लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: मुकदमे का निपटारा कब तक हो पाएगा, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से मांगी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट में आज कई मामलों पर सुनवाई हुई। इनमें लखीमपुर खीरी, प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक के सेवा विस्तार, मनीष सिसोदिया से जुड़े मामले शामिल हैं। आइए आपको बताते हैं सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी आज की अहम खबरें...
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विस्तार
लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचल कर मारने के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कि आरोपी एक साल से ज्यादा समय से जेल में है। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत से जानकारी मांगी कि बिना दूसरे मुकदमों पर असर डाले इस केस का निपटारा कितने समय में हो सकेगा। अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी। शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से भी कहा कि वह एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल) में सवार तीन लोगों की हत्या के सिलसिले में दायर दूसरे मामले में स्थिति को लेकर एक हलफनामा दायर करे। इसी एसयूवी से कथित तौर पर किसानों को कुचल दिया गया था।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि आरोपी, पीड़ितों और समाज सहित सभी पक्षों के हितों में संतुलन साधने की जरूरत है। पीठ ने कहा कि हमें यह देखना होगा कि जो आरोपी एक साल से अधिक समय से जेल के अंदर है, उसके भी अधिकार हैं। अब आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है और आरोप तय किए जा चुके हैं। पीड़ितों और गवाहों के भी अपने अधिकार हैं। यहां तक कि समाज भी मामले में रुचि रखता है। अब, हमें मामले में सभी के अधिकारों को संतुलित करना होगा। पीठ ने कार सवार लोगों की हत्या के दूसरे मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश से भी कहा कि वह आरोप तय करने की वांछनीयता पर विचार करें।
प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक
प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक एसके मिश्रा को दिए गए कार्यकाल के तीसरे विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
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...तो अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र नहीं बन सकेगा भारत: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि यदि न्यायाधिकरणों द्वारा दिए गए निर्णयों को लागू नहीं किया जाएगा, तो भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र नहीं बन सकता। शीर्ष अदालत ने दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लि. (डीएएमईपीएल) के पक्ष में आए फैसले को लागू नहीं करने पर यह टिप्पणी की है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को इस मामले में मध्यस्थता फैसले के अनुरूप डीएएमईपीएल को भुगतान करना है। एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने डीएएमईपीएल के पक्ष में फैसला दिया था। डीएएमईपीएल सुरक्षा मुद्दों की वजह से एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन के परिचालन से हट गई थी। न्यायमूर्ति बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने महान्यायवादी आर वेंकटरमणी से कहा कि शीर्ष अदालत ने इस फैसले को उचित ठहराया है और इसे लागू किया जाना चाहिए। कोर्ट ने पांच मई को हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें डीएमआरसी को मध्यस्थता न्यायाधिकरण के निर्णय के तहत ब्याज के साथ दो समान किस्तों में दो महीने में 4,600 करोड़ रुपये का भुगतान डीएएमईपीएल को करने को कहा गया था।
ठग सुकेश चंद्रशेखर की जान को कोई खतरा नहीं:दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को ठग सुकेश चंद्रशेखर की उस याचिका का विरोध किया। सुकेश ने याचिका में उसे राष्ट्रीय राजधानी से बाहर की एक जेल में स्थानांतरित करने करने का अनुरोध किया गया था। दिल्ली पुलिस ने उसे एक शातिर अपराधी बताया है, जो कानून का जरा भी सम्मान नहीं करता है। यह आरोप भी लगाया गया है कि चंद्रशेखर अपने अपराध गिरोह को बढ़ाने के लिए कानून की प्रक्रिया का दुरूपयोग कर रहा है और दिल्ली पुलिस तथा केंद्र सरकार के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना पॉलोज की याचिका पर सुनवाई कर रही है।
जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना की प्रक्रिया उन्नत स्तर पर
केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन की प्रक्रिया उन्नत स्तर पर है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ को अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने बताया कि मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया है और प्रक्रिया उन्नत चरण पर है। वहीं, पीठ ने उन्हें इस संबंध में संक्षिप्त हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने न्याय के हित में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के निर्देश की मांग करने वाली याचिकाओं पर केंद्र और अन्य को नोटिस जारी किया था।