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जमीन के बदले नौकरी मामला: 'लालू और उनके परिजनों को उपलब्ध कराई गई आरोपपत्र की प्रतियां', ED ने अदालत को बताया
Fri, 25 Oct 2024 10:26 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 25 Oct 2024 10:26 PM IST
सार
Land-For-Jobs Case: ईडी ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि उसने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों को उनके खिलाफ दर्ज नौकरी के बदले जमीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने पूरक आरोप पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराई हैं।
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बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि उसने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों को उनके खिलाफ दर्ज नौकरी के बदले जमीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपने पूरक आरोप पत्र की प्रतियां उपलब्ध कराई हैं। लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव की ओर से अदालत में पेश वकील ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने को बताया कि उन्हें अतिरिक्त शिकायत की सॉफ्ट कॉपी (जो कि ईडी के आरोपपत्र के समान है) प्राप्त हुई है।
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न्यायाधीश ने आरोपियों को निर्देश दिया कि अगर जरूरी हो तो वे पेन ड्राइव में मौजूद दस्तावेजों की जांच करें। अदालतों की फाइलों से मूल दस्तावेजों की भी जांच करें। उन्हें अदालत को सुनवाई की अगली तारीख 16 नवंबर तक इसकी सूचना देने का आदेश दिया गया।
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न्यायाधीश ने सात अक्तूबर को लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और अन्य को इस मामले में जमानत दी थी। आरोपियों को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत दी गई थी। आरोपी उन समन पर अदालत में हाजिर हुए थे, जो पहले अदालत की ओर से जारी किए गए थे। न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र स्वीकार करने के बाद समन जारी किया था।
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प्रवर्तन निदेशालय ने छह अगस्त को अदालत में अंतिम रिपोर्ट पेश की थी। यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की गई प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया था। यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर में पश्चिम-मध्य रेलवे के ग्रुप-डी पदों की नियुक्तियों से संबधित है। आरोप है कि इन नियुक्तियों के बदले में नए भर्ती कर्मचारियों ने लालू प्रसाद यादव के परिवार या सहयोगियों के नाम पर झमीनके टुकड़े भेंट या हस्तांतरित किए।