फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Know what is the rafale aircraft deal

राफेल विमान सौदा: ये है पूरी कहानी जिस पर मचा है सियासी घमासान

Wed, 27 Mar 2019 07:34 PM IST
तिवारी अभिषेक अभिषेक तिवारी, नई दिल्ली
अभिषेक तिवारी, नई दिल्ली Published by: तिवारी अभिषेक Updated Wed, 27 Mar 2019 07:34 PM IST
सार

  • राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। 
  • अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है।
  • विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम किलोग्राम है।
  • यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता। 
  • 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी।

विज्ञापन
Know what is the rafale aircraft deal

विस्तार

राफेल मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। संसद में राफेल मामले पर घमासान के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि क्या आपने ऑडियो टेप सुना है। गोवा के मंत्री साफ बोल रहे हैं कि परिकर के पास राफेल की फाइल है और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

विज्ञापन


राहुल ने कहा कि जेटली जी कहते हैं कि 1600 करोड़ का नंबर कहां से आया? 58000 करोड़ को 36 से गुना कीजिये 1600 करोड़ का नंबर वहीं से आया है। राहुल ने कहा कि मनोहर परिकर किस बात के लिए देश के प्रधानमंत्री को ब्लैकमेल कर रहे हैं? राहुल ने कहा कि 'डबल ए' को मोदी ने कॉन्ट्रैक्ट दिया। जितनी सच्चाई को छुपाएंगे उतनी सच्चाई बाहर आएगी। 

विज्ञापन

क्या है राफेल विमान? 

राफेल विमान फ्रांस की डेसाल्ट कंपनी द्वारा बनाया गया 2 इंजन वाला लड़ाकू विमान है। राफेल लड़ाकू विमानों को ओमनिरोल विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध के समय अहम रोल निभाने में सक्षम हैं। हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध ये सारी राफेल विमान की खूबियां हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

राफेल को ही क्यों चुना?

वित्तीय कारणों से भारतीय वायु ने लंबे टेस्ट के बाद राफेल को चुना। दरअसल राफेल विमान भारत सरकार के लिए एकमात्र विकल्प नहीं था। इस डील के लिए कई अंतरराष्ट्रीय विमान निर्माताओं ने भारतीय वायुसेना से पेशकश की थी। इनमें से छह बड़ी विमान कंपनियों को चुना गया। जिसमें लॉकहेड मार्टिन का एफ-16, बोइंग एफ/ए -18 एस, यूरोफाइटर टाइफून, रूस का मिग -35, स्वीडन की साब की ग्रिपेन और राफेल शामिल थे। भारतीय वायुसेना ने विमानों के परीक्षण और उनकी कीमत के आधार पर राफेल और यूरोफाइटर को शॉर्टलिस्ट किया। यूरोफाइटर टायफून काफी महंगा है। इस कारण भी डलास से 126 राफेल विमानों को खरीदने का फैसला किया गया है।

खरीद प्रक्रिया की शरुआत

Know what is the rafale aircraft deal
भारतीय वायुसेना ने वर्ष 2001 में अतिरिक्त लड़ाकू विमानों की मांग की थी। रक्षा मंत्रालय ने लड़ाकू विमानों की वास्तविक खरीद प्रक्रिया 2007 में शुरू की। तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने अगस्त 2007 में 126 विमान खरीदने के प्रस्ताव पर को सहमति दी। 

उल्लेखनीय है कि इस सौदे की शुरुआत 10.2 अरब डॉलर यानी 5,4000 करोड़ रुपये में होनी थी। 126 विमानों में 18 विमानों को तुरंत देने और अन्य की  तकनीक भारत को सौंपने की बात थी। लेकिन बाद में किसी कारणवश इस सौदे की प्रकिया रुक गई। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान की कीमत लगभग 740 करोड़ रुपये है। वहीं भारत सरकार इन विमानों को 20 फीसदी कम लागत पर खरीदना चाहती थी। सरकार ने शुरुआत में 126 जेट खरीदने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 36 कर दिया है। 

मोदी सरकार में क्या हुआ?

Know what is the rafale aircraft deal
अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस के दौरे पर गए थे, उसी दौरान 36 राफेल विमान खरीदने का फैसला लिया गया। इसके बाद वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने इस सौदे पर हस्ताक्षर किए। फिर जब फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांकोइस होलैंड ने जनवरी माह में भारत का दौरा किया तभी राफेल विमानों की खरीद के 7.8 अरब डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर हुए।

 

राफेल जेट की खासियतें-

Know what is the rafale aircraft deal
  • राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है। 
  • अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है।
  • विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम किलोग्राम है।
  • यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो भारतीय वायुसेना की पहली पसंद है। हर तरह के मिशन में भेजा जा सकता। 
  • 24,500 किलो उठाकर ले जाने में सक्षम और 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी। 
  • 150 किमी की बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल, हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल। 
  • स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी, हथियारों के स्टोरेज के लिए 6 महीने की गारंटी। 
  • राफेल की अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/घंटा और 3700 किलोमीटर तक मारक क्षमता। 
  • 1 मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई और 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस। 
  • 75 फीसदी विमान हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार हैं, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। 
  • राफेल को अफगानिस्तान, लीबिया, माली और इराक में इस्तेमाल किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed