अदालत के समक्ष गलतबयानी करने का मुकदमा (परजरी) चल सकता था। लेकिन चीफ जस्टिस ने नरम दिली दिखाते हुए न सिर्फ मां-बाप को झूठ को नजरअंदाज कर दिया बल्कि पिता को नसीहत दी कि बेटी को जीने दो अपनी जिंदगी। कोर्ट ने कहा बेटी बालिग है, उसे उसके मुकद्दर पर छोड़ दो।
बालिग बेटी को बताया नाबालिग
वास्तव में घरवालों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा था कि उसकी नाबालिग बेटी को उसका पड़ोसी लेकर भाग गया है और दोनों फिलहाल देहरादून में हैं। मामले की गंभीरता और घरवालों की परेशानी को देखते हुए चीफ जस्टिस ने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए नाबालिग का पता लगाने के लिए कहा।
करीब एक हफ्ते बाद नाबालिग सुप्रीम कोर्ट पहुंची। चीफ जस्टिस ने युवती से खुद सवाल-जवाब किया। बेटी ने एक के बाद एक मां-बाप की बातों को गलत साबित कर दिया। युवती ने कहा कि वह बालिग है। उसकी उम्र 25 वर्ष है।
उसने बताया कि जिस व्यक्ति पर अगवा करने का आरोप लगाया गया है वह उसका पति है। इतना ही नहीं उसने बताया कि उसकी शादी चार वर्ष पहले हुई थी और वह अपनी मर्जी से पति के साथ रह रही है और आगे भी उसी के साथ रहना चाहती थी। युवती ने न केवल अपनी उम्र और शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र दिखाए बल्कि निकाहनामा भी पेश किया। इसके बाद चीफ जस्टिस ने पिता से कहा कि आपकी बेटी तो बालिग और वह पति के साथ रहना चाहती है।
आपको क्यों परेशानी है। पिता ने कहा कि वह दबाव में बोल रही है। जवाब में बेटी ने कहा कि उस पर किसी का दबाव नहीं है। जिसके बाद चीफ जस्टिस ने पिता से कहा कि बेटी बालिग है और वह पति के साथ रहना चाहती है, उसे रहने दो। वहीं उसकी तकदीर है, आपने तो बहुत कोशिश कर ली। वह अपना अच्छा-बुरा सोच सकती है। यह कहते हुए चीफ जस्टिस ने इस विवाद का निपटारा कर दिया।