फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kisan sansad last week strategy Young Farmers Will Lead the Protest Against Central And State Government

किसान संसद: अंतिम सप्ताह में युवा अन्नदाताओं के हाथ होगी कमान, केंद्र के साथ राज्य सरकारों पर हमला बोलने की तैयारी

Sun, 08 Aug 2021 07:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 08 Aug 2021 07:22 PM IST
सार

जब से जंतर मंतर पर किसानों ने अपनी संसद बैठाई है, तब से बुजुर्ग किसान ही इसका नेतृत्व करते आ रहे है, लेकिन किसान संसद के अंतिम सप्ताह में युवाओं को मौका मिलने जा रहा है।

विज्ञापन
kisan sansad last week strategy Young Farmers Will Lead the Protest Against Central And State Government
राकेश टिकैत - फोटो : amar ujala

विस्तार

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनो के विरोध में जंतर मंतर पर 'किसान संसद' जारी है। अंतिम दिनों में अपनी मांग को तेज करने के लिए युवा किसानों ने मोर्चा संभाल लिया है। सभी राज्यों से युवा किसान बड़ी संख्या में दिल्ली की सीमाओं पर जुटना शुरू हो गए है। वहां से हर दिन युवा सदस्य किसान संसद में हिस्सा लेने धरना स्थल पहुंच रहे है। किसान संसद में हिस्सा लेने आ रहे युवा अपने साथ सरकार के ख़िलाफ़ नारे लिखे हुए पोस्टर समेत  सरकार के किसानों को अब तक किए जूठे आश्वासनों की लिस्ट भी लेकर आ रहे है। 
विज्ञापन


जब से जंतर मंतर पर किसानों ने अपनी संसद बैठाई है तब से बुजुर्ग किसान ही इसका नेतृत्व करते आ रहे है। दो सौ किसानों में से हर दिन दो से तीन बुजुर्ग किसानों को संसद का स्पीकर और डिप्टी स्पीकर चुना जाता रहा है। लेकिन किसान संसद के अंतिम सप्ताह में युवाओं को मौका मिलने जा रहा है। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पर अब न केवल युवाओं को अवसर मिलेगा बल्कि बड़ी संख्या में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ,उत्तराखंड और दक्षिण भारत के राज्यों से आए युवाओं को संसद में बोलने का मौका दिया जाएगया। यह युवा केंद्र सरकार के नए कानूनों वह उनके राज्य में किसानों पर हो रहे अत्याचारों और किसान विरोधी नीतियों को लेकर अपनी बात रखेंगें।
विज्ञापन


युवा सम्भालेंगे पूरा जिम्मा
किसान संसद में अब तक कितने लोग आएंगे, कितने लोग बोलेंगे इसकी पूरी जिम्मेदारी बुजुर्ग और अनुभवी किसानों के पास होती थी। लेकिन अंतिम सप्ताह में यह पूरा काम युवा किसानों के हाथ में होगा। किसान संसद के संचालन से लेकर हर दिन कितने युवा को बोलने का मौका मिलेगा  और वे कितनी देर किस मुद्दे पर बोलेंगे इसकी जिम्मेदारी युवक के हाथों में होगी। अंतिम सप्ताह में महिलाओं को भी अपनी बात रखने का पूरा अवसर किसान संसद में मिलेगा। किसान संगठनों ने अब तक तीनों कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ किसान संसद में दर्जनों प्रस्ताव पास किए है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संसद के बाद तय होगी आगे रणनीति
जैसा कि किसान संगठन नेता किया था कि जब से संसद शुरु होगी तब से संसद की खत्म होने तक वे नए कृषि कानूनों के विरोध में अपनी किसान संसद जंतर-मंतर पर बिठायेंगे। 13 अगस्त को संसद का मॉनसून सत्र खत्म होने  जा रहा है ऐसे में किसानों को भी अपनी किसान संसद को स्थगित करना होगा। किसान संगठनों का कहना है कि, किसान संसद की सफतला के बाद सभी किसान संगठनों की बैठक होगी। इसके बाद कैसे सरकार को घेरे इसकी नए सिरे से रणनीति तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed