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खबरों के खिलाड़ी: क्या रायबरेली में प्रियंका और वरुण होंगे आमने-सामने, अमेठी में कांग्रेस से राहुल या कोई और?
Sat, 27 Apr 2024 05:02 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 27 Apr 2024 05:02 PM IST
सार
Khabron Ke Khiladi: दूसरे चरण के मतदान के बाद कहा जा रहा है कि कांग्रेस किसी भी वक्त अमेठी और रायबरेली सीट से अपने उम्मीदवारों का एलान कर सकती है। चर्चा है कि अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से प्रियंका गांधी को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। जानिए क्या है विश्लेषकों की राय...
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खबरों के खिलाड़ी में रायबरेली की सियासत पर चर्चा
- फोटो : amar ujala graphics
विस्तार
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अमेठी और रायबरेली से उम्मीदवार बनेंगे या किसी और चेहरे पर पार्टी दांव लगाएगी? कांग्रेस के सामने अब यह सबसे बड़ा सवाल है। सोनिया गांधी इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी और राहुल गांधी पिछली बार अमेठी से हार गए थे। इस वजह से इन दोनों सीटों की चर्चा ज्यादा है। इसी मुद्दे पर इस हफ्ते के खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, अवधेश कुमार, पूर्णिमा त्रिपाठी, अनुराग वर्मा, राखी बख्शी और कात्यायनी चतुर्वेदी मौजूद रहीं।
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रामकृपाल सिंह: एक सशक्त लोकतंत्र के लिए दो दलों का रहना बहुत जरूरी है। आज की तारीख में कांग्रेस पार्टी का रहना बहुत जरूरी है। इस वक्त की कांग्रेस के अध्यक्ष भले ही मल्लिकार्जुन खरगे हों, लेकिन आप किसी से पूछेंगे तो वो सोनिया, राहुल और प्रियंका को ही पार्टी का चेहरा बताएगा। आज की कांग्रेस का चेहरा गांधी परिवार ही है। कांग्रेस में गांधी परिवार के बिना एकता भी नहीं हो सकती। राहुल गांधी अगर अमेठी से उम्मीदवार बनते हैं तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
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राखी बख्शी: बहुत समय से यह बात आ रही है कि प्रियंका को चुनाव लड़ना चाहिए। क्यों वो चुनाव नहीं लड़तीं? इसके पीछे क्या कारण है? यह माना जा रहा है कि एक तारीख के बाद राहुल गांधी अमेठी की तरफ ध्यान देंगे। वरुण गांधी की बात जहां तक है तो उन्होंने यह रूख कायम रखा है कि इतना कुछ होने के बाद भी वो बहन के खिलाफ नहीं लड़ेंगे।
कात्यायनी: स्मृति ईरानी ने कितनी मेहनत की है वो सभी को दिखाई देता है। 2019 में हार के बाद से अमेठी में राहुल की उपस्थिति नहीं रही। प्रियंका गांधी की जहां तक बात है, तो उत्तर प्रदेश में बीते चुनावों में उनकी अपील वोट में तब्दील नहीं हो पाई। भाजपा अगर वरुण गांधी के नाम पर विचार करती है तो निश्चित रूप से यह करना चाहिए। टिकट कटने के बाद उन्होंने काफी धैर्य दिखाया है।
अवधेश कुमार: मुझे लगता है कि अगर पार्टी वरुण को रायबरेली से लड़ने के लिए कहेगी तो वरुण गांधी ना नहीं करने वाले हैं। प्रियंका ने पिछले चुनाव में ही वरुण गांधी को लेकर नकारात्मक विचार दिए थे। अमेठी को लेकर एक रहस्य बनाने की बात समझ आती है। अमेठी से राहुल गांधी के अलाव कोई और लड़ेगा तो अब उसका मैसेज बहुत नकारात्मक जाएगा। इसलिए मैं यह मानकर चल रहा हूं कि अमेठी से राहुल गांधी ही चुनाव लड़ रहे हैं। 2014 और 2019 की तरह स्मृति ईरानी को राहुल से ही मुकाबला करना होगा। जहां तक रायबरेली की बात है तो अगर प्रियंका को ही यहां से उम्मीदवार बनाना था तो इसकी घोषणा पहले ही करनी चाहिए थी।
पूर्णिमा त्रिपाठी: अगर अमेठी से राहुल लड़ेंगे तो यह कांग्रेस के लिए अच्छा मैसेज होगा। वहीं, अगर प्रियंका रायबरेली से चुनाव लड़ती हैं तो यह उनके लिए नया नहीं होगा। प्रियंका रायबरेली सीट पर अपनी मां का चुनाव प्रबंधन देखती रही हैं।
अनुराग वर्मा: रायबरेली में बीते चुनावों में जीत हार का अंतर धीरे-धीरे कम हुआ है। ऐसे में अगर प्रियंका लड़ती हैं तो यह उनके लिए बहुत आसान नहीं होगा। वहीं, अमेठी को राहुल गांधी ने 2019 की हार के बाद अनदेखा कर दिया है। इसके बाद भी अगर वो अमेठी से चुनाव लड़ने जाते हैं तो किस तरह जाएंगे ये भी देखना होगा।
विनोद अग्निहोत्री: अगर प्रियंका रायबरेली से चुनाव लड़ती हैं तो वरुण गांधी उनके खिलाफ नहीं लड़ेंगे। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इसे लेकर वरुण से बात की है और उन्होंने विनम्रता से इसके लिए मना कर दिया है। मेनका गांधी अमेठी सीट पर राजीव गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ीं थीं। उसके बाद से उनके और गांधी परिवार के बीच एक स्थाई दरार पड़ गई थी, लेकिन वरुण और प्रियंका के बीच संवाद रहा है। सब मिलाकर मुझे जहां तक जानकारी है, उसके मुताबिक वरुण गांधी प्रियंका के खिलाफ तो चुनाव नहीं लड़ेंगे