फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kolkata Police Strict on Abhishek Banerjee Trouble likely to mount in traffic case he still receive notice

अभिषेक बनर्जी पर पुलिस की सख्ती: क्या पुराने केस में बढ़ने वाली है मुश्किलें; जानें पूरा मामला

Sun, 05 Jul 2026 08:29 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, कोलकाता
आईएएनएस, कोलकाता Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 05 Jul 2026 08:29 PM IST
सार

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने ट्रैफिक नियम उल्लंघन से जुड़े मामले में कालीघाट थाने में मांगे गए दस्तावेज जमा करा दिए हैं। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं, इसलिए पुलिस उन्हें दोबारा नोटिस भेज सकती है। 

विज्ञापन
Kolkata Police Strict on Abhishek Banerjee Trouble likely to mount in traffic case he still receive notice
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी - फोटो : X- @abhishekaitc/ अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में रविवार को कालीघाट पुलिस थाने में मांगे गए दस्तावेज जमा करा दिए। पुलिस ने इस मामले में उनसे कई दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। रविवार को उनके प्रतिनिधि ने थाने पहुंचकर ये दस्तावेज पुलिस को सौंपे।

विज्ञापन


क्या दस्तावेज अधूरे हैं?
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने जिन सभी दस्तावेजों की मांग की थी, उनमें से कुछ अभी भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि शेष दस्तावेज जमा कराने के लिए पुलिस अभिषेक बनर्जी को एक और नोटिस जारी कर सकती है।
विज्ञापन


दस्तावेज समय सीमा बीतने के बाद क्यों जमा हुए?
पुलिस ने अभिषेक बनर्जी को शनिवार तक दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि तय समय सीमा तक दस्तावेज नहीं पहुंचे। इसके बाद समयसीमा समाप्त होने के उपरांत उनके प्रतिनिधि ने रविवार को कालीघाट थाने पहुंचकर दस्तावेज जमा कराए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामला कैसे दर्ज हुआ?
बुधवार (1 जुलाई) को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट पुलिस थाने में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। यह शिकायत बागुईआटी निवासी राजीव सरकार ने दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के काफिले में चल रही कार को सुरक्षा कर्मी बेहद खतरनाक तरीके से चला रहे थे, जिससे मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं का उल्लंघन हुआ।

किन धाराओं का हवाला दिया गया?
शिकायतकर्ता ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 123 के तहत चलती गाड़ी में लटककर यात्रा करना प्रतिबंधित है। वहीं धारा 184 के अनुसार, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

BNS की किन धाराओं में भी मामला दर्ज हुआ?
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही या तेज गति से वाहन चलाकर लोगों की जान खतरे में डालना), धारा 125, धारा 223 और धारा 3(5) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

क्या अभिषेक पहले से भी कई मामलों में घिरे हैं?
अभिषेक बनर्जी पहले से ही कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा सिग्नेचर मैच न होने से जुड़े मामले और "4 मई के बाद DJ बजेगा" वाले उनके विवादित बयान को लेकर भी वे चर्चा में रहे हैं।


ये भी पढ़ें: क्या बदलने वाली है भारत की हवाई यात्रा?: आकासा का UDAN स्कीम में उतरने का प्लान; 226 विमानों का दिया ऑर्डर

मानहानि मामले में क्या झटका लगा?
इसी बीच, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि मामले में अभिषेक बनर्जी को मिली अंतरिम राहत वापस ले ली है। वहीं, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में चलाए जा रहे उनके 'सेवाश्रय' स्वास्थ्य शिविरों को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed