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NIA: प्रोफेसर की हथेली काटने के मामले में 13 साल से फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तार; अब तक 19 आरोपियों पर दोष साबित

Wed, 10 Jan 2024 04:41 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 10 Jan 2024 04:41 PM IST
सार

केरल के प्रोफेसर की हथेली काटने और जानलेवा हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। खबरों के मुताबिक आरोपी 13 साल से फरार था।

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Kerala Professor TJ Joseph palm-chopping case NIA arrest main accused total 19 convict
एनआईए (प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केरल के प्रोफेसर टीजे जोसेफ पर जानलेवा हमला मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच पूरी हो चुकी है। एनआईए का दावा है कि प्रोफेसर की हथेली काटने के मामले में 13 साल से फरार मुख्य आरोपी- सवाद को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए 10 लाख रुपये का इनाम भी रखा गया था। 
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13 वर्षों से फरार मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
एनआईए ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की जांच पूरी हो चुकी है। मुख्य आरोपी सवाद पिछले 13 वर्षों से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद एनआईए ने आरोपी को केरल के कन्नूर में मट्टनूर इलाके से गिरफ्तार किया गया।
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प्रोफेसर पर जानलेवा हमला; NIA ने 2011 में दर्ज की थी चार्जशीट
सवाद पर लगे आरोपों के मुताबिक 2010 में प्रोफेसर टीजे जोसेफ की हथेली काटकर उनकी हत्या का प्रयास किया गया। 13 साल पुराने मामले में एनआईए ने हत्या के प्रयास के अलावा कई गंभीर धाराओं में सवाद के खिलाफ आरोप लगाए। मुख्य आरोपी के रूप में सवाद और अन्य आरोपियों के खिलाफ इस मामले में 10 जनवरी 2011 को आरोप पत्र दायर किया था।
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IPC और UAPA के तहत 19 आरोपियों पर दोष साबित
प्रोफेसर टीजे जोसेफ पर हमले को भारत में इसे अपनी तरह का पहला मामला माना गया। इसे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की हिंसक उग्रवादी विचारधारा को दिखाने वाली घटना माना गया। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी- अब भारतीय न्याय संहिता) और गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत विभिन्न अपराधों और आरोपों में कुल 19 आरोपियों को अदालत दोषी करार चुकी है।

आजीवन कारावास, आठ साल की जेल और जुर्माने की कठोर सजा
लंबी अदालती कार्रवाई के बाद अब तक कुल 19 आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है। इनमें से तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 10 अन्य को आठ साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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