फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ladakh border: China is not deterring, fixes tents again in eight places, deadlock persists for one and a half year

लद्दाख बॉर्डर: बाज नहीं आ रहा चीन, आठ जगह फिर ताने तंबू, डेढ़ साल से गतिरोध बरकरार

Mon, 27 Sep 2021 05:06 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 27 Sep 2021 05:06 PM IST
सार

लद्दाख सीमा पर चीन ने एक बार फिर अपनी हरकतें शुरू कर दी हैं। दोनों देशों के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए कई दौर की चर्चा व कई क्षेत्रों से सेनाएं हटाने के बाद यह नया घटनाक्रम है।
 

विज्ञापन
Ladakh border: China is not deterring, fixes tents again in eight places, deadlock persists for one and a half year
पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीनी सैनिक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चीन की चालबाजियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्वी लद्दाख बॉर्डर पर उसने एक बार फिर नए तंबू तानना शुरू कर दिया है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार चीन ने आठ जगह टैंट लगा दिए हैं और बंकर बनाने का काम जारी है। लद्दाख में बीते करीब डेढ़ साल से गतिरोध कायम है।

विज्ञापन


खुफिया सूत्रों के हवाले से आई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने उत्तर में काराकोरम दर्रे के पास वहाब, जिल्गा, पीयु, हॉट स्प्रिंग्स, चांग ला, ताशिगांग, मांजा और चुरुप तक सैनिकों के लिए तंबू लगाए हैं। चीनी सेना के लिए नए कैंप मौजूदा कैंपों के अलावा बनाए गए हैं। इससे उसकी मंशा को समझा जा सकता है कि वह यह इलाका छोड़ना नहीं चाहता है। हालांकि सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता के कई दौर हो चुके हैं। इसके चलते कई स्थानों से दोनों देशों ने अपनी सेनाएं वापस बुलाई हैं, लेकिन मौजूदा टकराव से पहले की स्थिति अब भी बहाल नहीं हुई है।
विज्ञापन



विज्ञापन
विज्ञापन



बता दें, पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर तनाव पैदा होने पर दोनों देशों ने 50-50 हजार सैनिक तैनात कर दिए थे। इनके पास अत्याधुनिक हथियार व मिसाइलें भी हैं। भारत भी पूरी चौकसी बरत रहा है। चीन ने नई हवाई पट्टी व हेलीपैड बनाए हैं। चीन ने होतन, कशगार, गरगुनसा, ल्हासा-गोंग्गर और शिगात्से एयरबेस को भी आधुनिक संसाधनों से लैस किया हैं

चीनी ड्रोन भी नजर आए
पूर्वी लद्दाख सेक्टर में भारतीय सेना ने चीनी ड्रोन को भी उड़ान भरते देखा है। इन पर लगातार नजर रखी जा रही है। ये गतिविधियां मुख्य रूप से दोनों पक्षों के बीच विवाद के बिंदु रहे हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा हाइट्स के साथ दौलतबेग ओल्डी सेक्टर इलाकों में देखी गई हैं।

बता दें कि दौलतबेग ओल्डी सेक्टर में चीन ने साल 2012-13 से अपनी गतिविधियां तेज की हैं। बता दें, भारत और चीन के बीच पिछले साल अप्रैल-मई में सैन्य तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़पें भी हुई थीं।


मतभेद और समस्याएं होना असामान्य नहीं : मिसरी
इस बीच चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिसरी ने चीन-भारत संबंधों पर चौथे उच्च स्तरीय ट्रैक-2 संवाद में कहा कि पड़ोसी होने के अलावा भारत और चीन बड़ी और उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं। इनके बीच मतभेद और समस्याएं होना असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इनसे कैसे निपटा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि हमारी सीमाओं पर शांति बनाए रखने के लिए नतीजे तार्किकता, परिपक्वता और सम्मान पर आधारित हो।

पैंगोंग गोगरा से हटाए सैनिक
मिसरी ने कहा कि पिछले साल जुलाई में गलवां घाटी में सेना हटाने के बाद से दोनों पक्षों ने इस साल फरवरी में पैंगोंग झील के उत्तरी व दक्षिणी छोर और अगस्त में गोगरा से सैनिकों को हटाया। बाकी जगह से भी सेना हटाने को लेकर बातचीत चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed