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KRCL: 'यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोंकण रेलवे को बड़े बदलाव की जरूरत', लोकसभा में बोले रेल मंत्री
Fri, 29 Nov 2024 06:28 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 29 Nov 2024 06:28 PM IST
सार
रेल मंत्री ने भाजपा सांसद कोटा श्रीनिवास पुजारी की तरफ ले उठाए गए सवालों का जवाब दिया, जो कोंकण रेलवे के विलय की स्थिति जानना चाहते थे। अश्विनी वैष्णव ने कहा, कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) में पांच शेयरधारक हैं, जिनमें रेल मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, कर्नाटक सरकार, गोवा सरकार और केरल सरकार शामिल हैं।
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अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री
- फोटो : PTI
विस्तार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड का बुनियादी ढांचा 25 साल से भी ज्यादा पुराना हो चुका है, इसलिए यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूंजीगत परिसंपत्तियों के बड़े नवीनीकरण की जरूरत है।
KRCL के पांच शेयरधारक- रेल मंत्री
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के प्रतिस्थापन के लिए बड़े पूंजीगत व्यय की जरूरत है और केआरसीएल के पांच शेयरधारकों - रेल मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, कर्नाटक सरकार, गोवा सरकार और केरल सरकार - से रेल मंत्रालय ने पूंजीगत व्यय में योगदान देने या मंत्रालय के पक्ष में अपना हिस्सा छोड़ने के लिए संपर्क किया है।
'25 साल से ज्यादा पुराना KRCL का बुनियादी ढांचा'
उन्होंने कहा, केआरसीएल का बुनियादी ढांचा 25 साल से अधिक पुराना हो चुका है, जिसके लिए यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूंजीगत परिसंपत्तियों के बड़े नवीनीकरण/प्रतिस्थापन की आवश्यकता है, जिसमें सुरंगों का दोहरीकरण और पुनर्वास शामिल है। इसके लिए बड़े पूंजीगत व्यय की आवश्यकता है। रेल मंत्री के अनुसार, पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए, रेल मंत्रालय ने सभी उपरोक्त शेयरधारक राज्य सरकारों से केआरसीएल में अपने हिस्से के अनुसार पूंजीगत व्यय के लिए योगदान देने या रेल मंत्रालय के पक्ष में अपना हिस्सा छोड़ने के लिए संपर्क किया है। उन्होंने कहा, केवल गोवा राज्य सरकार ने अपना हिस्सा छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है।
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रेलवे ने त्योहारी महीनों में यात्री सेवाओं से 12,159 करोड़ रुपये जुटाए: सरकार
केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा को एक लिखित जवाब में बताया कि 2024 में सितंबर और अक्टूबर के त्योहारी महीनों के दौरान यात्री सेवाओं से रेलवे का राजस्व 12,159.35 करोड़ रुपये था। दरअसल, टीएमसी सांसद माला रॉय ने त्योहारी महीनों के दौरान टिकट बिक्री और रद्दीकरण के माध्यम से रेलवे की आय के बारे में सवाल उठाए थे। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 1 सितंबर से 31 अक्तूबर, 2024 तक भारतीय रेलवे का यात्री राजस्व 12,159.35 करोड़ रुपये है।
'मध्य रेलवे जोन में सबसे ज्यादा यात्रियों ने की यात्रा'
रेल मंत्री ने कहा, 'यात्रियों की तरफ से टिकट रद्द करने के कारण जमा की गई राशि को अलग से नहीं रखा जाता है।' मंत्री ने 1 सितंबर से 10 नवंबर, 2024 की अवधि के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या का जोनवार डेटा भी दिया, जिसके अनुसार, इस दौरान कुल 143.71 करोड़ लोगों ने ट्रेन से यात्रा की और सभी जोनों में सबसे अधिक यात्रा करने वालों की संख्या मध्य रेलवे जोन से थी, यानी 31.63 करोड़। अश्विनी वैष्णव ने कहा, इसके अलावा, त्योहारी सीजन के दौरान मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे ने 01.10.2024 से 30.11.2024 के दौरान विशेष ट्रेनों की 7,983 यात्राओं को अधिसूचित किया है।
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KRCL के पांच शेयरधारक- रेल मंत्री
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के प्रतिस्थापन के लिए बड़े पूंजीगत व्यय की जरूरत है और केआरसीएल के पांच शेयरधारकों - रेल मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, कर्नाटक सरकार, गोवा सरकार और केरल सरकार - से रेल मंत्रालय ने पूंजीगत व्यय में योगदान देने या मंत्रालय के पक्ष में अपना हिस्सा छोड़ने के लिए संपर्क किया है।
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'25 साल से ज्यादा पुराना KRCL का बुनियादी ढांचा'
उन्होंने कहा, केआरसीएल का बुनियादी ढांचा 25 साल से अधिक पुराना हो चुका है, जिसके लिए यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूंजीगत परिसंपत्तियों के बड़े नवीनीकरण/प्रतिस्थापन की आवश्यकता है, जिसमें सुरंगों का दोहरीकरण और पुनर्वास शामिल है। इसके लिए बड़े पूंजीगत व्यय की आवश्यकता है। रेल मंत्री के अनुसार, पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए, रेल मंत्रालय ने सभी उपरोक्त शेयरधारक राज्य सरकारों से केआरसीएल में अपने हिस्से के अनुसार पूंजीगत व्यय के लिए योगदान देने या रेल मंत्रालय के पक्ष में अपना हिस्सा छोड़ने के लिए संपर्क किया है। उन्होंने कहा, केवल गोवा राज्य सरकार ने अपना हिस्सा छोड़ने की इच्छा व्यक्त की है।
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रेलवे ने त्योहारी महीनों में यात्री सेवाओं से 12,159 करोड़ रुपये जुटाए: सरकार
केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा को एक लिखित जवाब में बताया कि 2024 में सितंबर और अक्टूबर के त्योहारी महीनों के दौरान यात्री सेवाओं से रेलवे का राजस्व 12,159.35 करोड़ रुपये था। दरअसल, टीएमसी सांसद माला रॉय ने त्योहारी महीनों के दौरान टिकट बिक्री और रद्दीकरण के माध्यम से रेलवे की आय के बारे में सवाल उठाए थे। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 1 सितंबर से 31 अक्तूबर, 2024 तक भारतीय रेलवे का यात्री राजस्व 12,159.35 करोड़ रुपये है।
'मध्य रेलवे जोन में सबसे ज्यादा यात्रियों ने की यात्रा'
रेल मंत्री ने कहा, 'यात्रियों की तरफ से टिकट रद्द करने के कारण जमा की गई राशि को अलग से नहीं रखा जाता है।' मंत्री ने 1 सितंबर से 10 नवंबर, 2024 की अवधि के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या का जोनवार डेटा भी दिया, जिसके अनुसार, इस दौरान कुल 143.71 करोड़ लोगों ने ट्रेन से यात्रा की और सभी जोनों में सबसे अधिक यात्रा करने वालों की संख्या मध्य रेलवे जोन से थी, यानी 31.63 करोड़। अश्विनी वैष्णव ने कहा, इसके अलावा, त्योहारी सीजन के दौरान मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे ने 01.10.2024 से 30.11.2024 के दौरान विशेष ट्रेनों की 7,983 यात्राओं को अधिसूचित किया है।
रेलमंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण में देरी की खबरों को किया खारिज
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण में देरी की खबरों को किया खारिज कर दिया है। इन खबरों में दावा किया गया था कि डिजाइन मंजूरी के मुद्दों की वजह से निर्माण शुरू होने में देरी हो रही है। बृहस्पतिवार को मीडिया से मंत्री वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों के निर्माण में शामिल रूसी कंपनी के लिए डिजाइन कभी कोई मुद्दा नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि फर्म के पास छह या आठ कोच से ज्यादा की ट्रेन बनाने का अनुभव नहीं है। हमने उन्हें साफ तौर पर बताया था कि हम उन्हें वंदे भारत का डिजाइन देंगे। उन्हें इसके लिए अधिक निर्माण टीमों की जरूरत होगी। रेलमंत्री ने आगे कहा, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि अनुबंध पर हस्ताक्षर करते वक्त साफ कर दिया गया था कि उन्हें 16/20/24 कोच वाली ट्रेन बनानी है।
रूस में सामान्यत: ट्रेनों में होते हैं छह से आठ कोच
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रूस में कम आबादी की वजह से आमतौर पर ट्रेनों में छह से आठ कोच होते हैं, इसलिए फर्म जानना चाहती थी कि हमें 16, 20 या 24 कोच वाली ट्रेन की जरूरत क्यों है। मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और काम बहुत जल्द शुरू होगा। दरअसल, मीडिया के एक तबके ने रूसी कंपनी ट्रांसमाशहोल्डिंग (टीएमएच) के अधिकारियों के हवाले से लिखा था कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन में शौचालय और पेंट्री कार की मांग की थी और इसके लिए ट्रेनों के डिजाइन में बदलाव जरूरी था। इस वजह से कंपनी ने डिजाइन में बदलाव रेल मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा, जिसका जवाब सहमति के तौर पर नहीं आया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण में देरी की खबरों को किया खारिज कर दिया है। इन खबरों में दावा किया गया था कि डिजाइन मंजूरी के मुद्दों की वजह से निर्माण शुरू होने में देरी हो रही है। बृहस्पतिवार को मीडिया से मंत्री वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों के निर्माण में शामिल रूसी कंपनी के लिए डिजाइन कभी कोई मुद्दा नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि फर्म के पास छह या आठ कोच से ज्यादा की ट्रेन बनाने का अनुभव नहीं है। हमने उन्हें साफ तौर पर बताया था कि हम उन्हें वंदे भारत का डिजाइन देंगे। उन्हें इसके लिए अधिक निर्माण टीमों की जरूरत होगी। रेलमंत्री ने आगे कहा, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि अनुबंध पर हस्ताक्षर करते वक्त साफ कर दिया गया था कि उन्हें 16/20/24 कोच वाली ट्रेन बनानी है।
रूस में सामान्यत: ट्रेनों में होते हैं छह से आठ कोच
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रूस में कम आबादी की वजह से आमतौर पर ट्रेनों में छह से आठ कोच होते हैं, इसलिए फर्म जानना चाहती थी कि हमें 16, 20 या 24 कोच वाली ट्रेन की जरूरत क्यों है। मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और काम बहुत जल्द शुरू होगा। दरअसल, मीडिया के एक तबके ने रूसी कंपनी ट्रांसमाशहोल्डिंग (टीएमएच) के अधिकारियों के हवाले से लिखा था कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन में शौचालय और पेंट्री कार की मांग की थी और इसके लिए ट्रेनों के डिजाइन में बदलाव जरूरी था। इस वजह से कंपनी ने डिजाइन में बदलाव रेल मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा, जिसका जवाब सहमति के तौर पर नहीं आया।