फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   law commission recommend vandals pay damages to public property to get bail

Law Commission: 'प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की तो भरना होगा हर्जाना, तभी मिलेगी जमानत', विधि आयोग की सिफारिश

Fri, 02 Feb 2024 01:35 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 02 Feb 2024 01:35 PM IST
सार

सिफारिश में कहा गया है कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले से हर्जाना वसूला जाएगा तो इससे लोग प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ नहीं करेंगे। साल 2015 में भी सरकार ने कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस वक्त विधेयक नहीं लाया गया था।

विज्ञापन
law commission recommend vandals pay damages to public property to get bail
प्रदर्शन के दौरान हिंसा का दृश्य - फोटो : ANI

विस्तार

विधि आयोग ऐसी सिफारिश कर सकता है कि अगर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो तोड़-फोड़ करने वाले प्रदर्शनकारियों को नुकसान का पूरा हर्जाना भरने के बाद ही जमानत मिल सकेगी। विधि आयोग सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण कानून में संशोधन के लिए सिफारिश का प्रस्ताव दे सकता है। 
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों से नुकसान का हर्जाना वसूलने की तैयारी
सिफारिश में कहा गया है कि अगर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले से हर्जाना वसूला जाएगा तो इससे लोग प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ नहीं करेंगे। साल 2015 में भी सरकार ने कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस वक्त विधेयक नहीं लाया गया था। विधि आयोग आपराधिक मानहानि कानून का भी अध्ययन कर रहा है, लेकिन फिलहाल इसमें संशोधन के कोई सिफारिश नहीं की गई है। 
विज्ञापन


संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ देश के कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया था। साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने भी विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति के बढ़ते नुकसान की घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेकर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण कानून को कड़ा बनाने के निर्देश दिए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण कानून
इस कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसे पांच साल तक की जेल की सजा या जुर्माने या फिर दोनों हो सकते हैं। सार्वजनिक संपत्ति में ऐसे भवनों और संपत्ति को शामिल किया जाता है, जिनका उपयोग जल, प्रकाश, ऊर्जा उत्पादन या वितरण में किया जाता है। साथ ही तेल प्रतिष्ठान, सीवरेज, कारखाना या फिर लोक परिवहन या दूरसंचार के साधनों को भी सार्वजनिक संपत्ति में शामिल किया जाता है। सार्वजनिक संपत्ति में आग लगाने या फिर विस्फोट से तबाह करने पर दस साल जेल की सजा का प्रावधान है। 


विधि आयोग सरकार द्वारा गठित एक कार्यकारी निकाय है। देश में कानूनी सुधार के लिए विधि आयोग काम करता है। देश में विधि आयोग का गठन एक निर्धारित अवधि के लिए किया जाता है और यह विधि और न्याय मंत्रालय के लिए परामर्शदाता निकाय के रूप में काम करता है। विधि आयोग के सदस्य कानूनी विशेषज्ञ होते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed