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Budget Session: संसद सत्र से पहले सरकार ने 21 जुलाई को बुलाई सर्वदलीय बैठक; तृणमूल कांग्रेस नहीं होगी शामिल
Tue, 16 Jul 2024 04:30 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 16 Jul 2024 04:30 PM IST
सार
संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होने वाला है। यह 12 अगस्त तक चल सकता है। बजट 23 जुलाई को पेश किया जाएगा।
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किरेन रिजिजू।
- फोटो : PTI
विस्तार
संसद के बजट सत्र से पहले सरकार ने 21 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। सर्वदलीय बैठक 21 जुलाई को सुबह 11 बजे दिल्ली के संसदीय सौध स्थित मुख्य समिति कक्ष में होगी। संसद का बजट सत्र 22 जुलाई को शुरू होगा। सत्र 12 अगस्त को समाप्त हो सकता है। सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों के सदन के नेताओं की इस पारंपरिक बैठक में पहली बार नेता प्रतिपक्ष के रूप कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शामिल होंगे।
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वहीं, तृणमूल कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं होगा। इसकी वजह बताई गई कि टीएमसी 21 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाती है। तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता डेरेक ओब्रायन ने रिजिजू को पत्र लिखकर बताया कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि 30 वर्षों से 21 जुलाई को बंगाल में हमारे 13 साथियों के सम्मान में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो 1993 में पुलिस की गोलीबारी में गैरकानूनी रूप से मारे गए थे।
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संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होने वाला है। यह 12 अगस्त तक चल सकता है। बजट 23 जुलाई को पेश किया जाएगा। 18वीं लोकसभा के गठन के बाद पहले संसद सत्र में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस) ने हाल ही में नीट विवाद, मणिपुर की स्थिति और महंगाई जैसे मुद्दों को उठाया था। नारेबाजी और भारी हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई थी।
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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के दौरान भी दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। विपक्ष ने इस दौरान भी जेकर हंगामा किया था। विपक्षी नेताओं ने जमकर नारेबाजी भी की थी। लोकसभा में प्रधानमंत्री के जवाब के दौरान विपक्षी सांसदों ने मणिपुर पर बयान देने की मांग की थी, जबकि राज्यसभा में विपक्ष ने बहिर्गमन किया था।