{"_id":"630662588c97ca01c047800a","slug":"kerala-youth-sentenced-to-62-years-in-jail-for-raping-and-impregnating-teen-girl","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 62 साल की जेल और जुर्माना, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 62 साल की जेल और जुर्माना, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सजा
Wed, 24 Aug 2022 11:09 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इडुक्की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इडुक्की
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 24 Aug 2022 11:09 PM IST
सार
केरल में फास्ट ट्रैक अदालत ने बुधवार को एक नाबालिग से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के मामले में सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल मिलाकर 62 साल कैद के साथ ही 1.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला
- फोटो : amar ujala
विस्तार
केरल के इडुक्की जिले में फास्ट ट्रैक अदालत ने बुधवार को एक नाबालिग से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के मामले में फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक अदालत ने इन दोनों मामलों में आरोपी युवक को कुल मिलाकर 62 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा अदालत ने निर्देश दिया कि दोषी पर लगाए गए जुर्माने के अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता के पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये अतिरिक्त देने चाहिए।
विज्ञापन
एसपीपी एस एस सनीश ने अदालत के फैसले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इडुक्की फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश टीजी वर्गीज ने नाबालिग को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 40 साल कैद की सजा नाबालिग को गर्भवती करने के लिए सुनाई। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत चूंकि यह सबसे ज्यादा सजा है, इसलिए आरोपी 40 साल जेल की सजा काटेगा। इसके अलावा, अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की दो अन्य धाराओं के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध में क्रमश: 20 साल और दो साल कैद की सजा भी सुनाई। इसके अलावा अदालत ने आरोपी 24 वर्षीय युवक पर 1.55 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
एसपीपी एस एस सनीश ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी ने 15 वर्षीय लड़की से दोस्ती की थी। इसके बाद उसने अप्रैल 2020 में उसके साथ बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया। जब लड़की के माता-पिता को इसके बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने चाइल्डलाइन को सूचित किया। जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
एसपीपी ने बताया कि इस मामले में सजा सुनाने से पहले अदालत ने 24 गवाहों और 31 दस्तावेजों की जांच की। एसपीपी ने यह भी कहा कि फोरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी का अपराध साबित करने में भी मदद की थी।