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Ram Mandir: केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर अयोध्या के राम मंदिर को देगा 'ओनाविलु' का उपहार, जानिए इसके बारे में
Thu, 18 Jan 2024 11:56 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:56 AM IST
सार
पद्मनाभस्वामी मंदिर के पुजारी और मंदिर प्रशासन समिति के सदस्य इस ओनाविलु को श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को एक समारोह में शाम साढ़े पांच बजे सौंपेंगे।
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पद्मनाभस्वामी मंदिर
- फोटो : Social media
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विस्तार
अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी। भगवान राम के आगमन पर देशभर के मंदिरों से उपहार भेजे जाएंगे। केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर द्वारा भगवान राम को उपहारस्वरूप 'ओनाविलु' भेंट किया जाएगा। ओनाविलु एक पारंपरिक वाद्य यंत्र है, जो छोटे धनुष के आकार का होता है।
राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा 'ओनाविलु'
जिस ओनाविलु को भगवान राम को उपहार स्वरूप भेजा जाएगा, उसे गुरुवार सुबह से भक्त भी देख सकेंगे। पद्मनाभस्वामी मंदिर के पुजारी और मंदिर प्रशासन समिति के सदस्य इस ओनाविलु को श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को एक समारोह में शाम साढ़े पांच बजे सौंपेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। 22 जनवरी को ही मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति स्थापित और प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अनुष्ठान शुरू
श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बुधवार को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त 22 जनवरी को दोपहर साढ़े 12 बजे का है। काले पत्थर की बनी रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मूर्ति को मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए अनुष्ठान मंगलवार से शुरू हो गए हैं और 22 जनवरी तक चलेंगे। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर में 11 हजार से ज्यादा लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी मेहमानों को एक विशेष उपहार भी दिया जाएगा। लक्ष्मीकांत दीक्षित के नेतृत्व में पुजारियों की एक टीम प्राण प्रतिष्ठा के सभी अनुष्ठान पूरा करेगी।
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उल्लेखनीय है कि पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और भगवान राम को भी भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और पुराणों में भी इसका जिक्र है। श्रीमद भागवत के अनुसार बलराम भी इस मंदिर में आए थे और उन्होंने यहां के पवित्र सरोवर पद्मतीर्थम में स्नान भी किया था।
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राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा 'ओनाविलु'
जिस ओनाविलु को भगवान राम को उपहार स्वरूप भेजा जाएगा, उसे गुरुवार सुबह से भक्त भी देख सकेंगे। पद्मनाभस्वामी मंदिर के पुजारी और मंदिर प्रशासन समिति के सदस्य इस ओनाविलु को श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को एक समारोह में शाम साढ़े पांच बजे सौंपेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। 22 जनवरी को ही मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति स्थापित और प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी।
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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अनुष्ठान शुरू
श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बुधवार को बताया कि प्राण प्रतिष्ठा का शुभ मुहूर्त 22 जनवरी को दोपहर साढ़े 12 बजे का है। काले पत्थर की बनी रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस मूर्ति को मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए अनुष्ठान मंगलवार से शुरू हो गए हैं और 22 जनवरी तक चलेंगे। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर में 11 हजार से ज्यादा लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी मेहमानों को एक विशेष उपहार भी दिया जाएगा। लक्ष्मीकांत दीक्षित के नेतृत्व में पुजारियों की एक टीम प्राण प्रतिष्ठा के सभी अनुष्ठान पूरा करेगी।
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उल्लेखनीय है कि पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और भगवान राम को भी भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और पुराणों में भी इसका जिक्र है। श्रीमद भागवत के अनुसार बलराम भी इस मंदिर में आए थे और उन्होंने यहां के पवित्र सरोवर पद्मतीर्थम में स्नान भी किया था।