कोलकाता नगर निगम चुनाव: सियालदह और टाकी ब्वॉयज स्कूल में मतदान केंद्र के बाहर बम ब्लास्ट, अब तक 63.63 फीसदी मतदान
केएमसी के सभी 144 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। चुनाव के नतीजे सोमवार को आएंगे। वहीं, चुनाव को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है। कुछ जगहों से हिंसक घटना की भी खबरें आ रही हैं।
विस्तार
कोलकाता नगर निगम चुनाव के लिए मतदान सुबह सात बजे से जारी है। मतदान के लिए लोग अपने-अपने बूथों पर पहुंच रहे हैं। चुनाव के मद्देनजर पूरे कोलकाता और आसपास के शहरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। हालांकि, कुछ जगहों पर बम विस्फोट और हिंसा की भी खबरें सामने आ रही हैं। अभी तक दो स्थानों पर बम फेंके गए हैं। एक सियालदह और दूसरा वार्ड नंबर 36 में बम विस्फोट की खबर है। पुलिस ने बताया कि मतदान के दौरान शांति भंग करने के आरोप में अभी तक 72 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
नगर निगम (केएमसी) चुनाव के लिए जारी मतदान में शाम पांच बजे तक लगभग 40.5 लाख मतदाताओं में से 63.63 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अधिकारी ने बताया कि नगर निगम चुनाव में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो रहा है। शहर के वार्ड नंबर 93 के गोविंदपुरी प्राइमरी स्कूल पर मतदान के लिए लोग पहुंच रहे हैं। चुनाव के दौरान कोराना प्रोटोकॉल का भी पालन करना अनिवार्य है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से मास्क, और दूरी बनाए रखने की अपील की है। नगर निगम चुनाव से जुड़ी हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए अमर उजाला डॉट कॉम के साथ..
मतदान अपडेट्स:-
- निर्वाचन आयोग ने घटना के बाद पुलिस से मांगी रिपोर्ट
-अधिकारी ने कहा कि दो बम फेंके गए और अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
-सियालदह और वार्ड नंबर 36 के टाकी ब्वॉयज स्कूल के बाहर देसी बम से हमला किया गया है।
-कोलकाता के सियालदह इलाके में चुनाव के दौरान देसी बम फेंके जाने से तीन मतदाता घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।
-टाकी ब्वॉयज स्कूल में मतदान केंद्र के बाहर कच्चा बम फेंका गया
-बम फेंकने के दौरान एक मतदाता घायल हो गया
-सुबह नौ बजे तक 10.86 प्रतिशत मतदान हुआ
- कोलकाता में शांतिपूर्ण चल रहा है मतदान
धनखड़ बोले- उनके सुरक्षा कर्मी बूथ के बाहर खड़े रहे
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के एक आदेश का पालन करते हुए चुनाव के दौरान मतदान के लिए जाते वक्त उनके सुरक्षा कर्मी बूथ के बाहर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि मेरे सुरक्षा कर्मियों ने शनिवार रात को जारी आदेश का पालन किया। राज्य निर्वाचन आयुक्त सौरव दास ने केवल दो लोगों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को ही यह सुविधा दी है। उन्होंने कहा कि मैंने दो बार सौरव दास को फोन किया और उन्हें यह बताने की कोशिश की कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से और बिना किसी डर के हो तथा प्रशासन इसमें किसी भी तरीके से हस्तक्षेप न करें।
24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी: अभिषेक
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर चुनावों के दौरान हिंसा में सत्तारूढ़ पार्टी का कोई भी नेता शामिल पाया जाता है तो 24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मतदान के बाद पत्रकारों से कहा कि हम हिंसा के किसी भी रूप का समर्थन नहीं करते और अगर टीएमसी का कोई नेता स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को रोकने में शामिल पाया जाता है तो 24 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैं मीडिया से इसके संबंध में फुटेज और सबूत देने का अनुरोध करता हूं।
भाजपा और टीएमसी आमने-सामने
रविवार को केएमसी चुनाव भाजपा के लिए नाक का सवाल बना है, क्योंकि भाजपा केंद्रीय बलों की तैनाती के बीच निकाय चुनाव कराने की मांग कर रही थी। भाजपा ने इसके लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन पार्टी को निराशा हाथ लगी। वहीं, दूसरी ओर सत्ताधारी दल टीएमसी के सामने नगर निगम चुनावों में जीत बरकरार रखने की चुनौती है। हालांकि, नगर निगम चुनाव में टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पक्ष मजबूत दिख रहा है। इससे पहले भी तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराया है। टीएमसी ने कोलकाता की सभी 17 सीटों पर जीत हासिल की थी, वहीं, 2019 लोकसभा चुनावों में भी अपना दबदबा कायम रखा था।
Voting begins for Kolkata civic polls, visuals from ward no. 93 Govindpuri Primary School
— ANI (@ANI) December 19, 2021
Voting will be held in 1,776 polling stations. Counting of votes will take place on Dec 21 pic.twitter.com/pMxncj8sKs
कलकत्ता हाई कोर्ट ने निगम चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती वाली भाजपा की याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य पुलिस की निगरानी में ही कोलकाता नगर निगम के चुनाव संपन्न होंगे। बंगाल भाजपा ने चुनाव में हिंसा की आशंका जताते हुए केंद्रीय बल की तैनाती की मांग की थी, लेकिन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मांग को पूरी तरह से खारिज कर दी है