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कोच्चि आगजनी केस में लॉरेंस की एंट्री?: आरोपी के मोबाइल से मिले सुराग, साजिश की कड़ियां जोड़ रही एसआईटी

Mon, 19 Oct 2026 10:00 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, कोच्चि
पीटीआई, कोच्चि Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 19 Oct 2026 10:00 PM IST
सार

कोच्चि में सिनेगॉग के पास नर्सरी में आग लगाने के आरोपी एबिन पॉल के मोबाइल से लॉरेंस बिश्नोई के बारे में सर्च और गैंगस्टरों के नाम वाले टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े सुराग मिले हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों को अब तक बिश्नोई गैंग से उसका सीधा संबंध होने का कोई सबूत नहीं मिला है।

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Lawrence involvement Kochi arson case Clues found accused mobile phone SIT piecing together links conspiracy
अपराध। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केरल के कोच्चि में एक सिनेगॉग के पास आगजनी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम को आरोपी एबिन पॉल के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में पता चला है कि एबिन इंटरनेट पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बारे में सर्च करता था और टेलीग्राम पर ऐसी चैट भी करता था, जिनमें बिश्नोई का जिक्र था। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वह गैंगस्टरों के नाम पर बने कई टेलीग्राम ग्रुप का हिस्सा भी था। हालांकि, अब तक उसके बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है।

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12 अक्टूबर को नर्सरी में लगाई थी आग
पुलिस ने 32 वर्षीय एबिन पॉल को कोच्चि के एर्नाकुलम मार्केट इलाके में आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसने 12 अक्टूबर की सुबह कडवुभागम सिनेगॉग के सामने स्थित ब्लॉसम नर्सरी में आग लगा दी थी। यह इलाका कोच्चि सेंट्रल पुलिस स्टेशन के तहत आता है। पांच दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद सोमवार को उसे एर्नाकुलम की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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गैंगस्टरों से प्रभावित होने का शक
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एबिन के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में पता चला कि उसने लॉरेंस बिश्नोई के बारे में कई बार ऑनलाइन जानकारी खोजी थी। वह अलग-अलग गैंगस्टरों के नाम वाले टेलीग्राम ग्रुप में भी शामिल था। उसकी कुछ चैट में बिश्नोई का जिक्र मिला है। इन गतिविधियों के आधार पर जांचकर्ताओं को शक है कि वह अपराध की दुनिया से जुड़े लोगों से प्रभावित था। हालांकि, पुलिस को अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे साबित हो कि वह किसी आपराधिक गिरोह के लिए काम करता था या स्थानीय गैंगों से उसका कोई संबंध था।
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जनवरी और मार्च में भी आग लगाने की कोशिश
SIT की जांच में यह भी सामने आया है कि एबिन ने इस साल जनवरी में मुवाट्टुपुझा के मेक्काप्पाड इलाके में एक इमारत में आग लगाने की कोशिश की थी। इसके बाद मार्च में उसने उसी जगह को दोबारा निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक, उस इमारत में एक ऑफिस था और आग लगने से उसे मामूली नुकसान पहुंचा था।

टेलीग्राम के जरिए भेजे जाते थे वीडियो?
जांचकर्ताओं को शक है कि एबिन आगजनी की घटनाओं के वीडियो टेलीग्राम के जरिए अपने कथित हैंडलरों को भेजता था। मुवाट्टुपुझा की घटनाओं के बाद उसने एक पुरानी कारों के शोरूम में भी आग लगाई थी। इसके बाद कोच्चि में सिनेगॉग के पास आगजनी की घटना हुई। हालांकि, इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ था और एबिन को कोई निर्देश दे रहा था या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है।

आरोपी को घटनास्थलों पर ले गई पुलिस
जांच के दौरान पुलिस एबिन को आगजनी से जुड़ी तीनों जगहों और उसके घर लेकर गई। वहां सबूत जुटाने की कार्रवाई की गई। फिलहाल उसके मोबाइल, चैट और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, ताकि उसके कथित हैंडलरों की पहचान की जा सके। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर केस में नई धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। इसके लिए SIT दोबारा उसकी पुलिस हिरासत मांगने की तैयारी में है।

घर से कई तरह के नशीले पदार्थ भी मिले
इस मामले के अलावा पुथेनक्रूज पुलिस ने एबिन के घर से नशीले पदार्थ मिलने के बाद अलग से केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, उसके घर से हेरोइन, ऑक्सीकोडोन, फेंटानिल, अल्प्राजोलम और केटामाइन समेत कई तरह के नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे। इस मामले में भी पुलिस जल्द उसकी गिरफ्तारी दर्ज कर अदालत से हिरासत मांग सकती है।


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NIA समेत केंद्रीय एजेंसियां भी जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत केंद्रीय एजेंसियां भी इसकी जानकारी जुटा चुकी हैं। पुलिस के साथ जानकारी साझा करने के बाद अब जांच में सामने आने वाले डिजिटल सबूतों और कथित हैंडलरों की भूमिका पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगजनी की इन घटनाओं के पीछे एबिन का मकसद क्या था और क्या कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क उसे निर्देश दे रहा था।

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