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कश्मीर में कानून व्यवस्था में हुआ सुधार: गृह मंत्रालय

Sat, 06 Aug 2016 07:31 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 06 Aug 2016 07:31 AM IST
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Law and order situation is improving in JK
कश्‍मीर में बवाल - फोटो : PTI

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के कारण कश्मीर घाटी में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्पन्न स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर घाटी में अब कानून व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। जहां नौ जुलाई को 201 उग्र प्रदर्शन हुए थे वहीं तीन अगस्त को महज 11 प्रदर्शन हुए।

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रिपोर्ट में कहा गया कि अमरनाथ यात्रा भी सही तरह से चल रही है। 29 जुलाई तक 2,11,707 यात्री अमरनाथ के दर्शन कर चुके थे। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष रिपोर्ट सौंपते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि घाटी में हालात में सुधार को देखते हुए 30 जुलाई को अधिकतर हिस्सों से कर्फ्यू हटा लिया गया है। 
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महज तीन जिलों के कुछ इलाकों में ही फिलहाल कर्फ्यू है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के प्रयासों के कारण स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। बुरहान की मौत के बाद अब तक हिंसा की कुल 872 घटनाएं हुईं।
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ये घटनाएं खासतौर पर दक्षिण कश्मीर और मध्य व उत्तरी कश्मीर में हुईं। इन घटनाओं में 42 आम नागरिकों और दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई, जबकि 2656 आम नागरिक और 3783 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। 28 सरकारी प्रतिष्ठानों को आग के हवाले किया गया और 49 प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के 22 जिलों में से 10 में कर्फ्यू लगा हुआ था।

'युवकों को प्रदर्शन और पत्थर फेंकने के लिए उकसाया गया'

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कश्‍मीर - फोटो : PTI

सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि कुछ विरोधी और असामाजिक तत्वों ने सोशल मीडिया के जरिए हिंसा भड़काने का काम किया। कथित आजादी के समर्थन में नारे लगाने के लिए कुछ मस्जिदों का इस्तेमाल किया गया और युवकों को प्रदर्शन और पत्थर फेंकने के लिए उकसाया गया।

मालूम हो कि गत 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल को जम्मू एवं कश्मीर के हालात पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था। गृह मंत्रालय की ओर से दाखिल की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि घाटी में चिकित्सा सेवाएं सुचारु तरीके से चल रही हैं। सरकारी अस्पताल 24 घंटे घायलों का इलाज कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 58 लोगों की आंखों का ऑपरेशन हुआ। 240 लोगों को आंखों के आसपास जख्म था, जिनका इलाज किया गया।

वहीं, आठ जुलाई से तीन अगस्त के बीच सब्जियों और दूध की आपूर्ति को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जी मंडियां रात के वक्त चालू थीं। घाटी में जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए घाटी को जोड़ने वाले राजमार्गों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था है। रिपोर्ट में कहा गया कि ब्लड बैंकों में भी खून की कमी नहीं है। इस दौरान रक्त दान शिविर का आयोजन कर 300 यूनिट खून जमा किए गए।

450 एंबुलेंसों का इस्तेमाल हो रहा है। इनमें से 110 एंबुलेंस क्षतिग्रस्त भी हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि घाटी में एलपीजी गैस सिलेंडर की भी आपूर्ति कमोवेश सामान्य रही। फिलहाल 2.08 लाख सिलेंडर स्टॉक में हैं, जो 18 दिनों के लिए पर्याप्त हैं। शीर्ष अदालत ने स्थिति रिपोर्ट पर गौर करने के बाद याचिकाकर्ता जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी प्रमुख वरिष्ठ वकील भीम सिंह को रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।

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