केरलम: मंत्रियों और विधायकों की सैलरी बढ़ाने की तैयारी, कैबिनेट ने बिल को दी मंजूरी; कल विधानसभा में होगा पेश
केरलम कैबिनेट ने मंत्रियों और विधायकों के वेतन व भत्ते बढ़ाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसे गुरुवार को विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है। इसके अलावा, आवास सहायता बढ़ाने, हत्या के पीड़ित परिवार की बेटी और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली खिलाड़ी को सरकारी नौकरी देने का फैसला हुआ है। आखिर विधायकों की सैलरी कितनी बढ़ेगी? महिलाओं की पुलिस भर्ती में हिस्सेदारी कितनी होगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
केरलम में मंत्रियों और विधायकों की सैलरी और भत्ते बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इससे जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को गुरुवार को विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है। राज्य में विधायकों के वेतन में पिछली बार 2018 में संशोधन किया गया था। इस फैसले के साथ ही कैबिनेट ने सरकारी नौकरी, आवास सहायता, पुलिस भर्ती और पिछड़े वर्गों की सूची से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
कैबिनेट की यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब राज्य के संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने एक दिन पहले कहा था कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा के बाद वेतन और भत्ते बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। बुधवार को कैबिनेट ने इस पर आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी। हालांकि, मंत्रियों और विधायकों की सैलरी कितनी बढ़ेगी, इसकी जानकारी दिए गए विवरण में नहीं है। विधेयक विधानसभा में पेश होने के बाद इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मंत्रियों और विधायकों की सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव में क्या है?
कैबिनेट ने मंत्रियों और विधायकों के वेतन तथा भत्ते बढ़ाने से जुड़े विधेयक को मंजूरी दी है। अब इसे गुरुवार को विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है। राज्य में विधायकों के वेतन में आखिरी संशोधन 2018 में हुआ था। यानी करीब आठ साल बाद वेतन और भत्तों में बदलाव की तैयारी है। हालांकि, प्रस्तावित बढ़ोतरी की राशि और नए वेतनमान का विवरण अभी सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि विधेयक लागू होने के बाद बढ़ी हुई राशि कब से मिलेगी।
हत्या के पीड़ित परिवार की बेटी को सरकार ने क्या राहत दी?
कैबिनेट ने पलक्कड़ जिले के नेनमारा दोहरे हत्याकांड में मारे गए सुधाकरन की बेटी अतुल्या को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है। इस मामले में 27 जनवरी 2025 को आरोपी चेंथामारा ने सुधाकरन की हत्या कर दी थी। इसके साथ ही अतुल्या की छोटी बहन अखिला की उच्च शिक्षा के लिए विशेष आर्थिक सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है। इन फैसलों का उद्देश्य प्रभावित परिवार को आर्थिक सहारा देना और छोटी बेटी की पढ़ाई में मदद करना है।
आवास योजना में किन परिवारों को मिलेगा ज्यादा पैसा?
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मछुआरा समुदाय के परिवारों के लिए विशेष आवास योजना को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इसके तहत घर बनाने के लिए मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाई गई है।
- अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए सहायता चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये की गई है।
- मछुआरा परिवारों के लिए भी सहायता चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये की गई है।
- अनुसूचित जनजाति के परिवारों के लिए सहायता छह लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है।
- इस बदलाव से इन समुदायों के पात्र परिवारों को घर बनाने के लिए पहले से अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
पुलिस भर्ती और खिलाड़ियों के लिए कैबिनेट ने क्या फैसले किए?
कैबिनेट ने 2026 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए निशानेबाजी में दो रजत पदक जीतने वाले विदर्शा के. विनोद को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है। इसके अलावा, पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कांस्टेबल भर्ती में पुरुषों और महिलाओं का अनुपात 9:1 से बदलकर 7:3 करने का निर्णय लिया गया है। इसका मतलब है कि भर्ती में महिलाओं के लिए पहले के मुकाबले अधिक हिस्सेदारी तय की जाएगी। कैबिनेट ने पुलिस विभाग में दोबारा आवंटित 86 सब-इंस्पेक्टर पदों में से 48 रिक्तियों को नियमित रिक्तियों के रूप में केरल लोक सेवा आयोग को भेजने का भी फैसला किया है।
पिछड़े वर्गों की सूची में किन समुदायों को शामिल करने की मंजूरी मिली?
केरल राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश पर कैबिनेट ने पट्टरिया और सालिया समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी की सूची में शामिल करने की मंजूरी दी है। पट्टरिया समुदाय को क्रम संख्या 55 और सालिया समुदाय को क्रम संख्या 62 पर शामिल किया जाएगा। यह बदलाव केरल राज्य और अधीनस्थ सेवा नियम, 1958 के भाग-एक की अनुसूची सूची तीन से संबंधित है। इस फैसले के बाद संबंधित नियमों के तहत सूची में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।