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केरल : तीन सरकारी अस्पतालों ने गर्भवती का इलाज करने से किया मना, मानवाधिकार आयोग ने दर्ज किया केस
Sun, 19 Sep 2021 02:26 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम
एजेंसी, तिरुवनंतपुरम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 19 Sep 2021 02:26 AM IST
सार
केरल के तीन सरकारी अस्पतालों द्वारा गर्भवती को इलाज न मिलने पर बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया। राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामला दर्ज कर कोल्लम जिला चिकित्सा अधिकारी को इस पूरे मामले की जांच करने और तीन हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
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गर्भवती महिला- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : shutterstock
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विस्तार
केरल के तीन सरकारी अस्पतालों द्वारा गर्भवती का इलाज करने से इनकार के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। गर्भवती को समय पर इलाज न मिलने से बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया।
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केरल का मामला, मरा बच्चा पैदा होने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आठ महीने की गर्भवती मीरा ने पहले कोल्लम के दो सरकारी अस्पतालों में इलाज की मांग की, लेकिन वहां से लौटा दिए जाने के बाद वह श्री अवित्तम तिरुनल अस्पताल पहुंची। वहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया।
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इस बीच प्रसव हो गया और बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ। राज्य मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष वीके बीना कुमारी ने मामला दर्ज कर कोल्लम जिला चिकित्सा अधिकारी को इस पूरे मामले की जांच करने और तीन हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
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