फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   lawyer Mike Andrews involved in Ahmedabad plane crash, says initial challenges were to solve puzzle

AIR India: 'दुर्घटना के कारण का पता लगाना सबसे बड़ी और शुरुआती चुनौती', अहमदाबाद हादसे पर पीड़ितों के वकील

Mon, 11 Aug 2025 06:07 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 11 Aug 2025 06:07 AM IST
सार

अहमदाबाद विमान दुर्घटना से प्रभावित 65 से ज्यादा परिवारों का केस लड़ रहे अमेरिकी वकील माइक एंड्रयूज ने मुकदमे की जटिलताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती चुनौतियों में पहेली सुलझाना और यह पता लगाना शामिल है कि आखिर हुआ क्या था।  

विज्ञापन
lawyer Mike Andrews involved in Ahmedabad plane crash, says initial challenges were to solve puzzle
AI171 दुर्घटना मामले के प्रमुख वकील माइक एंड्रयूज - फोटो : एएनआई

विस्तार

अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया का विमान संख्या AI171 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अमेरिकी वकील माइक एंड्रयूज हादसे से प्रभावित 65 से ज्यादा परिवारों का केस लड़ रहे हैं। उन्होंने चल रहे मुकदमे की जटिलताओं को रेखांकित किया। साथ ही कहा कि 'शुरुआती चुनौतियों में पहेली सुलझाना और यह पता लगाना शामिल है कि आखिर हुआ क्या था।'

विज्ञापन


वकील एंड्रयूज ने कहा कि चुनौती दुर्घटना के कारण का पता लगाना और यह पता लगाने में है कि क्या कोई दोष था, जिसने इस त्रासदी को जन्म दिया। उन्होंने कहा, 'मुकदमेबाजी में हमेशा चुनौतियां होती हैं। हमें न केवल यह निर्धारित करने के लिए शुरुआत करनी होगी कि क्या हुआ था, बल्कि हमें यह भी पता लगाना होगा कि क्या कोई दोष था, जिसके कारण यह हुआ।'
विज्ञापन


जांच में इन बातों का रखा जाएगा ध्यान 
एंड्रयूज ने आगे कहा कि जांच में दुर्घटना से जुड़ी घटनाओं को जोड़ने के लिए ये देखा जाएगा कि कहीं विमान के डिजाइन, निर्माण या रखरखाव में कोई समस्या तो नहीं थी। कभी-कभी समस्या एक से ज्यादा कारणों से मिलकर भी हो सकती है। उन्होंने कहा, 'हमें यह पता लगाना होगा कि समस्या डिजाइन या निर्माण संबंधी समस्याओं की वजह से हुई, या फिर रखरखाव में गलती थी। इसलिए शुरुआत की चुनौती ऐसे सुराग जोड़ने की होती है, जैसे कोई पहेली हल कर रहे हों, ताकि पूरी घटना समझ में आए।'
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Income Tax Bill: लोकसभा में आज पेश होगा नया आयकर विधेयक; प्रवर समिति के सुझाए सभी संशोधन शामिल

एंड्रयूज ने मामले की पेचीदगियों पर डाला प्रकाश
एंड्रयूज ने मामले की पेचीदगियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'क्या किसी खराबी ने विमान को उसके असली उद्देश्य के लिए अनुपयोगी बना दिया? क्या यह पहले से अनुमान लगाया जा सकता था कि इसका इस तरह इस्तेमाल होगा? क्या किसी ने विमान का गलत इस्तेमाल किया, या यह अपने सामान्य इस्तेमाल में ही फेल हो गया?' इसके अलावा, विमान की जटिल इलेक्ट्रिक और कंप्यूटर प्रणालियों की भी जांच होगी, ताकि यह पता चल सके कि कहीं किसी गलत या अनियंत्रित सिग्नल ने दुर्घटना में योगदान दिया था। 

उड़ान के दौरान पर्दे के पीछे क्या हुआ, समझना जरूरी
एंड्रयूज ने आगे कहा कि सवाल यह है कि क्या यह पूर्वानुमान लगाया जा सकता है कि विमान उड़ान भरेगा। हमें समझना होगा कि उड़ान के दौरान पर्दे के पीछे क्या हुआ। क्या पायलटों ने कोई आदेश दिया था, या कंप्यूटर ने बिना आदेश के गलत सिग्नल भेज दिया?, जिसके कारण यह विमान दुर्घटना हुई। 

वैकल्पिक डिजाइनों के विश्लेषण के महत्व पर भी दिया जोर
वकील एंड्रयूज ने वैकल्पिक डिजाइनों के विश्लेषण के महत्व पर भी जोर दिया, जो दुर्घटना को रोक सकते थे या चोटों को कम कर सकते थे। उन्होंने कहा, 'एक बार जब हम ये निर्णय ले लेते हैं, तो हम वैकल्पिक डिजाइनों जैसी चीजों पर विचार करना शुरू करते हैं। क्या ऐसे डिजाइन मौजूद थे, जो दुर्घटना को होने से रोक सकते थे, चोटों को कम कर सकते थे या फिर इसकी संभावना को कम कर सकते थे। 


ये भी पढ़ें: Rain Alert : हिमाचल से कर्नाटक और पश्चिमी यूपी से मिजोरम तक जमकर बारिश; अगले पांच से सात दिन के लिए अलर्ट

विमान दुर्घटना में गई थी 260 लोगों की जान
गौरतलब है कि एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान संख्या AI171 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में 229 यात्रियों, 12 चालक दल के सदस्यों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों समेत 260 लोगों की मौत हो गई थी। 

दुर्घटना के बाद AAIB ने जारी की प्रारंभिक रिपोर्ट
भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने बाद में विमान दुर्घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में उड़ान भरने के 90 सेकंड के भीतर घटित हुई घटनाओं के भयावह क्रम का विवरण दिया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि शुरुआती उड़ान के दौरान विमान के दोनों इंजन अप्रत्याशित रूप से बंद हो गए, जिससे विमान का थ्रस्ट बहुत कम हो गया और विमान तेजी से नीचे गिर गया। यह दुर्घटना हाल के इतिहास में भारत में हुई सबसे घातक विमानन दुर्घटनाओं में से एक है।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed