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मालाबार : अरब सागर में भारत-अमेरिकी जंगी विमानों ने लक्ष्य पर लगाया निशाना
Sat, 21 Nov 2020 02:40 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 Nov 2020 02:40 AM IST
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भारतीय नौसेना
- फोटो : ANI
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अरब सागर में चल रहे मलाबार नौसैनिक युद्धाभ्यास के दूसरे चरण के आखिरी दिन शुक्रवार को भारतीय नौसेना के मिग-29 केएस और अमेरिकी नौसेना के एफ-18 एस लड़ाकू विमानों ने एकसाथ युद्धाभ्यास किया और लक्ष्य को निशाना बनाया। मिग-29 केएस ने आईएनएस विक्रमादित्य विमानवाहक पोत से उड़ान भरी। वहीं, अमेरिका विमानवाहक पोत निमित्ज से एफ-18 एस लड़ाकू विमान ने निशाने को भेदा।
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नौसेनाओं क्वॉड देशों का सुरक्षा फोरम है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। दूसरे चरण के तहत अरब सागर में 17 से 20 नवंबर तक यह युद्धाभ्यास हुआ है। युद्धाभ्यास में युद्धपोत एचएमएएस बल्लार्ट ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
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वहीं, जापान की तरफ से प्रमुख विध्वंसक पोत जेएस मुरासेम ने हिस्सा लिया। इससे पूर्व पहले चरण में तीन से छह नवंबर तक बंगाल की खाड़ी में यह युद्धाभ्यास हुआ था। मलाबार युद्धाभ्यास का यह सिलसिला भारत और अमेरिका के बीच 1992 में शुरू हुआ था।
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भारत-थाईलैंड की नौसेना ने हिंद महासागर में लगाई गश्त
भारत और थाईलैंड की नौसेना ने हिंद महासागर में 18 से 20 नवंबर तक गश्त लर्गाई। भारत-थाईलैंड सहयोगात्मक गश्त के 30वें संस्करण के तहत आईएनएस कार्मुक, स्वदेश निर्मित मिसाइल कोर्वेट, थाईलैंड की शाही नौसेना की क्राबुरी और गश्ती विमान डॉर्नियर ने अभ्यास में हिस्सा लिया।
भारतीय नौसेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, भारत सरकार के सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) कार्यक्रम के तहत भारतीय नौसेना हिंद महासागर के इलाके में विशेष आर्थिक क्षेत्र की चौकसी, मानवीय सहायता, आपदा मदद, और अन्य क्षमता विकास जैसी गतिविधियों में तटीय देशों के आग्रह पर उनके साथ सहयोग करती रही है। प्रवक्ता ने कहा, भारत और थाईलैंड के बीच करीबी दोस्ताना रिश्ता रहा है, जो विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती देता रहा है।