{"_id":"59fc0f064f1c1b71548ba762","slug":"know-all-about-dina-wadia-the-only-daughter-of-mohammad-ali-jinnah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"19 साल की उम्र में पति के लिए दीना ने की थी पिता जिन्ना से बगावत","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
19 साल की उम्र में पति के लिए दीना ने की थी पिता जिन्ना से बगावत
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:50 PM IST
विज्ञापन
दीना वाडिया
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीना वाडिया एक स्वतंत्र विचारों वाली एक क्रांतिकारी बिटिया थीं शायद यही वजह थी कि उनके अपने पिता मोहम्मद अली जिन्ना से कभी नहीं बनी। दीना वैसे तो पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना की इकलौती बेटी थी जिनका गुरुवार को न्यूयॉर्क में निधन हो गया। वो 98 साल की थीं।
बताते हैं कि दीना का अपने पिता से विचारधाराओं को लेकर वैचारिक मतभेद थे जिसने बाप-बेटी को एक दूसरे से अलग कर दिया था कि देश के बंटवारे के बाद भी दीना कभी अपने पिता के पास पाकिस्तान नहीं गईं। बंटवारे के समय जिन्ना के साथ उनकी बहन फातिमा साथ गईं थीं तब जब सभी ये जानते थे कि जिन्ना गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और वो कभी भी इस दुनिया को अलविदा कह सकते हैं।
पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- कॉरेस्पॉन्डेंस से नहीं हो सकती तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई
विज्ञापन
दीना वाडिया भले ही पाकिस्तान के कायदे आजम की बेटी थीं लेकिन वो पाकिस्तान सिर्फ दो ही बार गईं थीं एक पिता की मौत के बाद 1948 में और 2004 में। बाप बेटी के बीच रिश्तों में तनाव शुरू हुआ दीना की शादी के बाद जब उन्होंने पिता से कहा कि उन्हें नेवली से शादी करनी है, तो जिन्ना ने दीना से कहा कि भारत में हजारों मुसलमान हैं लेकिन तुम्हें सिर्फ वही मिला?
इसपर दीना ने जवाब दिया था- इस देश में भी तो हजारों मुस्लिम लड़कियां थीं लेकिन आपको शादी करने के लिए मां ही मिलीं। दीना मां रती जिन्ना भी पारसी थीं और उनके निधन के समय दीना महज दस साल की थीं।
विज्ञापन
बताते हैं कि दीना का अपने पिता से विचारधाराओं को लेकर वैचारिक मतभेद थे जिसने बाप-बेटी को एक दूसरे से अलग कर दिया था कि देश के बंटवारे के बाद भी दीना कभी अपने पिता के पास पाकिस्तान नहीं गईं। बंटवारे के समय जिन्ना के साथ उनकी बहन फातिमा साथ गईं थीं तब जब सभी ये जानते थे कि जिन्ना गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और वो कभी भी इस दुनिया को अलविदा कह सकते हैं।
विज्ञापन
पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- कॉरेस्पॉन्डेंस से नहीं हो सकती तकनीकी शिक्षा की पढ़ाई
विज्ञापन
दीना वाडिया भले ही पाकिस्तान के कायदे आजम की बेटी थीं लेकिन वो पाकिस्तान सिर्फ दो ही बार गईं थीं एक पिता की मौत के बाद 1948 में और 2004 में। बाप बेटी के बीच रिश्तों में तनाव शुरू हुआ दीना की शादी के बाद जब उन्होंने पिता से कहा कि उन्हें नेवली से शादी करनी है, तो जिन्ना ने दीना से कहा कि भारत में हजारों मुसलमान हैं लेकिन तुम्हें सिर्फ वही मिला?
इसपर दीना ने जवाब दिया था- इस देश में भी तो हजारों मुस्लिम लड़कियां थीं लेकिन आपको शादी करने के लिए मां ही मिलीं। दीना मां रती जिन्ना भी पारसी थीं और उनके निधन के समय दीना महज दस साल की थीं।
नेवली और दीना की शादी भी नहीं चली
dina wadia
- फोटो : social media
बाप-बेटी के बीच की जुबानी जंग धीरे-धीरे एक दूसरे को बहुत दूर ले जा चुकी थी। जिन्ना की इकलौती बेटी ने ही उनकी धारणा को तोड़ 1938 में नेवली से शादी कर ली थी। लेकिन नेवली और दीना की शादी भी नहीं चली और दोनों के प्यार का अंत तलाक लेकर ही हुआ। तलाक के बाद दीना ने अपने पिता से नजदीकियां भी बढ़ाई और एक पत्र भी लिखा था। लेकिन अपने अकेलेपन से भागने के लिए उन्होंने अपना अगला आशियाना न्यूयॉर्क में बनाया और धीरे-धीरे वहां की होकर रह गईं।
दीना मुंबई में अपने पिता के बनाए मालाबार हिल के घर में रहना चाहती थीं लेकिन उनकी सरकार और कोर्ट से लंबी लड़ाई के बाद भी उनकी ये मंशा पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने वहां जाने की इजाजत तो थी लेकिन रहने की नहीं। सरकार ने उसे कब्जे में लेते हुए उसे कल्चरल सेंटर में तब्दील कर दिया है।
बताते हैं कि जिन्ना की बहन फातिमा ने शादी नहीं की थी और 1939 में जिन्ना ने अपना मुंबई का मेंशन अपनी बहन फातिमा के नाम कर दिया था। दीना का जन्म 15 अगस्त 1919 को हुआ था और उनके जन्म से ठीक एक दिन पहले जिन्ना अपनी पत्नी के साथ थियेटर में फिल्म देख रहे थे।जिन्ना ने अपनी पत्नी और बेटी दोनों को छोड़ दिया था।
दीना वाडिया के परिवार में वाडिया ग्रुप के चेयरमैन नुस्ली एन. वाडिया, बेटी डायना वाडिया और पोते नेस तथा जेह वाडिया हैं।
दीना मुंबई में अपने पिता के बनाए मालाबार हिल के घर में रहना चाहती थीं लेकिन उनकी सरकार और कोर्ट से लंबी लड़ाई के बाद भी उनकी ये मंशा पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने वहां जाने की इजाजत तो थी लेकिन रहने की नहीं। सरकार ने उसे कब्जे में लेते हुए उसे कल्चरल सेंटर में तब्दील कर दिया है।
बताते हैं कि जिन्ना की बहन फातिमा ने शादी नहीं की थी और 1939 में जिन्ना ने अपना मुंबई का मेंशन अपनी बहन फातिमा के नाम कर दिया था। दीना का जन्म 15 अगस्त 1919 को हुआ था और उनके जन्म से ठीक एक दिन पहले जिन्ना अपनी पत्नी के साथ थियेटर में फिल्म देख रहे थे।जिन्ना ने अपनी पत्नी और बेटी दोनों को छोड़ दिया था।
दीना वाडिया के परिवार में वाडिया ग्रुप के चेयरमैन नुस्ली एन. वाडिया, बेटी डायना वाडिया और पोते नेस तथा जेह वाडिया हैं।