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किसान आंदोलन: 10 साल पुराने ट्रैक्टरों पर पाबंदी के एनजीटी के आदेश का विरोध

Mon, 08 Feb 2021 01:09 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 08 Feb 2021 01:09 AM IST
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Kisan agitation: protest against NGT order banning 10 year old tractors
kisan rally, tractor rally, kisan andolan - फोटो : amar ujala

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने 10 साल से अधिक पुराने ट्रैक्टर समेत डीजल से चलने वाले वाहनों पर प्रतिबंध संबंधी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2014 के आदेश को लेकर निराश जताई है।

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टिकैत ने किया ‘ट्रैक्टर क्रांति’ का आह्वान
बता दें, आंदोलनकारी किसान ‘ट्रैक्टर क्रांति’ के आह्वान पर एकत्र हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें एनजीटी का आदेश कैसे रास आ सकता है। इसीलिए किसान नेता राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में ट्रैक्टर मालिकों का समर्थन जुटाने के लिए शनिवार को ‘ट्रैक्टर क्रांति’ का आह्वान किया था। गाजीपुर में शनिवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए टिकैत कृषक समुदाय तक पहुंच गए, जिनमें से कई, विशेष रूप से दिल्ली एनसीआर में, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश से परेशान हैं। 

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2014 में दिया था आदेश

एनजीटी ने 26 नवंबर, 2014 के अपने आदेश में कहा था कि 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को दिल्ली-एनसीआर में संचालन की अनुमति नहीं होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, शामली और मेरठ में किसान फैसले से आशंकित हैं। 

मुजफ्फरनगर निवासी विकास कादियान ने बताया कि इस आदेश के अनुसार, मेरा ट्रैक्टर जो मैंने आठ साल पहले खरीदा था, दो साल बाद या अधिकतम सात साल के बाद उपयोग से बाहर हो जाएगा, यदि 15 साल का नियम लागू किया जाता है। यह एक बहुत बड़ा नुकसान होगा।

एनजीटी के आदेश का विरोध करते हुए टिकैत ने शनिवार को कहा था, 'जो ट्रैक्टर खेतों में चलते हैं, वे अब दिल्ली में एनजीटी के कार्यालय में भी चलेंगे। उन्होंने यह नहीं पूछा था कि कौन से वाहन 10 साल पुराने हैं? उनकी योजना क्या है? दस साल से अधिक पुराने ट्रैक्टरों को हटाने और कॉर्पोरेट्स की मदद करने के लिए? लेकिन 10 साल से अधिक पुराने ट्रैक्टर भी चलेंगे, और आंदोलन (नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए) को भी मजबूत किया जाएगा।'

उन्होंने कहा कि देशभर में अधिक से अधिक किसान विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने के लिए किसानों के आंदोलन में भाग लेंगे। टिकैत ने कहा था, हाल ही में 20,000 ट्रैक्टर दिल्ली में थे और अगला लक्ष्य उस संख्या को 40 लाख तक ले जाना है।

ट्रेनों के इंजन व विमानों को रोका जाए

कादियान ने कहा कि इस तरह का निर्णय लागू किए जाने से पहले, यह बेहतर होता कि एनजीटी दिल्ली में सरकार से अपने सभी पुराने वाहनों को बदलने के लिए कहा होता। इसके अलावा, यदि पर्यावरण की असली चिंता है तो डीजल पर चलने वाले ट्रेन इंजनों को रोका जाना चाहिए। दिल्ली में विमानों को रोका जाए। 

ट्रैक्टर हमारे बेटों की तरह
भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के अध्यक्ष एम सिंह राय ने कहा, कि ट्रैक्टर हमारे बेटों की तरह हैं। हम शहर में ट्रैक्टर नहीं चलाते हैं। हम उनके साथ खेतों में काम करते हैं। किसान 20-25 साल तक ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं। उनके पास नए खरीदने के लिए पैसे नहीं होते हैं। अगर सरकार को पुराने वाहनों की चिंता है, तो उसे किसानों को नए ट्रैक्टर उपलब्ध कराने चाहिए।

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20 साल तक चलते हैं ट्रैक्टर

Kisan agitation: protest against NGT order banning 10 year old tractors
tractor rally - फोटो : amar ujala

मोगा के एक किसान प्रदर्शनकारी रणजीत सिंह ने कहा, सरकार केवल उन कानूनों को लाती है जो किसानों के खिलाफ हैं। ट्रैक्टर हमारे लिए केवल एक मशीनरी नहीं है। यह हमारे लिए एक परिवार के सदस्य की तरह है जो हमें अपनी आजीविका कमाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर 20 साल तक ठीक चलते हैं। थोड़ी अधिक देखभाल और रखरखाव के साथ, उन्हें 25-30 वर्षों तक उपयोग किया जा सकता है।

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