पंजाब और गोवा : इन दिग्गजों की किस्मत आज हो जाएगी EVM में बंद
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वहीं भाजपा दोबारा से गोवा की सत्ता में आना चाहती है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले पार्टी के सामने इस दफे चुनौतियां बेशक ज्यादा है। मगर सूबे की सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने को लेकर पार्टी की उम्मीदें बनी हुई हैं।
पांच राज्यों के लिए पहले चरण के चुनाव में आज पंजाब की सभी 117 और गोवा की सभी 40 सीटों के लिए मतदान हो रहा है।
पंजाब में इन दिग्गजों की किस्मत दांव पर
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल कह चुके हैं कि यह उनका आखिरी चुनाव है। पांच बार सीएम रह चुके बादल इस बार अपने ही घर में घिरे नजर आ रहे हैं। लंबी में उन्हें कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह और आप के जरनैल सिंह से तगड़ी चुनौती मिल रही है।
वयोवृद्ध अकाली नेता हार के साथ अपना कैरियर समाप्त नहीं करना चाहेंगे। यही स्थिति कैप्टन अमरिंदर की भी है। उन्होंने भी एलान कर दिया है कि यह उनका आखिरी चुनाव है। राहुल गांधी उन्हें कांग्रेस का सीएम कैंडिडेट घोषित कर चुके हैं। किसी भी तरह कांग्रेस की सरकार बनाना कैप्टन के लिए भविष्य का सवाल बन गया है।
अकाली दल के दो दिग्गजों शिअद प्रधान सुखबीर बादल और कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया की सीटें भी इस बार पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुकी हैं।
जलालाबाद में सुखबीर का मुकाबला कांग्रेस के रवनीत बिट्टू और आप के भगवंत मान से है। मजीठा में बिक्रम को कांग्रेस के लाली मजीठिया और आप के हिम्मत शेरगिल चुनौती दे रहे हैं। पहली बार दोनों दिग्गजों को इतनी कड़ी चुनौती मिल रही है।
इन दिग्गजों की किस्मत भी दांव पर
ये दोनों सीटें जीतने के लिए अकाली दल ने पूरी ताकत लगा दी है। वहीं पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्ठल भी इस बार लहरागागा में घिरी नजर आ रही हैं। उनका मुकाबला वित्तमंत्री परमिंदर ढींढसा से है।
अमृतसर ईस्ट से नवजोत सिद्धू का सेलिब्रिटी स्टेटस उनके द्वारा हलके में वक्त न दे पाने को बराबर कर देता है। उनकी जीत के लिए पूरी कांग्रेस जुटी है।
पटियाला शहरी में कैप्टन अमरिंदर का सामना पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल जेजे सिंह के साथ है, यहां भी आप मुकाबले को त्रिकोणीय बना रही है। बठिंडा में कांग्रेस के मनप्रीत बादल भी तिकोने मुकाबले में फंसे हुए हैं।
इस बार कई नेताओं ने अपनी सियासी विरासत अगली पीढ़ी को सौंप दी है, उनके लिए बेटों को जिताना भविष्य का सवाल बन गया है। इनमें लाल सिंह, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, गुरइकबाल कौर, अवतार हेनरी, भगत चुन्नी लाल, तोता सिंह, चौधरी संतोख, चौधरी जगजीत, इंदरजीत जीरा और शेर सिंह घुबाया के बेटे शामिल हैं। युवाओं को जिताने का पूरा दारोमदार इन दिग्गज नेताओं पर है।
गोवा में इन दिग्गजों की किस्मत दांव पर
गोवा की राजधानी पणजी में रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के नजदीकी माने जाने वाले सिद्धार्थ कुनकोलिअंकर की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं कांग्रेस यूनाइटेड गोवन पार्टी के बाबुष मोंसेरेट उर्फ अतानासियो मोंसेरेट को समर्थन दे रही है।
कनकोलिम सीट से आम आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट एल्विस गोम्स किस्मत आजमा रहे हैं। गोम्स पूर्व सिविल सेवा अधिकारी हैं। वो फिलहाल गोवा फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं।
मेनड्रेम विधानसभा सीट से मौजूदा मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर मेनड्रेम से उम्मीदवार हैं। लेकिन स्थानीय लोगों में उनके खिलाफ गुस्सा है। यहां के कई वोटर मानते हैं कि पार्सेकर ने सीएम रहने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया।
पूर्व विधायक पांडुरंग मडकैकर के बीजेपी में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने इस सीट पर फिएल्हो जेवियर को टिकट दिया है। केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइकके बेटे सिद्धेश ने भी इस सीट पर दावेदारी जताई है।
बीजेपी ने इस बार कानकोना से राज्य के खेल मंत्री रमेश तवाडकर का टिकट काटा है। उनकी जगह पूर्व कांग्रेस नेता विजय खोत को उम्मीदवार बनाया गया है।