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Doctors Strike: बंगाल की 'निर्भया' को न्याय में कौन बना बाधा? महिला सुरक्षा पर घिरीं ममता बनर्जी
Fri, 16 Aug 2024 08:23 PM IST
अमित शर्मा
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: अमित शर्मा
Updated Fri, 16 Aug 2024 08:23 PM IST
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बंगाल में आक्रोशित डॉक्टरों को मिला मुख्यमंत्री का साथ
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अमर उजाला
विस्तार
कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या के मामले में ममता बनर्जी सरकार बुरी तरह फंसती नजर आ रही है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब ममता बनर्जी को महिलाओं के मुद्दे पर संकट का सामना करना पड़ा है। इसके पहले सन्देशखाली विवाद और चुनाव बाद हुई हिंसा में महिलाओं के साथ हुई ज्यादती के मामले में भी ममता सरकार को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। ममता बनर्जी को भी पता है कि लगातार इस तरह के मामले सामने आने से उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि ममता बनर्जी शुरुआत से ही हड़ताली डॉक्टरों के साथ आ गईं। उन्होंने डॉक्टरों को हर तरह से मामले की जांच कराने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया।लेकिन जिस तरह से हाई कोर्ट द्वारा इस मामले को सीबीआई को सौंपा गया और उसके तुरंत बाद कॉलेज में घुसकर हंगामा किया गया, ममता बनर्जी सरकार बैकफुट पर आ गई। भाजपा नेताओं और हड़ताली डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने साक्ष्य नष्ट करने और दोषियों को जानबूझकर बचाने के लिए एक साजिश के तहत यह हंगामा किया। इससे यह मामला और ज्यादा बिगड़ गया है। भाजपा ने इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी ने अपने केंद्रीय नेताओं की पूरी फौज उतार दी और पूरे देश में प्रेस कांफ्रेंस कर पश्चिम बंगाल सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने भी शुक्रवार को इस मामले में प्रदर्शन कर हंगामे के लिए भाजपा और वामदलों को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके बाद भी इस मामले में ममता बनर्जी सरकार की छवि को भारी नुकसान हुआ है।
पूरे देश में विरोध प्रदर्शन
कोलकाता रेप केस में पूरे देश में विरोध हो रहा है। कोलकाता के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सबसे अधिक आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, लेकिन इसकी गूंज देश की राजधानी तक सुनाई दे रही है। दिल्ली में भी सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। लखनऊ के अस्पताल और भोपाल में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभवित रहीं। इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है, लेकिन डॉक्टरों के हड़ताल के कारण आपातकालीन सेवाओं पर भी असर होने की बात कही जा रही है।
नर्सों के हड़ताल में शामिल होने से स्थिति बिगड़ी
नर्सों के संगठनों ने भी डॉक्टरों की हड़ताल में अपना समर्थन दे दिया है, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। सभी प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ साथ नर्सों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर कोलकाता रेप कांड की आलोचना की। कई बार नर्सों के साथ भी अभद्रता की घटनाएं होती रहती हैं। नसों ने सरकार से सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने की मांग की।
महिला सुरक्षा पर विपक्ष खामोश, BJP ने लगाए आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया है कि केवल ममता बनर्जी सरकार ही नहीं, इंडिया गठबंधन के सभी दल महिलाओं के आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किला के प्राचीर से महिलाओं के अपराधियों को कड़ा दंड देने की बात करते हैं, वहीं एक डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी जघन्य हत्या के बाद भी कांग्रेस नेताओं ने लंबे समय तक इस मामले में चुप्पी साधे रखी। उनका आरोप है कि कांग्रेस नेताओं के द्वारा जब इस घटना की आलोचना भी की गई तब ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराने की कोई कोशिश नहीं की गई। इसी प्रकार समाजवादी पार्टी तो सीधे एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपी को बचाती हुई नजर आई है। उन्होंने इसे शर्मनाक प्रवृत्ति बताया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में उन्हीं की पार्टी के एक महिला सांसद के साथ दुर्व्यवहार किया गया, लेकिन इसके बाद भी अरविंद केजरीवाल या उनकी पार्टी ने आरोपी को सजा दिलाने की कोशिश नहीं की। उल्टे उन्होंने उस अपराधी को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी राजनीतिक दलों के द्वारा महिला सुरक्षा जैसे अतिसंवेदनशील विषय पर भी केवल चुनावी लाभ-नुकसान को देखते हुए बात करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक-दो दलों की बात नहीं है। इंडिया गठबंधन में जितने भी दल शामिल हैं, वे महिलाओं से अपराध के मामले में इसी तरह का व्यवहार करते देखे जा रहे हैं।
'अपराधियों को बचा रहा विपक्ष'
भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अमर उजाला से कहा कि एक तरफ जहां योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपियों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करती है, उन्हें तुरंत कानून के माध्यम से कड़ी सजा दिलाने का काम करती है, उन्हें जेल में डालती है, वहीं तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस अपराधियों को बचाती हुई दिखाई पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्रीय पार्टी के द्वारा केवल वोट बैंक के लिए अपराधियों को बचाने की कोशिश करना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर सरकार और हर पार्टी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हम सबको साथ मिलकर महिलाओं के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।