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Kerala: तनूर नौका हादसे में बंदरगाह के दो अधिकारी गिरफ्तार, 15 बच्चों सहित 22 लोगों की हुई थी मौत
Wed, 14 Jun 2023 06:30 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, मलप्पुरम।
एजेंसी, मलप्पुरम।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 14 Jun 2023 06:30 AM IST
सार
एसआईटी ने बेपोर बंदरगाह (Beypore Port) के प्रभारी वरिष्ठ संरक्षक वीवी प्रसाद और अलपुझा पोर्ट (Alappuzha Port) के मुख्य सर्वेक्षक सेबेस्टियन जोसेफ को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया, दोनों अधिकारियों को ड्यूटी में चूक के कारण गिरफ्तार किया गया।
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दुर्घटनाग्रस्त हुई नाव को देखते तनूर के स्थानीय निवासी (फाइल फोटो)।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केरल पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को तनूर नौका त्रासदी के सिलसिले में बंदरगाह के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। हादसा सात मई को हुआ था, जिसमें 15 बच्चों सहित 22 लोगों की मौत हो गई थी।
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एसआईटी ने बेपोर बंदरगाह (Beypore Port) के प्रभारी वरिष्ठ संरक्षक वीवी प्रसाद और अलपुझा पोर्ट (Alappuzha Port) के मुख्य सर्वेक्षक सेबेस्टियन जोसेफ को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया, दोनों अधिकारियों को ड्यूटी में चूक के कारण गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि इसके साथ ही नाव हादसे के सिलसिले में पुलिस ने अब तक कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कुल लोगों में से तीन को आरोपी मालिक को शरण देने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब तीनों जमानत पर बाहर हैं। पुलिस के मुताबिक, सात मई को शाम करीब साढ़े सात बजे तनूर में थूवलथीरम बीच (Thoovaltheeram beach) के पास नाव पलट गई थी। जिले के अधिकारियों के मुताबिक, नाव हादसे में मारे गये लोगों में से 15 नाबालिग थे जिसकी उम्र आठ महीने से 17 वर्ष के बीच थी। हादसे के वक्त नाव में कुल 37 लोग सवार थे।
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गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने नौ मई को मलप्पुरम जिले के तनूर इलाके में हुई नाव दुर्घटना को ‘हैरान करने वाला’ और ‘भयावह’ करार दिया था और स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट यह पता लगाना चाह रही थी कि अधिकारियों ने कथित रूप से नियमों का उल्लंघन करके जहाज को संचालन की अनुमति क्यों दी। केरल सरकार ने मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की थी और मृतक के परिजनों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया था।