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देश के पहले प्रधानमंत्री ने रखी थी सरदार सरोवर बांध की नींव, जानिए इसका इतिहास
amarujala.com- Written by: अभिषेक मिश्रा
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:35 PM IST
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सरदार सरोवर बांध
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सरदार सरोवर बांध दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध है। यह नर्मदा नदी पर बना 138.68 मीटर ऊंचा और 1210 मीटर लंबा बांध है। बता दें कि नर्मदा नदी पर बनने वाले बांधों में यह एक बड़ी परियोजन थी, जिससे बनकर तैयार होने में 56 सालों का लंबा वक्त लग गया।
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इस परियोजना का लाभ चार राज्य गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के लोगों को होना है। इस बांध की नींव देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 4 अप्रैल 1961 को रखी थी। नींव रखे जाने के पांच दशक बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया।
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हालांकि इस बांध को लेकर काफी विवाद भी रहा है, लेकिन बांध से बहुत से लोगों को फायदा होने वाला है। इसकी क्षमता 4.73 मिलियन क्यूसेक पानी की है। इस बांध को बनाने में 86.2 लाख क्यूबिक मीटर कंक्रीट लगा है। एक अनुमान के मुताबिक इतने कंक्रीट में पृथ्वी से चांद तक सड़क बनाई जा सकती है।
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बांध से 6 हजार मेगावाट बिजली पैदा की जाएगी। जिसका 57 फीसदी हिस्सा मध्यप्रदेश, 27 फीसदी महाराष्ट्र और 16 फीसदी गुजरात को मिलेगा। वहीं राजस्थान के लोग केवल बांध का पानी का इस्तेमाल कर सकेंगे।
बांध में कुल 30 दरवाजें हैं। बता दें कि जुलाई 1993 में टाटा समाज विज्ञान संस्थान ने सात साल के रिसर्च के बाद शोधपत्र प्रस्तुत किया। इस शोधपत्र में कहा गया था कि पुनर्वास एक बड़ी समस्या है, इसलिए बांध निर्माण के कार्य पर नए सिरे से विचार किया जाना चाहिए।
दुनिया का सबसे लंबा बांध
हीराकुंड परियोजना भारत की नदी घाटी परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना के अंतर्गत उड़ीसा राज्य में संबलपुर जिले से 15 किमी दूर महानदी पर हीराकुंड बाँध बनाया गया है। इस बांध का निर्माण सन 1948 में शुरू हुआ था और यह 1953 में बनकर तैयार हुआ। साल 1957 में यह बांध पूरी तरह से काम करने लगा।