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चलन से बाहर 12.84 करोड़ रुपये के नोट जमा करने पर बैंक प्रबंधक समेत छह के खिलाफ मुकदमा
Thu, 14 Jan 2021 03:34 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 14 Jan 2021 03:34 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के चार साल बाद सीबीआई ने बंद हो चुके नोटों में 12.84 करोड़ रुपये खाते में जमा करने के मामले में जम्मू-कश्मीर बैंक की गाजियाबाद शाखा के कार्यकारी प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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आरोपियों में फर्म के तीन प्रोप्राइटर और दो अन्य व्यक्ति शामिल हैं। इन्होंने बंद हो चुके नोटों में यह रकम बैंक में जमा कराई और फिर नेट बैंकिंग के जरिये इस पैसे को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया गया।
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सीबीआई को सूत्रों के हवाले से पिछले साल दिसंबर में इस फर्जीवाड़े की खबर लगी थी। जिसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने राहुल चौधरी और दुष्यंत चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। ये दोनों जम्मू कश्मीर बैंक की गाजियाबाद शाखा में दिव्यांशी सेल्स कॉरपोरेशन और श्यामा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से खाते चला रहे थे। सीबीआई का आरोप है कि ये दोनों बैंक के कार्यकारी प्रबंधक नेतार सबरवार के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल कर फर्म के प्रोपराइटरों के बजाय खुद ही खातों को संचालित कर रहे थे।
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यही नहीं इन दोनों ने शिवा ट्रेडिंग के प्रोपराइटर पंकज कुमार, दिव्यांशी सेल्स के विकास राठी और श्यामा ट्रेडिंग के घनश्याम पटेल को अपने साथ मिलाकर बैंक खातों में फोन नंबर भी बदला ताकि लेनदेन का अलर्ट मैसेज न आए। 8 नवंबर 2016 को सरकार ने जब 1000 और 500 के नोटों को बंद कर दिया तब बैंक के प्रबंधक सबरवार ने बैंक व आरबीआई के नियमों का उल्लंघन करते हुए राहुल और दुष्यंत को 12.84 करोड़ रुपये नकद जमा करने की अनुमति दी। इन दोनों ने मोबाइल नंबर बदलने के बाद आरटीजीएस के जरिये इस पैसे को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया।